दो से तीन होने के बाद भी कैसे रखें अपनी कैमेस्‍ट्री को बरकरार

अक्‍सर होता है नए पैरेंट्स के लिए कि वो नई जिम्‍मेदारियों की वजह से तनाव, थकान और चिड़चिड़ापन महसूस करने लगते है। ऐसे में आपका उत्‍साह आपके पार्टनर को लेकर कम होने लगता है।

Subscribe to Boldsky

पैरेंट्स बनने के बाद न सिर्फ कपल्‍स की डेली रुटीन में बदलाव आता है बल्कि यहां से उनके जीवन का नया दौर भी शुरु होता है।

मां बनने पर ही मालूम पड़ती हैं ये सारी बातें

बेबी की देखरेख में अक्‍सर कपल्‍स इतने बिजी हो जाते है दोनों के पास एक दूसरे के लिए समय नहीं निकाल पाते है। जिसका असर कहीं न कहीं उनकी लव और सेक्‍स लाइफ दोनों में पड़ता है।

प्रसव के दौरान क्‍या होनी चाहिये पुरूष की भूमिका

प्रेंग्‍नेंसी लेकर पैरेंटिंग का सफर इतना आसान नहीं होता है। इसलिए जाने कि कैसे रिलेशनशिप की ताजगी को बरकरार रखते हुए अपनी कैमेस्‍ट्री को और बेहतर बना सकते हैं।

क्‍या होता है जब आप दो से तीन होते है?

जब आप पैरेंट्स बनते है तो बच्‍चे के आने से आप एक दूसरे से ज्‍यादा कनेक्‍टेड फील करते है। अक्‍सर होता है नए पैरेंट्स के लिए कि वो नई जिम्‍मेदारियों की वजह से तनाव, थकान और चिड़चिड़ापन महसूस करने लगते है। ऐसे में आपका उत्‍साह आपके पार्टनर को लेकर कम होने लगता है। इस सिचुएशन को फेस करने के लिए बता रहे है केसे हैप्‍पी पैरेंटिंग के साथ आपकी कैमेस्‍ट्री को बेहतर बना सकते है।

एक दूसरे के साथ एक्टिविटिज प्‍लान करें

एक्टिविटिज प्‍लान करने से मतलब नाइट डेट या नाइट आउट से नहीं। बेबी होने के बाद नाइट आउट जैसी एक्टिविटिज के कम ही टाइम मिलता है। इसकी जगह आप घर में ही कोई गेम खेलकर एक साथ एक्‍सरसाइज करके और कुकिंग करके भी टाइम स्‍पेंड कर सकते है।

कनेक्‍शन मोमेंट शेयर करे

पैरेंट्स बनने के बाद बेशक सबसे पहली प्राथमिकता आपका बच्‍चा होता है। लेकिन उसकी देखरेख के बीच में एक नजर प्‍यार से अपने पार्टनर की तरफ भी देख लेना चाहिए। सच मानिए इससे आपकी कैमिस्‍ट्री बनी रहती है। जब आप दोनों बात करे तो एक दूसरे से आई कनेक्‍शन बनाकर बात करें । इससे दोनों को अहसास होगा कि आप दोनों एक दूसरे को सुन रहे है दोनों की बात की वेल्‍यू है।

फैमिली की जिम्‍मेदारी ले

ये बात दोनों पर लागू होती है। दोनों संयुक्‍त रुप से फैमिली की जिम्‍मेदारियां ले और अपनी अपनी जिम्‍मेदारियों को निभाएं। अगर किसी बात पर प्रॉब्‍लम होती है तो बैठकर उसका हल निकालें। एक दूसरे को ज्‍यादा टाइम देने से आप दोनों की बॉन्डिंग और मजबूत होगी।

एक दूसरे की पसंद को समझे

पैरेंटिंग में कई बार हम बिजी शेड्यूल की वजह से एक दूसरे की पसंद को दरकिनार भी कर देते है। ऐसे करने से बचे क्‍योंकि कई बार होता है हम एक दूसरे को अवॉइड करके अपने रिलेशनशिप को कमजोर बना देते है। इसलिए पैरेंटिंग के दौरान अपने पार्टनर को भी थोड़ा स्‍पेस दे और उनकी पसंद को समझे।

खुद हीरो बने

इसका मतलब यह है कि खुद आगे आकर इनिशिएटिव लें। आप उनके काम में थोडा हाथ बंटा दे। जैसे वो दूसरे हाउसहोल्‍ड वर्क या अन्‍य कामों में बिजी है तो आप घर के दूसरे काम में उन्‍हें हेल्‍प कर दें। और उनसे उनका पूरे दिन का शेड्यूल पूछे और जाने पूरे दिन में बेबी के साथ कैसे दिन निकला और उनके अनुभव भी पूछे। और जब आप दोनों साथ हो तो बेबी और घर की जिम्‍मे‍दारियां बांटकर काम करें।

लम्‍बी बातचीत करें

इंतजार न कीजिए कि कुछ घटित होने के बाद आप दोनों बात करेंगे। जरुरी है आप दोनों दूसरे मसलों पर भी बात करें और प्‍लानिंग करें। जैसे घरेलू बजट, फ्रैंड्स, रिलेटिव्‍ज, पैरेंटिंग स्किल्‍स, वैकेशन, फैमिली और सेल्‍फ केयर के जैसे विषयों पर डिस्‍कस करें।

Story first published: Tuesday, February 7, 2017, 11:18 [IST]
English summary

Ask the Expert: How to Keep Your Relationship Solid After Baby Arrival

Once the fairy dust of a having a brand new baby has settled, the new reality can be a rude awakening for parents.
Please Wait while comments are loading...