तेल का पुन: उपयोग – क्‍या स्वास्थ्य के लिए यह हानिकारक है?

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खाना पकाने के लिए तेल एक आवश्यक घटक है विशेष रूप से भारतीय खाने में। तड़के से लेकर सब्जियां बघारने तक में तेल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह खाना बनाने का सबसे पहला चरण है। गैस पर एक बर्तन रखिये और उसमें कुछ तेल डालिए। क्योंकि इसका बहुत अधिक उपयोग किया जाता है अत: लोग इसका पुन: पुन: उपयोग करते हैं। परंतु क्या यह सुरक्षित है? क्या इसके कारण स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं आ सकती हैं? आईये देखते हैं।

क्या होता है जब आप तलने के लिए एक ही तेल का उपयोग बार बार करते हैं?

तेल का पुन: उपयोग करने से ऐसा हो सकता है कि कुछ मुक्त कणों का निर्माण हो जो आगे चलकर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। आहार विशेषज्ञ के अनुसार “ये मुक्त कण स्वस्थ कोशिकाओं से जुड़ जाते हैं और बीमारियाँ पैदा करते हैं। ये मुक्त कण कैंसर पैदा करने वाले हो सकते हैं अर्थात इनके कारण कैंसर हो सकता है तथा धमनियों में ख़राब कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ सकता है और धमनियों में रूकावट आ सकती है।

  Reusing oil — why is it dangerous for your health?

तेल का पुन: उपयोग करने से होने वाली कुछ अन्य हानियाँ इस प्रकार हैं:

  1. एसिडिटी
  2. हार्ट डिज़ीज़ (हृदय की बीमारी)
  3. अल्ज़ाइमर और पार्किंसंस डिज़ीज़
  4. गले में तकलीफ (सांस लेने के कारण)

आप तेल का पुन: उपयोग कितनी बार कर सकते हैं?

पोषणविदों के अनुसार, ‘ऐसा नहीं कहा जा सकता कि किसी तेल का उपयोग कितनी बार किया जा सकता है क्योंकि यह कुछ कारकों पर निर्भर करता है जैसे किस तेल का उपयोग किया गया, तेल को कितनी देर तक गर्म किया गया, इसका उपयोग डीप फ्राइंग(तलने के लिए) के लिए किया गया या शैलो फ्राइंग के लिए, उसमें किस प्रकार का खाना बनाया गया आदि...’    खाना पकाने के 20 सही तरीके

हालाँकि प्रत्येक समय नए तेल का उपयोग करना अच्छा माना जाता है परंतु यह व्यावहारिक नहीं है। परंतु यदि उचित तरीके से किया जाए तो आप तेल का पुन: उपयोग करने से होने वाले दुष्प्रभावों से बच सकते हैं। यहाँ प्रिया आपको तेल को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने के तरीके बता रही हैं।

1. इस बात का ध्यान रखें कि खाना बनाने के बाद या तलने के बाद जो तेल बच जाए उसे ठंडा करने के बाद ही कपड़े का छन्नी से छानकर एयर टाइट डिब्बे में भरें। इससे तेल में उपस्थित अन्न के कण जो तेल को जल्दी ख़राब कर सकते हैं, निकल जायेंगे।

2. प्रत्येक बार तेल का पुन: उपयोग करते समय उसके रंग और गाढ़ेपन की जांच करें। यदि यह गहरे रंग का है और चिपचिपा है तो इसका उपयोग न करें। गुणकारी है तिल का तेल

3. इसके अलावा यदि तेल अपेक्षा से बहुत जल्दी गर्म होने लगे तो इसे भी फेंक देना चाहिए क्योंकि इसमें एचएनई एकत्र हो जाता है जो कि एक विषाक्त पदार्थ होता है जिसके कारण कई प्रकार की बीमारियाँ जैसे पार्किंसंस, अल्ज़ाइमर, हृदयाघात, लीवर से संबंधित बीमारियाँ आदि हो सकती हैं।

4. एक अन्य ध्यान रखने योग्य बात यह है कि सभी तेल समान नहीं होते। कुछ तेल बहुत अधिक तापमान पर गर्म होते हैं अर्थात इनका उपयोग तलने या डीप फ्राइंग के लिए किया जा सकता है। सामान्यत: ये उच्च तापमान पर टूटते नहीं हैं। इस प्रकार के तेलों में सनफ्लावर, सोयाबीन, राईस ब्रान, मूंगफली, तिल, सरसों और कैनोला ऑइल आते हैं। तेल जैसे ऑलिव ऑइल बहुत जल्दी गर्म हो जाते हैं अत: इनका उपयोग सिर्फ भूनने के लिए करना चाहिए जिसमें बहुत अधिक तापमान की आवश्यकता नहीं होती है। अत: सुनिश्चित करें कि आप कुकिंग के लिए गलत तेल का उपयोग तो नहीं कर रही हैं तथा निश्चित तौर पर पुन: तलने के लिए इस तेल उपयोग न करें।

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Story first published: Monday, May 19, 2014, 10:10 [IST]
English summary

Reusing oil — why is it dangerous for your health?

Oil is a very essential part of cooking, especially Indian cooking. Right from the tadka to the sautéing of vegetables, oil comes into play. It is usually the first step of cooking. Place a pan on the gas and pour some oil into it. Since it is so frequently used, often people tend to reuse it several times. But is this practice safe? Can it lead to health problems? Let’s find out.
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