Piles Remedy: पाइल्स या बवासीर एक ऐसी समस्या है, जिससे आजकल काफी लोग परेशान हैं। लेकिन शर्म या झिझक की वजह से लोग समय पर इलाज नहीं कराते। दरअसल, बवासीर होने पर मल द्वार के आसपास सूजन हो जाती है। यह बीमारी बढ़ने पर मल त्याग के दौरान दर्द, खून आना, सूजन और बैठने-उठने में तकलीफ जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। हालांकि, यदि शुरुआती चरण में ही सही खानपान, पर्याप्त पानी, कब्ज से बचाव और डॉक्टर की सलाह पर ध्यान दिया जाए, तो काफी हद तक राहत मिल सकती है। इसके अलावा, कुछ घरेलू उपाय भी बवासीर से निजात मिल सकती है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. उपासना वोहरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ऐसा ही एक घरेलू नुस्खा शेयर किया है, जो बवासीर की समस्या से राहत दिला सकता है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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सबसे पहले आंतों को साफ रखना जरूरी

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ, उपासना वोहरा के अनुसार, पाइल्स की परेशानी में सबसे पहले सात दिनों तक आंतों को डिटॉक्स करना जरूरी होता है। जब तक पेट और आंतें ठीक से साफ नहीं होंगी, तब तक समस्या में राहत मिलना मुश्किल हो सकता है। इसके लिए रात में सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में करीब 10 मिली अरंडी का तेल मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है। इससे अगली सुबह मल त्याग आसान हो सकता है और कब्ज की समस्या कम करने में मदद मिलती है।

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7 दिनों तक धीरे-धीरे बढ़ाएं अरंडी के तेल की मात्रा

विशेषज्ञ के मुताबिक, पहले दिन 10 मिली अरंडी के तेल से शुरुआत करें। यदि शरीर इसे आसानी से सहन कर ले, तो अगले कुछ दिनों में इसकी मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाकर 15 मिली तक की जा सकती है। सात दिनों तक इस तरीके को अपनाने से आंतों की सफाई बेहतर हो सकती है और पाइल्स के लक्षणों में राहत मिलने की संभावना रहती है।

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7 दिन तक रोज खाएं खीरा

पाइल्स में सिर्फ घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि खानपान भी अहम भूमिका निभाता है। डॉ. उपासना के मुताबिक, जब तक आप ये अरंडी के तेल वाला नुस्खा फॉलो कर रहे हैं, तब तक आपको रोज खीरा भी खाना है। हर रोजाना एक प्लेट भरकर खीरा खाएं। इससे आपकी बॉडी हाइड्रेटेड रहेगी और जरूरी फाइबर भी मिलेगा। इससे कब्ज की समस्या कम होती है और मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर नहीं लगाना पड़ता।

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70 प्रतिशत रिवर्स हो सकती है बवासीर की समस्या

डॉ. उपासना वोहरा बताती हैं है कि यदि पाइल्स शुरुआती अवस्था में है, तो सही खानपान, कब्ज से बचाव और बताए गए उपाय अपनाने से 70 प्रतिशत तक रिवर्स किया जा सकता है। हालांकि, अगर लगातार खून आ रहा हो, तेज दर्द हो या समस्या लंबे समय से बनी हुई हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच और इलाज कराना चाहिए।