
काली मिर्च जो कि किंग ऑफ स्पाइस के नाम से जानी जाती है एक महत्वपूर्ण मसालों में से एक है। यह दक्षिण भारत में अधिकतर में पाई जाती है पर अब इसे अधिकतर ट्रौपिकल देशों में उगाया जाता है। भोजन में काली मिर्च का उपयोग गर्म मसालों में किया जाता है। मसाले के अतिरिक्त काली मिर्च का उपयोग कई रोगों में भी किया जाता है।
नेत्र रोगों में: काली मिर्च का प्रयोग नेत्र ज्योति में बड़ा सहायक होता है। इसके पाउडर को शुद्ध् देशी घी के साथ मिला कर खाने से आंखों की ज्योति के साथ साथ आंखों के कई रोग भी दूर होते हैं।
श्वास संबन्धी रोगों में: आधी चम्मच काली मिर्च के पाउडर को थोडे गुड में मिला कर इसकी छोटी छोटी गोलियां बना कर चूसने से खांसी में आराम मिलता है। पानी में तुलसी, काली मिर्च, अदरक लौंग और इलाइची के साथ उबालकर इसकी चाय बना कर पीने से जुखाम व बुखार में लाभ होता है। बारीक पिसी काली मिर्च, गुलहठी और मिश्री मिला कर रख दें, इस मिश्रण को एक चुटकी शहद के साथ मिला कर खाने से गले की तकलीफ में लाभ होता है तथा आवाज भी साफ होती है।
पाचन तंत्र संबन्धी रोगों में: काली मिर्च को किशमिश के साथ मिलाकर 2 से 3 बार चबाकर खाने से पेट के कीड़े दूर होते हैं। छाछ में काली मिर्च पाउडर मिला कर पीने से पेट के कीडे मर जाते हैं। नींबू के टुकडों से बीज निकालकर इसमें पिसा काला नमक और काली मिर्च पाउडर भर कर गर्म कर के चूसने से बदहजमी में लाभ मिलता है। एक कप गर्म पानी में 3-4 पिसी काली मिर्च के साथ नींबू का रस मिला कर पीने से गैस की शिकायत दूर होती है।
अन्य रोगों में: नमक के साथ काली मिर्च मिला कर दोतों में मंजन करने से पायरिया ठीक होता है तथा दांतो में चमक और मजबूती बढती है।
पिसी काली मिर्च को थोडे से शहद के साथ मिला कर खाने से स्मरण शक्ति बढती है। पिसी काली मिर्च को तिल के तेल में जलने तक गरम करें, ठंडा करके इस तेल को मांस पेशियों पर लगाने से गठिया के दर्द में फायदा होता है।
नेत्र रोगों में: काली मिर्च का प्रयोग नेत्र ज्योति में बड़ा सहायक होता है। इसके पाउडर को शुद्ध् देशी घी के साथ मिला कर खाने से आंखों की ज्योति के साथ साथ आंखों के कई रोग भी दूर होते हैं।
श्वास संबन्धी रोगों में: आधी चम्मच काली मिर्च के पाउडर को थोडे गुड में मिला कर इसकी छोटी छोटी गोलियां बना कर चूसने से खांसी में आराम मिलता है। पानी में तुलसी, काली मिर्च, अदरक लौंग और इलाइची के साथ उबालकर इसकी चाय बना कर पीने से जुखाम व बुखार में लाभ होता है। बारीक पिसी काली मिर्च, गुलहठी और मिश्री मिला कर रख दें, इस मिश्रण को एक चुटकी शहद के साथ मिला कर खाने से गले की तकलीफ में लाभ होता है तथा आवाज भी साफ होती है।
पाचन तंत्र संबन्धी रोगों में: काली मिर्च को किशमिश के साथ मिलाकर 2 से 3 बार चबाकर खाने से पेट के कीड़े दूर होते हैं। छाछ में काली मिर्च पाउडर मिला कर पीने से पेट के कीडे मर जाते हैं। नींबू के टुकडों से बीज निकालकर इसमें पिसा काला नमक और काली मिर्च पाउडर भर कर गर्म कर के चूसने से बदहजमी में लाभ मिलता है। एक कप गर्म पानी में 3-4 पिसी काली मिर्च के साथ नींबू का रस मिला कर पीने से गैस की शिकायत दूर होती है।
अन्य रोगों में: नमक के साथ काली मिर्च मिला कर दोतों में मंजन करने से पायरिया ठीक होता है तथा दांतो में चमक और मजबूती बढती है।
पिसी काली मिर्च को थोडे से शहद के साथ मिला कर खाने से स्मरण शक्ति बढती है। पिसी काली मिर्च को तिल के तेल में जलने तक गरम करें, ठंडा करके इस तेल को मांस पेशियों पर लगाने से गठिया के दर्द में फायदा होता है।














