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बस ऐसा हो सकता है

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Published: Friday, September 14, 2012, 17:34 [IST]

Just Be Zen Story
 

एक बहुत प्रसिद्ध समुराई (जापानी सैनिक) तलवार लड़ाई में अपने कौशल के लिए जाना जाता था। पूरे दिन मैदान में लड़ाई के बाद वह थका हुआ घर आया। जैसे ही वह अपने बिस्तर पर सोने लगा एक चूहा उसे उग्र रूप से देखने लगा। तलवारबाज ने तुरंत चूहे को मारने के लिए अपनी तलवार निकाली।

उसने तलवार के साथ चूहे को मारने की कोशिश की लेकिन उसका निशाना चूक गया और चूहा बच गया। उसने कई कोशिशें की, लेकिन सफलता नहीं मिली, हर बार कैसे तैसे चूहा बच गया। अंत में निरंतर व्यर्थ प्रयासों से उसकी तलवार टूट गई समुराई ने सोचा कि "यह कोई साधारण चूहा नहीं है। तलवारबाज तब बाहर निकला और रहस्यमय चूहे के बारे में अपनी पत्नी से कहा।

उसकी पत्नी उसकी मूर्खता पर हंसी और कहा कि तुम्हे इस कार्य के लिए तलवारबाजी की बजाय एक बिल्ली लानी चाहिए। इसलिए एक बिल्ली लाई गई, जो की कोई साधारण बिल्ली नहीं थी बल्कि एक योद्धा की तरह प्रशिक्षित थी।

जब वह चूहा बिल्ली की आँखों पर कूदा तो बिल्ली डर के मारे बहार भाग गई। यह बहुत बड़ी बात थी। राजा की बिल्ली जिसे चूहे पकड़ने की कला में महारत हासिल थी उसे भी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद राजा की बिल्ली ने चूहे को पकड़ने के लिए बिना प्रशिक्षण वाली किसी भी साधारण बिल्ली का सुझाव दिया। वह पूरे दिन सोती थी लकिन उसमे कुछ रहस्यमय था चूहे की दुनिया को कपानें के लिए।

यह आश्चर्य है की वह कब और कैसे चूहे को मारती है। वह सोती थी लकिन उसकी उपस्थिति ही चूहों को डराने के लिए पर्याप्त थी| राजा की बिल्ली सामुराई को इस बारें में मनाने के लिए गई, उसने कहा, "जब मैं बिल्ली के पास गई तो मैंने पूछा, "आपकी कला क्या है?" उसने बस मुझे देखा, और एक भी शब्द नहीं कहा, और वह अपनी आँखें बंद कर सो गई और फिर मैंने उसे उठाया और पूछा, "आपकी कला क्या है? "उसने कहा, "मुझे नहीं मालूम| मैं एक बिल्ली हूँ, यही पर्याप्त है।

बिल्ली एक बिल्ली है और वह चूहे को पकड़ने के लिए ही है, इसमें कला क्या है? तुम क्या बकवास बात कर रही हो?" लेकिन सामुराई को इसमें संकोच था कि एक साधारण बिल्ली इस काम को कैसे अंजाम देगी जबकि एक कुशल बिल्ली इसमें नाकाम रही। लेकिन राजा को साधारण बिल्‍ली के लिए मना लिया। इसके बाद साधारण बिल्ली लाई गई जिसकी उपस्थिति योद्धा कि तरह नहीं थी।

बिल्ली घर में गई और जल्दी ही मृत चूहे के साथ बहार आई। सभी अन्य बिल्लियों, वहाँ इकट्ठी हुई और बिल्ली को चारों ओंर से घेरकर उसकी तकनीक के बारे में पूछा है जो कि उसने चूहा पकड़ने के लिए काम में ली। बिल्ली ने कहा, "मैं कोई कला नहीं जानती, मैं एक बिल्ली हूँ यही पर्याप्त है?"

English summary
Read this short story, a Zen Buddhism story and an inspirational story to grasp the thought.
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