मासिक धर्म में चूक को न समझे गर्भावस्‍था

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मासिक धर्म में चूक अधिकतर महिलाओं में अकसर प्रेगनेंसी मान ली जाती है, लेकिन, ऐसा न होने के भी अनेक काउंटर कारण हैं। पाठ्यपुस्तक की परिभाषा के अनुसार, मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का होता है जो अधिकतर लड़कियों में 13 वर्ष की आयु में आरंभ होता है। यह चक्र 3-7 दिनों तक चलता है जो व्यक्ति की फिजियोलॉजी पर निर्भर करता है।

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अधिकतर छोटी अथवा युवा लड़कियों को अंतरंगता न होने के कारण गर्भावस्था की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, हालांकि, वयस्क महिलाएं अंतरंगता के बाद अकसर मासिक धर्म के गतिरोध का सामना करती हैं।

नीचे कुछ तथ्यों की सूची दी गई हैं जो प्रत्येक महिला को इस बात पर राजी कर लेंगे कि मासिक धर्म में चूक का अर्थ हर बार प्रेगनेंसी ही नहीं हो सकता। मासिक धर्म में चूक या देरी को मुख्यतः तीन उपशीर्षकों में बांटा जा सकता हैः- प्राथमिक रजोरोध, सेकेंडरी रजोराध तथा ओलिगोमनेरिया। प्राथमिक रजोरोध या मासिक धर्म में चूक मासिक धर्म चक्र को प्रारंभिक चरण यानि युवा लड़कियों में 13-14 वर्ष की आयु में होती है।

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आनुवांशिक एबनोर्मेलिटी या प्रजनन प्रणाली अथवा शारीरिक अंगों में अंतनिर्हित समस्याओं के कारण लड़कियों का मासिक धर्म चूक जाता है। अगला है सेकेंडरी रजोराध, जो सामान्य चक्र के बाद अचानक मासिक धर्म के रुक जाने पर होता है। इसका एक मुख्य कारण प्रेगनेंसी हो सकता है, लेकिन, यह समस्या एकमात्र जवाब नहीं हो सकता।

अंत में, ओलिगोमनेरिया एक मेडिकल स्थिति है जिसमें महिलाएं प्रत्येक वर्ष 12-14 मासिक धर्म की तुलना में 8 से कम मासिक धर्म अनुभव करती हैं। कुछ गंभीर मामलों में, सेकेंडरी रजोरोध पाॅलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम का संयोजन ओलिगोमनेरिया का कारण हो सकता है।

तनाव

तनाव और चिंता मासिक धर्म में चूक देरी के लिए सबसे सामान्य कारणों में से एक है। आव्यूलेशनरहित मासिक धर्म महिलाओं में आव्यूलेशन समस्याओं के कारण भी हो सकता है। कई महिलाओं में अंडाशय से संबंधित समस्याओं जैसे पाॅलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोेम के कारण आव्यूलेशन चूक जाता है।

वज़न

अधिक वज़न तथा कम वज़न जैसी परेशानियों के कारण अकसर महिलाओं के मासिक धर्म में चूक हो जाती है।

इलाज

आपके डाॅक्टर द्वारा लंबे समय से रेकेमंड की जाने वाली दवाओं के साइड इफेक्ट के बारे में पूछे कि कहीं आपके मासिक धर्म में चूक होने का कारण यही तो नहीं है। यह भी एक कारण हो सकता है कि मासिक धर्म में होने वाली चूक हरबार प्रेगनेंसी नहीं हो सकती।

गर्भनिरोधक गोलियाँ

गर्भनिरोधक गोलियों के लेबल के अनुसार साइड इफेक्ट हो सकते हैं जैसे उल्टी, थकान तथा वज़न का बढ़ना। हालांकि, अधिकतर गोलियों का परिणाम मासिक धर्म में चूक अथवा देरी भी होती है।

दूध पिलाना

स्तनपान कराने के दौरान अधिकतर महिलाएं स्तनपान चक्र के प्रभाव के कारण मासिक धर्म में चूक अथवा देरी की समस्या का सामना करती हैं।

हार्मोन

शरीर में हार्मोन परिवर्तन से भी यह स्पष्ट हो सकता है कि क्यों अधिकतर मामलों में मासिक धर्म में चूक प्रेगनेंसी नहीं हो सकती।

 

आहार और व्यायाम नियम

कुछ कठिन व्यायाम और आहार नियम महिलाओं में प्रजनन चक्र को प्रभावित कर सकते हैं और उनकी फिजि़योलोजी के अनुसार मासिक धर्म में चूक अथवा देरी हो सकती है।

पिट्यूटरी और थायराॅयड ग्रंथि की बीमारियाँ

अधिकांश डॉक्टर मासिक धर्म चक्र में अनियमितताओं को अल्सर के विकास या पिट्यूटरी और थायरॉयड ग्रंथि की अन्य असामान्यताएं से जोड़ते हैं।

रजोनिवृत्ति

रजोनिवृत्ति के दौरानए महिलाओं अक्सर मासिक धर्म में चूक या देरी से ग्रस्त होती हैं। मासिक धर्म के बीच अंतर का समय 3-12 महीने तक हो सकता है।

विमान यात्रा से हुई थकान

दिनचर्या में अचानक होने वाला परिवर्तन या विदेश यात्रा के कारण होने वाली टाइम ओरिएंटेरूान अथवा जेटलैग के कारण भी मासिक धर्म के सामान्य चक्र में रुकावट आ सकती है

 

Story first published: Thursday, August 20, 2015, 14:23 [IST]
English summary

Why A Missed Period Can't Be Pregnancy

Beneath are some enlisted facts that would convince each woman about why missed period can’t be pregnancy.
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