बच्‍चों की पीठ से उतारें भारी बस्‍ते और हाथों में दें ट्रॉली, रिसर्च

By: Submitted By :Radhika Thakur
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स्कूल जाने वाले बच्चों को अपने कन्धों पर कितना वज़न उठाना चाहिए, यह हमेशा से ही चर्चा का विषय रहा है। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए विशेषज्ञ लगातार नए विकल्प ढूंढते रहते हैं। अब वे इस बात पर बहस करने में जुटे हैं कि क्या बैग पैक के स्थान पर ट्रॉली का उपयोग बच्चों के लिए एक अच्छा विकल्प है।

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पहले किये गए शोधों में भारी वज़न के बच्चों के स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्परिणामों और बच्चों को होने वाली असुविधा पर विचार किया था जसके परिणामस्वरूप यह माना गया था कि बच्चे के बैग का वज़न उसके वज़न का 10-15% होना चाहिए।

Should students use trollies instead of schoolbags? 1

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्रनाडा (यूजीआर), स्पेन द्वारा वर्तमान में एक अध्ययन किया गया जिसने इस बात को विचार का विषय बना दिया कि क्या बच्चों के लिए बैग पैक के बजाय ट्रॉली का प्रयोग करना अधिक अच्छा होता है।

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इस मामले को निपटाने के लिए पहले भी प्रयास किये गए हैं। वर्ष 2010 में छोटे पैमाने पर 34 जर्मन बच्चों पर जिनकी उम्र 6 से 8 वर्ष थी, पर एक अध्ययन किया गया। इस अध्ययन से पता चला कि हालाँकि बैग पैक और ट्रॉली दोनों के साथ बच्चों की मुद्रा असममित हो जाती है, फिर भी ट्रॉली का उपयोग करने से रीढ़ की हड्डी में रोटेशन होता है जिसके कारण बच्चे के शरीर पर अतिरिक्त तनाव पड़ता है। अत: यदि बैग पैक का वज़न बताई गयी सीमा के अन्दर हो तो बच्चों को बैग पैक का ही उपयोग करना चाहिए। 

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हालांकि एक नई टीम द्वारा किये गए अध्ययन के अनुसार ऐसा माना जाता है कि बैग पैक की तुलना में ट्रॉली का उपयोग करना बच्चों के लिए अधिक अच्छा है।

6 से 8 वर्ष की उम्र के स्कूल जाने वाले 78 बच्चों के शरीर के वज़न और मुद्रा का आकलन करने के बाद परिणामों से यह पता चलता है कि 47% बच्चे तय की गयी दैनिक सीमा से अधिक वज़न अपने बैग पैक या ट्रॉली में उठाते हैं।

schoolbags

विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे के बैग का वज़न उसके स्वयं के वज़न से 10-15% से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा 23% लडकियां अपने वज़न से 20% अधिक वज़न उठाती हैं जो बताई गयी सीमा से बहुत अधिक है।

इसके अलावा बच्चों पर किये गए सर्वेक्षण से पता चला कि 97% बच्चों का ऐसा मानना है कि ट्रॉली का उपयोग करने वाले 85% बच्चों की तुलना में उनका बैग बहुत भारी होता है, जबकि परिणाम यह दिखाते हैं कि बैग पैक की तुलना में ट्रॉली का वज़न अधिक होता है।

बैग पैक का उपयोग करने वाले 85% से अधिक बच्चों ने बताया कि ट्रॉली उठाने वाले 71% बच्चों की तुलना में वे अक्सर बैग उठाने पर वे थकान महसूस करते हैं जबकि बैग पैक का उपयोग करने वाले 43% बच्चों में पीठ दर्द की समस्या पाई गयी जहाँ ट्रॉली का उपयोग करने वाले बच्चों में इसका प्रतिशत 31% था।

प्रमुख लेखक ईवा ओरंतेस सलाह देती हैं कि जहाँ संभव हो वहां ट्रॉली अधिक लाभदायक है यदि इसका वज़न बताई गयी सीमा अर्थात बच्चे के वज़न का 10-15% से अधिक न हो।

टीम अपना अनुसंधान कर रही है जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला जा रहा है कि बच्चे अपना काम स्कूल किस तरह ले जा सकते हैं और उन्हें कितना ले जाना चाहिए।

Should students use trollies instead of schoolbags?

इस बीच बैग पैक का उपयोग करने वाले बच्चों के लिए अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ ऑर्थोपेडिक ने सलाह दी है कि माता-पिता बैग के सही आकार को चुनकर बच्चे द्वारा उठाये जाने वाली भार को आसान बना सकते हैं। बैग पैक हल्का, और दो चौड़ी पट्टियों वाला होना चाहिए जिसके कंधे पर पैडेड पट्टे लगे हों तथा साथ ही साथ अतिरिक्त सुविधा और आसानी के लिए कमर में भी पट्टा लगा हो।

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Story first published: Friday, March 10, 2017, 13:43 [IST]
English summary

Should students use trollies instead of schoolbags?

The discussion on how much burden schoolchildren should carry on their shoulders has been there since a long time, with scientists coming up with newer alternatives to improve the situation. Now they're debating if using trollies instead of schoolbags is a better option.
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