महिलाओं में बांझपन रोकने के तरीके

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आजकल महिलाओं में बांझपन की समस्‍या आम बात है। नियमित रूप से असुरक्षित सम्‍पर्क होने के बाद भी महिला का गर्भवती न होना बांझपन की समस्‍या को दर्शाता है। बांझपन यानि किसी महिला द्वारा गर्भ धारण न कर पाना। अगर कोई कपल एक साल तक बिना किसी गर्भनिरोधक के सम्‍बंध बनाता है और उसके बावजूद भी महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है तो उसे बांझपन कहा जाता है। बांझपन के कई कारण होते है, जैसे - उम्र, खानपान, लाइफस्‍टाइल, स्‍ट्रेस, मेडीकल कंडीशन या व्‍यावसायिक जोखिम। ये सभी कारण आपके स्‍वास्‍थ्‍य के साथ - साथ प्रजनन क्षमता पर भी असर डालते है।

मायो क्‍लीनिक यूएसए के अनुसार, 40 से 50 प्रतिशत महिलाओं में बांझपन की समस्‍या होती है। कई महिलाओं में यह समस्‍या आनुवांशिक होती है और कईयों में बाकी के अन्‍य कारण। बांझपन का इलाज संभव है लेकिन इसके लिए रेगुलर डॉक्‍टर चेकअप और ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। यहां कुछ प्रभावशाली उपाय बताएं जा रहे है जो महिलाओं में बांझपन रोकने में मदद कर सकते है :


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डाईट :
महिलाओं की बांझपन की समस्‍या में डाईट सबसे महत्‍वपूर्ण रोल निभाता है। महिलाओं को फास्‍ट फूड और जंक फूड से दूर रहना चाहिए। कई खाद्य पदार्थो में ए‍डीक्‍टिव्‍स और प्रीजरवेटिव्‍स होते है जो प्रजनन क्षमता पर नकारात्‍मक असर डालते है, ऐसे फूड को खाना बंद कर दें। सब्जियां और फल भरपूर मात्रा में खाएं।

डॉक्‍टरी सलाह : अगर आपको बांझपन की समस्‍या है तो तुंरत ही डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करें। डॉक्‍टर द्वारा सजेस्‍ट सभी टेस्‍ट करवा लें, नियमित समय पर दवाएं लें। शुरूआत में बांझपन की समस्‍या का इलाज किया जा सकता है इसलिए लापरवाही न बरतें।

मेडीकल फिटनेस : महिलाओं का शारीरिक रूप से फिट होना, बांझपन की समस्‍या को अपने आप दूर कर देता है। डायबटीज, थॉयराइड या हारमोन्‍स सम्‍बंधी समस्‍या होने पर प्रजनन क्षमता पर नकारात्‍मक असर पड़ता है। अगर किसी महिला को इस प्रकार की कोई समस्‍या हों, तो उसका शीघ्र इलाज करें।

अच्‍छी आदतें : अगर महिला की दिनचर्या में अच्‍छी आदतें शामिल नहीं है तो उसे बांझपन की समस्‍या से दो - चार होना पड़ सकता है। ध्रुमपान न करें, शराब का सेवन कतई न करें, किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ न लें।

सही वजन : बांझपन की समस्‍या का एक मुख्‍य कारण, वजन का अधिक होना होता है। अगर महिला का वजन उनकी आयु के हिसाब से सही होता है तो उन्‍हे गर्भधारण करने में कोई समस्‍या नहीं होगी। बांझपन के दौरान कई समस्‍याएं जैसे - पीसीओएस आदि को वजन घटाकर कम किया जा सकता है।

योगा और एक्‍सरसाइज : योगा और एक्‍सरसाइज से महिलाओं में बांझपन की समस्‍या रोकने में मदद मिलती है। इससे न सिर्फ शरीर स्‍वस्‍थ रहता है बल्कि महिलाएं मानसिक रूप से भी स्‍वस्‍थ रहती है। योगा करने से तनाव में राहत मिलती है और चिंता भी दूर भागती है। वहीं एक्‍सरसाइज करने से वजन संतुलित रहता है।

लाइफस्‍टाइल : प्रजजन क्षमता बनाएं रखने में हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है। आपका लाइफस्‍टाइल, आपकी जिन्‍दगी और रहन - सहन के बारे में सब कुछ बता रहे है। इसका स्‍वास्‍थ्‍य पर सीधा असर पड़ता है। हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल को फॉलो करिए।

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