लंदन (भाषा)। आधुनिक जीवनशैली में भले ही पॉटी ट्रेनिंग महत्वपूर्ण मानी जाए लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि तीन साल से कम उम्र के बच्चों को मल त्याग करने के लिए पॉटी पर बैठने का प्रशिक्षण देना खुद उनके लिए ही नुकसानदायक हो सकता है।
शिशुओं के एक मूत्ररोग विशेषज्ञ और उत्तरी कैलिफोर्निया स्थित वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ स्टीव होजेस ने कहा है कि तीन साल से कम उम्र के बच्चों को पॉटी पर बैठने का प्रशिक्षण देने वाले अभिभावकों को सतर्क हो जाना चाहिए।
इस उम्र में ऐसा करने से दुर्घटना हो सकती है क्योंकि उस उम्र में ब्लैडर पर्याप्त मजबूत नहीं होता। डेली मेल की खबर में कहा गया है कि कम उम्र में बच्चों को पॉटी पर बिठाने से उनको अपच की शिकायत हो सकती है, उनके गुर्दे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और उनकी मूत्र नलिका में संक्रमण भी हो सकता है क्योंकि बच्चे जितना देर हो सके, अपनी मलत्याग संबंधी गतिविधि को रोक लेते हैं।





















