आजकल सबसे ज्यादा बीमारियां गंदा पानी पीने की वजह से ही फैलती हैं। इसलिये अक्सर देखा जाता है कि हर घर में एक पानी का फिल्टर जरुर लगा होता है। लेकिन कई परिवारों का ऐसा मानना है कि अगर आपने एक बार फिल्टर खरीद लिया है तो अब दुबारा उसे बदलने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। पर ऐसा नहीं होता है, कोई भी फिल्टर आपको बीमारियों से लड़ने की 100 प्रतिशत गारंटी नहीं दे सकता है। वॉटर फिल्टर के बारे में अभी तक आप जो कुछ भी सुनते आए हैं, उस धारणा को बदलने के लिये पढ़े -

किस प्रकार का वॉटर फिल्टर प्रयोग करते हैं?
हम में से कई लोगो को यह नहीं पता होता है कि हम घर पर किस प्रकार का फिल्टर प्रयोग करते हैं। अक्सर हम वही फिल्टर ले लेते हैं जिसका हम अधिक प्रचार देखते हैं या फिर जो मार्केट में भारी मात्रा में उपलब्ध होता है। दो प्रकार के फिल्टर होते हैं, गरम और ठंडा। अधिकतर घरों में इस्तमाल किये जाने वाले आधुनिक फिल्टर ठंडे ही होते हैं, जिसे नल से पानी डाल कर पीने लायक बनाया जाता है।
अखिरी बार कब आपने फिल्टर साफ किया था?
आपका फिल्टर एक चाय छानने वाली छननी की तरह है, जिससे गुजर कर गंदा पानी साफ हो जाता है। अगर आप उस छननी को रोजाना साफ नहीं करेगे तो चाय में चाय की पत्ती तैरती नजर आने लगेगी। इसी तरह से अगर घर पर सिरेमिक फिल्टर का प्रयोग कर रहे हों तो यह बहुत जरुरी है कि उसकी परत को स्क्रेच कर के साफ किया जाए। इससे उस पर जमी हुई गंदगी बिल्कुल साफ हो जाएगी।
आखिरी बार आपने फिल्टर कब बदला था?
अपने फिल्टर को कभी-कभार ही साफ करना पर्याप्त नहीं होता। कभी ऐसा भी होता है कि फिल्टर को एकदम से ही बदलना पड़ता है। आजकल जो फिल्टर हम इस्तमाल करते हैं उनको पानी साफ करने के लिये कार्बन क्लीनिंग विधि की जरुरत पडती है। दूसरे शब्द में कहें तो कार्बन कई तरही की गंदगी को अपने अंदर समा लेता है। वॉटर फिल्टर में कई परतें केवल कार्बन की ही होती हैं जिससे पानी पास होता है। यह कार्बन पानी के अंदर मौजूद गंदगी, किटाणु, माइक्रोब्स आदि को अपने अंदर ही स्टोर कर लेता है। 2 या 3 साल में आकपो अपना फिल्टर जरुर बदल लेना चाहिये। कई लोगो को इस बारे में जानकारी ना होने की वजह से वह फिल्टर को सालों साल इस्तमाल करते जाते हैं। वह नल से भी ज्यादा गंदा पानी पीते हैं और उन्हें इसके बारे में पता भी नहीं होता। इससे बचने के लिये हमेशा फिल्टर खरीदने पर मिले गए निर्देश पुस्तक को अच्छे से पढ़ लेना चाहिये। इससे आपको पता चलेगा कि आपका फिल्टर कितने दिनों तक चलेगा।



















