भारतीय घरों में जीरा खाने का स्वाद बढ़ाने का काम करता है। लेकिन जीरे की उपयोगिता केवल आपके रसोई घर तक ही सीमित नहीं है। कई रोगों में दवा के रूप में भी जीरे का उपयोग किया जा सकता है। सालों से जीरा आयुर्वेदिक तरीके से इस्तमाल किया जाता आ रहा है। आइये जानते हैं सौंफ की तरह दिखने वाले इस जीरे के बारे में कि यह किस तरह से हमारे रोगों को हरने में लाभदायक साबित हो सकता है।

जीरा खाने का लाभ
1. जीरा आयरन का सबसे अच्छा स्त्रोत है, जिसे नियमित रूप से खाने से खून की कमी दूर होती है। साथ ही गर्भवती महिलाएं, जिन्हें इस समय खून और आयरन की जरुरत होती है, उनके लिये जीरा अमृत का काम करता है।
2. जिन लोगो को पेट संबंधी रोग की शिकायत रहती है और खाना हजम नहीं होता, उन्हें इसका सेवन जरुर करना चाहिये।
3. एसिडिटी से तुरंत राहत पाने के लिये, एक चुटकी कच्चा जीरा ले कर मुंह में डाल कर खाने से फायदा मिलता है।
4. इसमें एंटीसेप्टिक तत्व भी पाया जाता है, जो कि सीने में जमे हुए कफ को निकाल कर बाहर करता है और सर्दी-जुखाम से राहत दिलाता है। यह गरम होता है इसलिये यह कफ को बिल्कुल अच्छी तरह से सुखा देता है।
5. जब भी सर्दी-जुखाम हो, तो एक ग्लास पानी में जीरा ले कर उबाल लें और इस पानी को पिएं। कई साउथ इंडियन घरों में सादा उबला पानी न पी कर 'जीरा पानी' पिया जाता है।
6. जीरा खाने से लीवर मजबूत होता है और उसकी शरीर से गंदगी निकालने की क्षमता में भी सुधार आता है।
7. ब्लड में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए आघा छोटा चम्मच पिसा जीरा दिन में दो बार पानी के साथ पीएं। डायबिटीज रोगियों को यह काफी फायदा पहुंचाता है।
8. कब्जियत की शिकायत होने पर जीरा, काली मिर्च, सोंठ और करी पावडर को बराबर मात्रा में लें और मिश्रण तैयार कर लें। इसमें स्वादानुसार नमक डालकर घी में मिलाएं और चावल के साथ खाएं। पेट साफ रहेगा और कब्जियत में राहत मिलेगी।
9. यदि आप नींद न आने की बीमारी से ग्रस्त हैं तो एक छोटा चम्मच भुना जीरा पके हुए केले के साथ मैश करके रोजाना रात के खाने के बाद खाएं



















