World Emoji Day 2026: आज के समय में इमोजी हमारी रोजमर्रा की बातचीत का अहम हिस्सा बन चुके हैं। खुशी, दुख, प्यार, गुस्सा या हैरानी जैसी भावनाओं को लोग अब शब्दों के साथ-साथ इमोजी के जरिए भी आसानी से व्यक्त करते हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर इनका इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। हर साल 17 जुलाई को वर्ल्ड इमोजी डे मनाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया का पहला इमोजी किसने बनाया, इसकी शुरुआत कहां हुई और इसे 'Emoji' नाम क्यों दिया गया? आइए जानते हैं इससे जुड़े रोचक तथ्य -
दुनिया का पहला इमोजी किसने बनाया?
इमोजी की शुरुआत साल 1999 में जापान से हुई थी। इसे जापानी डिज़ाइनर शिगेताका कुरिता (Shigetaka Kurita) ने तैयार किया था। उस समय उन्होंने मोबाइल इंटरनेट सेवा आई-मोड (i-mode) के लिए 176 छोटे-छोटे इमोजी बनाए थे, ताकि लोग कम शब्दों में अपनी भावनाएं आसानी से व्यक्त कर सकें। बाद में इमोजी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और साल 2010 में यूनिकोड कंसोर्टियम ने इन्हें आधिकारिक रूप से अपने मानक में शामिल कर लिया, जिसके बाद इमोजी अलग-अलग मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल होने लगे।
वर्ल्ड इमोजी डे कब और क्यों मनाया जाता है?
हर साल 17 जुलाई को वर्ल्ड इमोजी डे मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2014 में इमोजीपीडिया (Emojipedia) के संस्थापक जेरेमी बर्ज (Jeremy Burge) ने की थी। उन्होंने 17 जुलाई को इसलिए चुना क्योंकि Apple के कैलेंडर इमोजी पर यही तारीख दिखाई देती थी। इसके बाद यह दिन दुनियाभर में इमोजी के महत्व और डिजिटल संवाद में उसकी भूमिका को दर्शाने के लिए मनाया जाने लगा।
इसे 'इमोजी' क्यों कहा जाता है?
'इमोजी' शब्द जापानी भाषा से लिया गया है। इसमें 'ए (E)' का अर्थ चित्र (Picture) और 'मोजी (Moji)' का अर्थ अक्षर या कैरेक्टर (Character) होता है। यानी इमोजी का मतलब है 'चित्र के रूप में व्यक्त किया गया अक्षर या भाव'। यही वजह है कि आज इमोजी शब्दों के बिना भी हमारी भावनाओं को आसानी से सामने वाले तक पहुंचाने का काम करते हैं।
दुनिया में कितने इमोजी हैं?
डिजिटल दुनिया में इमोजी की संख्या लगातार बढ़ रही है। यूनिकोड कंसोर्टियम के अनुसार, 2026 तक करीब 3,953 इमोजी उपलब्ध हैं। हर साल नए इमोजी जोड़े जाते हैं, ताकि बदलते समय और लोगों की जरूरतों के अनुसार नई भावनाओं, गतिविधियों, वस्तुओं और प्रतीकों को भी शामिल किया जा सके। यही वजह है कि फोन या मैसेजिंग ऐप अपडेट होने के बाद कई नए इमोजी दिखाई देने लगते हैं।
रोजमर्रा की जिंदगी में इमोजी क्यों हैं खास?
आज इमोजी सिर्फ चैटिंग का हिस्सा नहीं रह गए हैं, बल्कि डिजिटल बातचीत को आसान और प्रभावी बनाने का माध्यम बन चुके हैं। ये कम शब्दों में भी सामने वाले तक भावनाएं पहुंचाने में मदद करते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट, मैसेज, ईमेल और ऑनलाइन बातचीत में इमोजी संवाद को अधिक आकर्षक और स्वाभाविक बनाते हैं। इसके अलावा, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग भी इमोजी के जरिए अपनी बात आसानी से समझा सकते हैं, इसलिए इन्हें डिजिटल संचार की एक सार्वभौमिक भाषा भी माना जाता है।