जानें बकरीद की परम्‍परा और रीति-रिवाज के बारे में

Subscribe to Boldsky

इस्‍लामिक चंद्र कैलेंडर में बकरीद या ईद-उल-अज़हा, दूसरा सबसे प्रमुख त्‍योहार होता है। इस्‍लाम धर्म में रमज़ान के महीने में आखिर के दिन में ईद-उल-फितुर सबसे प्रमुख त्‍योहार होता है। दूसरे प्रमुख त्‍यौहार बकरीद को बलिदान की भावना से मनाया जाता है।

इसी दिन, हाजी यात्रियों की यात्रा का अंत भी हो जाता है। इस पर्व की शुरूआत का इतिहास लगभग 4000 साल पुराना है जो कि पैगम्‍बर इब्राहिम से जुड़ा हुआ है जो सऊदी अरब के मक्‍का नामक स्‍थान पर निवास करते थे।

READ: बकरीद पर बनाइये लजीज नॉन वेज रेसिपीज

कहते हैं कि अल्‍लाह ने उनकी वफादारी की परीक्षा लेने के लिए उनसे उनके इकलौते पुत्र की बलि मांगी। वह देने को राज़ी हो गए और जैसे ही वह उसे मारने के लिये आगे बढ़े, अल्‍लाह ने उन्‍हे रोक दिया।

 Traditions And Rituals Of Bakrid

उनकी वफादारी से अल्‍लाह खुश हो गए और उन्‍होने उसे पुत्र के बदले बकरे की बलि चढ़ाने को कहा। तब से आज तक, बकरीद के दिन, बकरे को हलाल किया जाता है।

बकरीद के अन्‍य रीति-रिवाज निम्‍न हैं:

1. बकरीद एक अलग प्रकार का त्‍योहार है जिसमें मजा और धर्मशीलता दोनों मौजूद होते हैं।

2. बकरीद के दिन परिवार के हर सदस्‍य को नए कपड़े पहनना अनिवार्य होता है। मुस्लिम परिवारों के लोग पहले से ही नए कपड़े बनवाने लगते हैं। मुस्लिम समुदाय में कपड़ों का दान भी होता है ताकि उनके पर्व पर कोई भी बिना नए कपड़ों के न रहें।

Bakrid

3. मुस्लिम महिलाएं, बकरीद के दिन अपने हाथों पर मेंहदी लगाती हैं और हंसी-खुशी से समय बिताती हैं। वे कई प्रकार की खरीददारी भी करती हैं और बकरीद के दिन अच्‍छे से सजती हैं।

4. बकरीद के दिन सुबह-सुबह, घर के सभी लोग मस्जिद जाते हैं और नमाज़ अदा करते हैं। आवश्‍यक सभी रिवाजों को वहां पूरा किया जाता है। महिलाएं, घर पर रहकर प्रार्थना करती हैं।

f Bakrid2

5. जैसा कि ऊपर वर्णित है कि लोग इस दिन चार पैर वाले किसी जीव की बलि देते हैं, तो वे बकरे, ऊंट या गाय की बलि देते हैं। इन पर भारी खर्च किया जाता है। जिस जीव की बलि देनी होती है, उसके लिए निर्धारित नियम होते हैं, हर जीव को नहीं चढ़ाया जाता है।

Bakrid3

6. बलि देने के बाद, निकलने वाले मीट को तीन हिस्‍सों में बांटा जाता है। पहला हिस्‍सा परिवार के लिए, दूसरा हिस्‍सा दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों के लिए और तीसरा हिस्‍सा, गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाता है। इस तरह पर्व के दौरान सभी का ख्‍याल रखा जाता है।

7. बकरीद के दौरान, तकबीर का पाठ सबसे जरूरी होता है, जिससे जोर-जोर से बोला जाता है।

English summary

Traditions And Rituals Of Bakrid

Bakrid or Id-ul-Azha is the second main celebration of the Islamic lunar calender. The first celebration is the Eid-al-Fitr that is celebrated at the end of the month of Ramzan.
Please Wait while comments are loading...