हमेशा से हमें यही बताया जाता आ रहा है ब्रेड हमारे स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है और रोटी खाना फायदेमंद। पहले के समय में जब ब्रेड सफेद हुआ करती थी, तो लोग रोटी खाने पर ज्यादा जोर देते थे। लेकिन आज बाजार में कई तरह की मल्टी ग्रेन और वीट ब्रेड उपलब्ध होने लगी हैं, जिस वजह से लोग रोटी की जगह इसे खाने लगे हैं। लेकिन रोटी जो की गेहूं से बनी होती है, क्या अब हमारे प्लेटों से गायब होने लगेगी? इसके लिये जरुरी है कि हम दोंनो के बीच के अंतर को समझे और वही खाएं जो हमारे स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद हो।

ब्रेड क्या होती है? ब्रेड एक प्रधान भोजन है, जो कि पानी, आटा और कभी-कभार कई अन्य अनाज मिला कर बनाई जाती है। ब्रेड या तो बेक की जाती है या फिर स्टीम और फ्राई। न्यूट्रिनिस्ट के अनुसार, जब ब्रेड को पकाया जाता है, तब इसमें से भारी मात्रा में रेशा हटा दिया जाता है। यह एक तरह का सम्पूर्ण आहार माना जाता है, जो कि पाचन और मल त्यागने में मजबूत कार्य निभाता है।
रोटी क्या होती है? वहीं पर रोटी पूरे साउथ एशिया में एक प्रधान भोजन के तौर पर खाई जाती है। इसको बनाने के लिये अनाज के आटे का प्रयोग किया जाता है। आटा बनाते वक्त उसमें से रेशा नहीं निकाला जाता है, जिस वजह से रोटी स्वास्थ्य वर्ध मानी जाती है और वह पोषण के लिहाज से भी अच्छी होती है।
ब्रेड को बेक करने के लिये यीस्ट का प्रयोग होता है, तो वहीं पर रोटी को बनाने के लिये किसी प्रकार के यीस्ट का उपयोग नहीं किया जाता। जब बात पाचन की आती है, तब कई लोंगो को यीस्ट हजम करने में समस्या आती है।
लेकिन आजकल ब्रेड कई तरीकों से बनाई जाती हैं, जिसमें साबुत अनाज का प्रयोग किया जाता है। इसलिये यह कई मायनों में बेहतर मानी जाती है। कमी इस बात की है कि ये ब्रेड आपको महंगे स्टोर्स में मिलेंगी और इन्हें आप ज्यादा दिनों तक सुरक्षित कर के नहीं रख सकते। वहीं पर ब्राउन ब्रेड और वाइट ब्रेड आराम से किसी भी किराना स्टोर पर मिल जाएगी।
दूसरी ओर, रोटी घर पर बनाई जा सकती है, जिसमें किसी भी प्रकार का प्रिजर्वेटिव नहीं मिला होता है। यह साबुत अनाज से बनाई जाती है, जैसे जौ, बाजरा, गेहूं या फिर बाजरा आदि।
अब तो आप समझ ही चुके होंगे की रोटी किस प्रकार से ब्रेड के मामले में स्वास्थ्य वर्धक है।



















