
यूकेलिप्टस जिसको हम नीलगिरी के नाम से भी जानते हैं, काफी मज़बूत पेड़ होता है जिसका तेल बहुत सुगंधित होता है। इसका तेल शरीर के लिए भी लाभप्रद है। यूकेलिप्टस रोगाणुओं का नाश करता है और त्वचा में जल्दी समा कर ठंडक का एहसास देता है। इसके अलावा इसके तेल से मसाज करने से फोड़ा, फुंसी या किसी कीट के काटने का जख्म भी ठीक हो जाता है। चलिए जानते हैं कि यूकेलिप्टस का हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभव पड़ता है-
क्या हैं फायदे-
दवा- निलगिरी का तेल एक प्राकृतिक दुर्गन्ध नाशक और त्वचा के कई संक्रमणों को ठीक करने की शक्ति रखता है। यह तेल म्यूकस डिस्चार्ज, घावों, योनि और गैंग्रीन संक्रमण को भी दूर करता है। अगर त्वचा में पस जमा हुआ है तो निलगिरी का तेल उसके लिए सबसे श्रेष्ठ दवाई मानी जाती है।
पीड़ानाशक- यह तेल एक प्राकृतिक पीड़ानाशक भी है जो जोड़ों और शरीर के दर्द से मुक्ती दिलाता है। इसको गरम पानी में डालकर नहाने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। कुछ लोग अच्छे रिजल्ट के लिए इस तेल के साथ लेवेंडर का तेल भी मिला कर प्रयोग करते हैं।
मसाज- नीलगिरी के तेल से मसाज करने से त्वचा कोमल बनती है और स्ट्रेच मार्क्स तथा दाग धब्बे दूर होते हैं। कंधे और पीठ की मसाज के लिए विटामिन ई युक्त निलगिरी का तेल इस्तमाल करना चाहिए। इससे आराम से मसाज हो जाती है।
आफ्टर शेव- शेव करने के बाद कुछ बूंदे निलगिरी के तेल की लगाने से त्वचा कोमल होती है। यह एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवाइरल के रुप में काम करता है। यह त्वचा की कुछ गंभीर बीमारियों को भी ठीक करने में असरदार होता है।
शरीर की देखभाल- नीलगिरी के तेल को आंटे या फिर मुल्तानी मिट्टी के साथ मिला कर स्क्रब के रुप में भी इस्तमाल किया जा सकता है। यह चिपचिपा रहित तेल आपकी त्वचा को पोषण देगा तथा टोनिंग और शरीर की पॉलिशिंग करके आपको कोमल और सुंदर बनाएगा।
क्या हैं फायदे-
दवा- निलगिरी का तेल एक प्राकृतिक दुर्गन्ध नाशक और त्वचा के कई संक्रमणों को ठीक करने की शक्ति रखता है। यह तेल म्यूकस डिस्चार्ज, घावों, योनि और गैंग्रीन संक्रमण को भी दूर करता है। अगर त्वचा में पस जमा हुआ है तो निलगिरी का तेल उसके लिए सबसे श्रेष्ठ दवाई मानी जाती है।
पीड़ानाशक- यह तेल एक प्राकृतिक पीड़ानाशक भी है जो जोड़ों और शरीर के दर्द से मुक्ती दिलाता है। इसको गरम पानी में डालकर नहाने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। कुछ लोग अच्छे रिजल्ट के लिए इस तेल के साथ लेवेंडर का तेल भी मिला कर प्रयोग करते हैं।
मसाज- नीलगिरी के तेल से मसाज करने से त्वचा कोमल बनती है और स्ट्रेच मार्क्स तथा दाग धब्बे दूर होते हैं। कंधे और पीठ की मसाज के लिए विटामिन ई युक्त निलगिरी का तेल इस्तमाल करना चाहिए। इससे आराम से मसाज हो जाती है।
आफ्टर शेव- शेव करने के बाद कुछ बूंदे निलगिरी के तेल की लगाने से त्वचा कोमल होती है। यह एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवाइरल के रुप में काम करता है। यह त्वचा की कुछ गंभीर बीमारियों को भी ठीक करने में असरदार होता है।
शरीर की देखभाल- नीलगिरी के तेल को आंटे या फिर मुल्तानी मिट्टी के साथ मिला कर स्क्रब के रुप में भी इस्तमाल किया जा सकता है। यह चिपचिपा रहित तेल आपकी त्वचा को पोषण देगा तथा टोनिंग और शरीर की पॉलिशिंग करके आपको कोमल और सुंदर बनाएगा।













