छोटा बच्चा अपनी बात किसी से नहीं बोल सकता, इसलिये हमारा कर्तव्य है कि हम अपने बच्चे की भाषा समझे। हमारे बच्चे को क्या तकलीफ और परेशानियां हैं, यह सब हमें ही सोंचना और समझना पड़ेगा। कभी-कभार शिशु के पेट में दर्द होने लगता है और मां को पता तक नहीं चल पाता। जब तक उसे डॉक्टर के पास ना ले जाओ तब तक यह पहेली अनसुलझी ही रहती है। लेकिन डॉक्टर की दी गई दवाइयों से अच्छा होगा कि आप शिशु के पेट दर्द को घरेलू उपचार दा्रा ही ठीक करें।

घरेलू उपचार दा्रा ठीक करें पेट दर्द
1. क्या यह गैस की समस्या है? इस बात की जांच की लीजिये कि कहीं आपके शिशु के पेट में दर्द केवल गैस की वजह से तो नहीं हो रहा है। स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को मेथी नहीं खाना चाहिये।
2. अगर बच्चा बहुत ज्यादा रो रहा है तो उसे डकार लगवाएं और उसकी गैस निकलवाएं। उसके पेट के निचले भाग पर हल्के हाथों से मालिश करें या फिर उसे बिठा कर उसके पीठ पर हल्के हल्के थपथपाएं, जिससे अगर गैस होगी तो वह निकल जाएगी।
3. बेबी को हॉट वॉटर शॉवर दीजिये। गरम पानी से पेट का दर्द कुछ हद तक कम हो जाएगा। अपने बेबी को टब में केवल 5-7 मिनट तक के लिये ही बिठाए रखें और पानी केवल उसके पेट तक ही हो। हॉट वॉटर बॉटल को उसके पेट पर रखें। गरम चीजे दर्द को अपनी ओर खींच लेती हैं। लेकिन बच्चे की स्किन काफी संवेदनशील होती है इसलिये ध्यान रहें कि बॉटल ज्यादा गरम ना हो।
4. पेट दर्द के लिये शिशुओं को ग्राइप वॉटर पिलाने की सलाह दी जाती है। इसको देने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
5. बेबी की पानी की बॉटल में हल्का गरम पानी भर दीजिये और उसे वही पिलाइये। इससे उसके पेट दर्द में बहुत आराम मिलेगा। लेकिन पानी पिलाने से पहले यह देख लें कि वह पानी बहुत ज्यादा गरम ना हो।
6. बेबी को हल्के गरम ऑलिव ऑयल या किसी भी तेल से पीठ पर मालिश दें। उसे पीठ के बल लिटा कर मालिश करें और उसके पेडु पर हल्के हाथों से प्रेशर देते हुए मालिश करें।
7. यह कुछ उपचार हैं जिससे बच्चे का पेट दर्द सही हो जाएगा लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो बिना देर किये हुए डॉक्टर से जरुर संपर्क करें।



















