बकरी का दूध गाय के दूध से क्‍यूं अच्‍छा होता है?

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आपने अंतिम बार बकरी का दूध कब पिया था? शायद हजारों साल पहले| लेकिन क्या आप जानते हैं कि बकरी के दूध में गाय के दूध से ज्यादा पौष्टिक और स्वास्थ्यकर तत्व होते हैं| क्या आप जानते हैं कि बकरी के दूध का नियमित सेवन आपको ताकतवर बनाता है और बिमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है|

औषधि के समान है गाय का घी

यदि आप रोजाना गाय का दूध लेते हैं फिर भी आप कमजोरी महसूस कर रहे हैं तो आपको बकरी का दूध पीना शुरू कर देना चाहिए| आपको आश्चर्य हुआ ना कि बकरी का दूध इतना स्वास्थयकर कैसे है? इस पोस्ट में हम आपको इस बारे में बताएंगे| बैठें और पढ़ें|

1. पचाने में आसान

कुछ लोगों को गाय के दूध से गैस और सूजन या फुलावट की समस्या होती है| बकरी का दूध इन पेट से सम्बंधित विकारों का समाधान है| ऐसा इसलिए है क्यों कि बकरी के दूध में फैट के तत्व छोटे होते हैं और ये गाय के दूध की अपेक्षा जल्दी टूट या पच भी जाते हैं| इसके अलावा बकरी के दूध में मौजूद पोटेशियम की मात्रा मानव शरीर में क्षारीय गुण पैदा करता है| गाय के दूध में इन पोषक तत्वों की कमी होती है जिससे गैस जैसी समस्या पैदा होती है|

2. इसका प्राकृतिक रूप से एकरूप होने का गुण

होमाजनाइज़्ड का मतलब है एक रूपता|हम देख सकते हैं कि गाय के दूध में फैट होता है जिसकी पानी जैसी परत इसकी सतह पर आ जाती है| इसको दूर करने के लिए गाय के दूध के साथ एक प्रक्रिया करनी होती है जिसे होमाजनाइजेशन कहा जाता है इसके फैट के अणु ख़त्म हो जाते हैं| इससे क्रीम बनती है और दूध होमोजेनेस और अच्छा तरह मिला हुआ बनता है|

होमाजनाइजेशन के नुकसान भी हैं| इससे दूध में और साथ ही साथ हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स इकट्ठे होते हैं| ये आगे चलकर स्वास्थ्य से सम्बंधित परेशानियां पैदा करते हैं| बकरी का दूध प्राकृतिक रूप से होमोग्नाइज़्ड होता है और इसके साथ अन्य कोई प्रक्रिया करने की आवश्यकता नहीं होती है| इसलिए बकरी का दूध आपको होमाजनाइजेशन से दूर रखता है|

3. इससे एलर्जी कम होती है

गाय के दूध में हाई लेवल मिल्क प्रोटीन होता है जिसे कैसिइन कहते हैं| बहुत से बच्चों को इस दूध से एलर्जी होती हैं परिणामस्वरूप उलटी, दस्त, खुजली आदि होते हैं| इन एलेर्जीज से बचने के लिए बकरी के दूध को एक विकल्प के रूप में लिया जा सकता है| बकरी के दूध में कैसिइन की मात्रा काफी कम होती है|

4. 'लेक्टोज इंटॉलरेंस' जैसी समस्या नहीं:

लेक्टोज को भी मिल्क शुगर के रूप में जाना जाता है| इस लेक्टोज को पचाने के लिए मनुष्य शरीर में एक एंजाइम पैदा होता है जिसे लेक्टेस कहते हैं| जिन लोगों में लेक्टेस की कमी होती है उनमे 'लेक्टोज इंटॉलरेंस' जैसी समस्या रहती है| बकरी के दूध में लेक्टोज की मात्रा कम होती है जिससे यह पचाने में आसान रहता है|

5. अधिक पोषक:

बकरी के दूध में विटामिन ए की अधिकता होती है जिसे मानव शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित कर लिया जाता है| इसमें विटामिन बी-2 और राइबोफ्लेविन की मात्रा भी अधिक होती है जिसे प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स जैसे तत्व भी आसानी से पच जाते हैं| बकरी के दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और फास्फोरस की भी अधिकता होती है| यह एंटीबॉडीज का निर्माण कर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है| बकरी का दूध बायो-आर्गेनिक सोडियम का भी अच्छा स्त्रोत है जो पाचन क्षमता बढ़ाने वाले एन्जाइम्स पैदा करता है|

6. अन्‍य काम की बातें :

इसके पौष्टिक तत्वों के बावजूद भी यह स्‍वाद में अच्छा नहीं होता है| इसे अन्य रूपों में भी आप ले सकते हैं जैसे कि फैटा चीज़, गोट मिल्क चीज़, दही और गोआट मिल्क आइस क्रीम|

यदि आपके एरिया में फ्रेश और ओर्गानिक गोट मिल्क नहीं मिलता है तो आपको परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है| आप पैकेट पैक गोट मिल्क भी ले सकते हैं|

 

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Story first published: Wednesday, November 19, 2014, 15:05 [IST]
English summary

Is Goat Milk A Better Alternative To Cow Milk?

When was the last time you drank goat milk? below are five reasons why goat milk is a better alternative to cow milk. Hope you are now clear about the importance of goat milk.
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