लड़कियों को क्‍यूं आता है लड़की होने पर गुस्‍सा

Subscribe to Boldsky

हर लड़की या महिला को कभी-कभार खुद के स्‍त्री होने पर बहुत चिढ़ होती है। उसे ऐसा लगता है कि इससे अच्‍छा होता कि वह लड़का ही होती। क्‍या आपको भी ऐसा ही लगता है..... अगर लगता है तो कोई नई बात नहीं है। ऐसी भावनाओं का मन में आना बेहद स्‍वाभाविक बात है।

लड़कियों के पेट में कोई बात क्यों नहीं पचती?

भारत में सामाजिक परिवेश ऐसा है कि यहां महिलाओं को काफी समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है, उन्‍हें बड़े लोगों का सम्‍मान करना पड़ता है और अपनी इच्‍छा के अनुसार नहीं बल्कि दूसरों की इच्‍छा से जीवनयापन करना पड़ता है।

खाने-पीने की पसंद से जानें लड़कियों का व्‍यक्तित्‍व

लेकिन इनसे भी हटकर कुछ अन्‍य बातें हैं जिनके कारण महिला को काफी दिक्‍कत होती है और उसे खुद के स्‍त्रीत्‍व पर गुस्‍सा आता है। आइए जानते हैं महिलाओं को खुद पर खीझ आने के कारण:

1.मासिक धर्म:

मासिक धर्म से पहले और उस दौरान इतनी समस्‍याएं होती हैं कि हर लड़की और महिला को काफी समस्‍याएं होती हैं। उनके लिए जैसे-जैसे मासिक धर्म की तिथि नजदीक आती है, धड़कने तेज होने लगती हैं कि फिर से वहीं दर्द आदि।

2.प्रसव:

महिला ही सिर्फ बच्‍चे को जन्‍म दे सकती है, ईश्‍वर का यह वरदान उसके शरीर के लिए अभिशाप बन जाता है। इस दौरान उसे कई हड्डियों के एकसाथ टूटने के बराबर दर्द होता है। उस दौरान किसी भी महिला को खुद के महिला होने पर गर्व नहीं होता है।

3.कपड़ों की कमी:

हजारों कपड़े अलमारी में पउ़े हों, लेकिन जब आप कहीं चलती हैं तो समझ में नहीं आता है कि क्‍या पहना जाएं। ऐसे में कभी-कभी गुस्‍सा भी आता है और कभी हँसी भी। इस बात को लेकर लड़कियों को लेकर कई जोक्‍स भी बनते हैं।

4.हारमोन्‍स:

औरतों के शरीर में सारा खेल हारमोन्‍स का ही है, कभी ये हारमोन्‍स बहुत सुंदर बना देते हैं और कभी बहुत बदसूरत। कभी मोटा और कभी बहुत ही थुलथुल।

5.अनचाहे स्‍थानों पर बाल:

लड़कियों के शरीर में कई अनचाहें स्‍थानों पर बाल होते हैं जिन्‍हें समय-समय पर साफ करना बेहद आवश्‍यक होता है अन्‍यथा संक्रमण होने का डर बना रहता है। हर बार इसके लिए काफी खर्च भी करना पड़ता है।

6.स्‍वतंत्रता:

भारत में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं और कई वारदातें होने के कारण, कोई भी रिस्‍क नहीं लेता है और अपनी बेटियों को संभाल कर रखना चाहता है जिसके कारण कई प्रतिबंध भी लगाने पड़ते हैं। इसलिए, लड़कियों को बोझ सा लगने लगता है।

7.वजन बढ़ना:

प्रसव के बाद या अन्‍य प्रकार से भी महिलाओं का वजन, पुरूषों की अपेक्षा ज्‍यादा बढ़ता है। ऐसे में उन्‍हें काफी समस्‍या होती है। तब बहुत गुस्‍सा आता है कि काश, महिला न होती तो इतनी जिम्‍मेदारी न होती और आप अपने शरीर को कुछ समय दे पाती।

8.मेकअप:

हमेशा अच्‍छा दिखना आपका कर्तव्‍य है। अगर आप अच्‍छी नहीं दिखती हैं तो आपकी गलती है क्‍योंकि आपको कायदा नहीं है, सलीका नहीं है और सेंस नहीं है। ऐसा भारतीय समाज की सोच है।

9.पेशाब की समस्‍या:

सार्वजनिक स्‍थलों पर पेशाबघर न होने या गंदे होने पर सबसे ज्‍यादा समस्‍या भी महिलाओं को ही होती है। ऐसे में उन्‍हें कई बार काफी समस्‍या भी हो जाती है।

10.स्‍तन:

कई बार आपको लगता है कि इन स्‍तनों का शरीर में क्‍या काम है। इनकी खुशी नहीं बल्कि ये समस्‍या ज्‍यादा उत्‍पन्‍न करते हैं। कई बार लोगों का ध्‍यान भी आपके शरीर के इस हिस्‍से पर सबसे ज्‍यादा रहता है जिसकी वजह से काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ती है।

Read more about: women, महिलाएं
English summary

लड़कियों को क्‍यूं आता है लड़की होने पर गुस्‍सा

Don't you love being a woman? How many of you ladies have a problem when it comes to choosing that perfect attire or just being satisfied with the clothes that you have? Pretty much all of us right?
Please Wait while comments are loading...