आंखों पर मोटा-मोटा चश्मा न पहनना पड़े इसके लिये लोग कान्टैक्ट लेंस लगाना ज्यादा पसंद करते हैं। आजकल तो इसका चलन काफी तेजी से फैल चुका है। हो सकता है कि यह कान्टैक्ट लेंस आपको एक गार्जियस लुक देता हो लेकिन इसके कुछ आम दुष्प्रभाव भी हैं, जिसके बारे में शायद ही आपको पता हो।

कान्टैक्ट लेंस के साइड इफेक्ट
1. साफ-सफाई: आंखें बहुत संवेदनशील होती हैं इसलिये अगर आप उनकी सफाई का ध्यान नहीं रखा जाएगा तो इन्फेक्शन होने का खतरा हो सकता है। इसके अलावा लेंस को जब भी पहने, तब उसके पहले उसे लेंस सल्यूशन से जरुर साफ करें। इसी तरह लेंस का उपयोग करने के बाद भी उसे सल्यूशन से साफ कर के तभी डिब्बे में रखें।
2. आंखों में जलन: जब आंखों में प्लास्टिक या सिलीकॉन लेंस लगाते हैं तो उसके तुरंत बाद आंखों में जलन का अनुभव होता है। लेकिन यह जलन कुछ समय के लिये ही रहती है। इसके साथ कभी-कभी आंखों की पलको पर लेंस लगाने की वजह से सूजन तक आ जाती है, फिर जब तक यह सूजन चली नहीं जाती तब तक लेंस लगाना असंभव हो जाता है।
3. आंखों में सूखापन: आंसू सूख जाते हैं या कहें कि टीयर ग्लैंड सूख जाते हैं और फिर आंखों में खुजली और सूखापन हो जाता है। ऐसा साइड इफेक्ट केवल ज्यादा देर तक कान्टैक्ट लेंस पहनने की वजह से ही होता है। कान्टैक्ट लेंस उतारने के कुछ समय बाद आंखों में जलन होती है, जो कि लेंस के द्रारा आंखों में सूखापन पैदा करने की वजह से होती है।
4. पानी इकठ्ठा होना: लेंस से इंट्राकुलर नामक तरल पदार्थ आंखों की रेटीना पर इकठ्ठा हो जाता है। इस पदार्थ से आइ इंफेक्शन होने का डर होता है। यह तभी होता है जब आप साफ्ट लेंस को रोज पहनते हैं।
5. एलर्जी: कान्टैक्ट लेंस को रोजाना पहनने से आंखों में एलर्जी पैदा हो जाती है। कई लोंगो को इस एलर्जी के बारे में नहीं पता होता लेकिन वे अंजाने में ही कान्टैक्ट लेंस का प्रयोग करते रहते हैं। लेंस को लगाने से आंखें लाल हो जाती हैं। ऐसा लेंस पर प्रयोग होने वाले सल्यूशन की वजह से होता है।



















