बच्‍चे को कब्‍ज होने पर करें ये उपचार

By: Aditi Pathak
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छोटे बच्‍चे बहुत नाजुक होते है, उनका स्‍वास्‍थ्‍य सबसे बड़ी चिंता का कारण होता है। कई बार बच्‍चों को सही समय पर पॉटी नहीं आती है वह काफी जोर लगाते है और कहते है कि मम्‍मी दर्द हो रहा है। कब्‍ज की समस्‍या होने पर बच्‍चा पॉटी जाने से ड़रता है, उसे लगता है कि हर बार इतना दर्द होगा। बच्‍चों में कब्‍ज की समस्‍या होना आम बात है और यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। कई बार बच्‍चे मनचाहे तरीके से खाना खाते है, ऐसे में इस प्रकार की दिक्‍कतें होना नॉर्मल है। अगर आपके बच्‍चे को कब्‍ज की समस्‍या है तो उस पर ध्‍यान देने की जरूरत है।

बच्‍चे के खान - पान के साथ आपको सावधानी बरतनी होगी। दिन में बच्‍चे को कम से कम एक बार पॉटी जरूर करवाएं। ऐसे समय में बच्‍चे को काफी दिक्‍कत होती है लेकिन अगर वह नहीं करेगा तो बाद में उसे ज्‍यादा तकलीफ होगी। कई बार इस कारण से मतली आती है, पेट में दर्द होता है, सूजन आ जाती है और भूख भी मर जाती है। ज्‍यादा दिक्‍कत होने पर तुंरत डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करें।

Constipation in toddlers: Ways to treat it

बच्‍चे को कब्‍ज होने पर करें ये उपचार


1) एक स्‍वस्‍थ आहार :
कब्‍ज से बचने का सबसे अच्‍छा उपाय यह है कि आप बच्‍चे को समय पर स्‍वस्‍थ आहार दें। बच्‍चे को फाइबर युक्‍त भोजन खिलाएं। शरीर में फाइबर की मात्रा ज्‍यादा होने पर कब्‍ज की शिकायत नहीं होती है। सब्‍जी और फल भी कब्‍ज की दिक्‍कत से बचाते है। बच्‍चे को तरल पदार्थ पिलाने से भी उसे आराम मिलेगा। खाली पेट गर्म दूध पिलाने से भी बच्‍चे को कब्‍ज से आराम मिलेगा।

2) पेट की सफाई :
कब्‍ज की समस्‍या होने पर बच्‍चे को लैक्‍सटिव या स्‍टूल सॉफ्टनर जैसा कुछ पिलाएं, इससे उसे पॉटी करने में आसानी होगी। अगर बच्‍चे को एक बार भी सही तरीके से पॉटी आ जाती है तो पेट में जमा हुई गंदगी निकल जाएगी और उसे काफी हद तक आराम मिल जाएगा। हालांकि बेहतर परिणामों के लिए बच्‍चों के डॉक्‍टर से सलाह लें। इसके अलावा, स्‍टूल सॉफ्टनर को देना एकदम से बंद न करें।

3) शारीरिक गतिविधि :
शरीर को स्‍वस्‍थ बनाने में शारीरिक गतिविधि का सबसे अह्म रोल होता है। आप निश्चित कर लें कि हर दिन आप अपने बच्‍चे को कुछ समय के लिए बाहर खिलाने ले जाएगी। दिन में कम से कम एक घंटा बच्‍चे को बाहर खेलने दें, इससे उसके शरीर का विकास अच्‍छी तरह होगा और उसे भूख भी लगेगी।

4) दवाईयां दें :
अगर आपके बच्‍चे को कब्‍ज की समस्‍या है तो उसे दवाई देने से कतई न कतराएं। बच्‍चों वाले डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार दवाई या सिरप पिलाएं। बच्‍चे को कब्‍ज होने पर सबसे पहले सही काम करें तो उसे किसी प्रकार की दिक्‍कत नहीं होगी।

5) नियम :
बच्‍चे को कब्‍ज की समस्‍या उनका शेड्यूल गड़बड़ाने से होता है। वो समय पर पॉटी नहीं जाते या फिर उनका खाना खाने का तरीका सही नहीं है तो भी कब्‍ज की शिकायत होने का खतरा रहता है। आप उनके लिए नियम बना दें कि सुबह इतने समय तक वह फ्रेश हो जाएं, मॉर्निंग ब्रेकफास्‍ट का टाइम भी सेट कर दें। इसी तरह पूरे दिन में खाने का टाइम बना दें। इससे उनके खाने - पीने में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी और कब्‍ज की समस्‍या भी दूर हो जाएगी।

इन सभी तरीकों को अपनाकर देखिए, इनसे बच्‍चों को कब्‍ज की समस्‍या से जरूर छुटकारा मिलेगा। कई बार भोजन में फाइबर की कमी से भी ऐसा होता है, ऐसी छोटी - छोटी बातों का ध्‍यान रखकर भी आप बच्‍चे की ऐसी समस्‍याएं दूर भगा सकती है।

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English summary

Constipation in toddlers: Ways to treat it

Avoiding heavy and processed foods could solve the problem to a certain extent. Here are certain ways to regularize bowel movements in toddlers.
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