Who Should Avoid Curd: मानसून का मौसम आते ही गर्मी तो कम हो जाती है लेकिन कई सारी बीमारिअपने पैर पसार लेती हैं। दरअसल, इस मौसम में हमारी पाचन शक्ति पहले के मुकाबले कमजोर हो जाती है। ऐसे में खानपान में की गई छोटी-सी लापरवाही भी पेट खराब, गैस, अपच, सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। यही वजह है कि इस मौसम में कई चीजों की खाने की मनाही होती है और उन्हीं में से एक है दही। इसमें भले ही प्रोबायोटिक और पोषक तत्व पाए जाते हैं लेकिन इन 5 लोगों को बरसात में दही न खाने की सलाह आयुर्वेद भी देता है। आइए आप भी जान लें कहीं लिस्ट में आप या आपका कोई चाहने वाला तो नहीं।

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1. कमजोर पाचन शक्ति वाले लोग

जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर हो, अक्सर गैस, अपच, पेट फूलना या एसिडिटी की समस्या रहती हो उन्हें मानसून में दही खाने से बचना चाहिए। बारिश के मौसम में पाचन धीमा हो जाता है, जिससे दही कुछ लोगों के लिए भारी साबित हो सकता है और पेट संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

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2. सर्दी, खांसी और गले की समस्या से परेशान लोग

अगर किसी को सर्दी-खांसी और जुकाम या गले में इंफेक्शन की समस्या है तो मानसून के मौसम में उन्हें दही खाने से परहेज करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार दही कफ बढ़ाने वाला माना जाता है, जिससे गले और श्वसन संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

3. जोड़ों के दर्द और गठिया (Arthritis) के मरीज

जिन लोगों को जोड़ों में दर्द और गठिया की समस्या है तो उन्हें भी मासून में दही नहीं खानी चाहिए। दरअसल, बारिश के मौसम में नमी बढ़ने से जोड़ों का दर्द पहले से ज्यादा महसूस हो सकता है। ऐसे में कुछ लोगों में दही का सेवन सूजन या अकड़न की परेशानी बढ़ा सकता है।

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4. बार-बार वायरल या फंगल इंफेक्शन होने वाले लोग

मानसून में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। यदि आपकी इम्यूनिटी कमजोर है या आपको बार-बार इंफेक्शन होता है, तो बासी या ठीक से स्टोर न किया गया दही नुकसान पहुंचा सकता है। हमेशा ताजा और स्वच्छ दही ही खाएं।

5. अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोग

जिन लोगों को अस्थमा की बीमारी है या सांस लेने में तकलीफ या एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें बरसात के मौसम में दही का सेवन नहीं करना चाहिए या सीमित मात्रा में करना चाहिए।