गर्भपात के बाद स्‍वास्‍थ्‍य सुधारने के सुझाव

Posted By: Super
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मातृत्व स्त्री के लिए एक सुखद अनुभूति होती है, जो उसे पूर्ण नारीत्व का सम्मान देता है। सभी स्त्रियों के मन में मॉं बनने की प्रबल अभिलाषा होती है। बच्चे को जन्म देने के समय मां को दैविक अनुभूति होती है। प्रत्येक स्त्री के मन में मातृत्व सुख पाने की उत्सुकता होती है।

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दुर्घटनाओं को टाला नहीं जा सकता। गर्भपात हो जाना एक दुखद त्रासदी होती है। अपने बच्चे को संसार में लाने के पहले ही खो देने से वह निराश और व्यथित हो जाती है।

वस्तुत: गर्भपात एक श्राप होता है, जिसका दर्द एक स्त्री को भोगना पड़ता है। यदि आपके साथ भी ऐसी त्रासदी हो जाती हैं तो इस दुर्घटना के बाद आपको अपने स्वास्थय पर पूरा ध्यान देना होगा। गर्भपात के बाद अपना स्वास्थय सुधारने की कुछ सुझाव आपको यहां बतायें जा रहे हैं।

परिस्थिति का सामना करें:

परिस्थिति का सामना करें:

सभी जानते हैं कि गर्भपात की पीड़ा को भोगना बहुत मश्किल होता है। सभी परिस्थतियां सदैव हमारे अनुकूल नहीं होती है, अत: आपको सब कुछ भूल कर पीछे पलट कर नहीं देखना चाहिये। व्यर्थ रोने के बजाय हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिये कि हमारे स्वास्थय में अपेक्षित सुधार हों , ताकि हमारा शरीर दुबारा गर्भधारण के लिए तैयार हो सके।

आराम करें:

आराम करें:

गर्भपात होने के 24 घंटे तक पूर्ण आराम करें। गर्भपात के बाद आपको अपने स्वास्थय का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। अगले पांच दिन तक आपके शरीर का तापमान नोट करते रहें और इसका रिकार्ड़ रखें। यदि तापमान 100 डिग्री F ज्यादा हो जाय तो तुरन्त डाक्टर से परामर्श लें। रक्त स्त्राव ज्याद होने पर दवार्इ लें और पेड़ का उपयोग करें। गर्भपात के बाद स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण हैल्थ केयर टीप है।

अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करें:

अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करें:

गर्भपात से मानसिक तनाव काफी बढ़ जाता है। गर्भपात के बाद स्वास्थय सुधारने का सबसे महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि आप अपने आपको अकेला नहीं छोड़े और अकेले बैठ कर रोने-धोने के बजाय अपना अधिकांश समय परिवार के अन्य सदस्यों को साथ बिताएं। परिवार के सदस्यों के साथ रहने से आप अपना दुख भूल जायेगी और आपको प्रसन्नता महसूस होगी।

शारीरिक श्रम नहीं करें:

शारीरिक श्रम नहीं करें:

गर्भपात से शरीर और मस्तिष्क पर बहुत गहरा असर होता है। अत: इन दिनों ज्यादा शारीरिक श्रम करने से अपने आपको रोकें। शारीरिक श्रम से रक्तस्त्राव बढ सकता हैं और शरीर में अन्य व्याधियां हो सकती है। भारी सामान नहीं उठाये। ज्यादा आगे नहीं झुके।

भावनाओं को पति के साथ शेयर करें:

भावनाओं को पति के साथ शेयर करें:

गर्भपात से आपके पति भी भावनात्मक रुप से आहत होते हैं। आप अपने विचारों को पति के साथ बांटे ताकि उनका मानसिक तनाव कम हो जाय। ऐसा करने से अंत में आपको इससे एक सुखद अनुभूति होगी। आप किसी भी परिस्थिति में उन्हें अकेला नहीं छोड़े। आंतरिक विचारों को आपस में बांटने से आपके पति और आपके बीच अच्छी समझ विकसित होगी।

 पुन: गर्भधारण की योजना बनाएं:

पुन: गर्भधारण की योजना बनाएं:

गर्भपात के बाद स्वास्थय संबंधी टीप में यह सबसे महत्वपूर्ण टीप हैं। आप यह जानती है कि आपका शरीर अब स्वस्थ है। गर्भपात के बाद जिन जटिलताओं का आपने सामना किया था, उनसे भी आप अच्छी तरह वाकिब हो गर्इ हैं। आप इन सभी बातों को अपने मस्तिष्क में रखते हुए पुन: गर्भधारण की योजना बनाएं। आपने डाक्टर से परामर्श लेना न भूलें और उन सभी जटिलताओं के बारें में अवगत करा दें।

आहार:

आहार:

अपने स्वास्थय को सुधारने के लिए गर्भपात के बाद आहार पर विशेष ध्यान दें। इस विषय में आप किसी विशेषझ या जानकार डाक्टर या आहार विशेषज्ञ से उचित परामर्श ले सकती है।

Story first published: Saturday, May 9, 2015, 14:11 [IST]
English summary

Health Care Tips After A Miscarriage

Miscarriage is a curse but the truth is, many women face this curse. If you have faced this curse, then taking care of your health after a miscarriage becomes the most important task for you. You must know and understand the following health care tips after a miscarriage.
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