World Youth Skills Day 2026: युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। अगर उनके पास सही कौशल और प्रशिक्षण हो, तो वे अपने लिए बेहतर रोजगार के अवसर बना सकते हैं और देश के विकास में भी अहम योगदान दे सकते हैं। इसी उद्देश्य से हर साल 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद युवाओं को नई तकनीक, व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार से जुड़ी जरूरी स्किल्स के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे बदलते समय के साथ खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर सकें। आइए जानते हैं विश्व युवा कौशल दिवस का इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
विश्व युवा कौशल दिवस का इतिहास
विश्व युवा कौशल दिवस की शुरुआत युवाओं को रोजगार और बदलती तकनीक के अनुरूप आवश्यक कौशल के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से की गई थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने 18 दिसंबर 2014 को एक प्रस्ताव पारित कर हर साल 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इसके बाद पहली बार 15 जुलाई 2015 को यह दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र का मानना था कि तेजी से बदलती दुनिया में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि तकनीकी और व्यावसायिक कौशल भी युवाओं के लिए बेहद जरूरी हैं। ऐसे कौशल युवाओं को बेहतर रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं। यही वजह है कि तब से हर साल 15 जुलाई को दुनिया भर में विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों और कौशल विकास के लिए प्रेरित किया जाता है।
विश्व युवा कौशल दिवस का उद्देश्य
विश्व युवा कौशल दिवस का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इस दिन युवाओं, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योगों, नियोक्ताओं, श्रमिक संगठनों, नीति-निर्माताओं और विकास से जुड़ी संस्थाओं के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाता है, ताकि युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बदलती तकनीक के अनुरूप आवश्यक कौशल हासिल करने के अधिक अवसर मिल सकें।
विश्व युवा कौशल दिवस 2026 की थीम
संयुक्त राष्ट्र ने विश्व युवा कौशल दिवस 2026 की थीम "Skills for a Shared Future" (साझा भविष्य के लिए कौशल) निर्धारित की है। इस वर्ष की थीम इस बात पर जोर देती है कि तेजी से बदलती दुनिया में केवल तकनीकी जानकारी ही पर्याप्त नहीं है। युवाओं के पास डिजिटल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), हरित (Green) तकनीक, सामाजिक और भावनात्मक कौशल के साथ-साथ संवाद, नेतृत्व, रचनात्मक सोच और सहयोग जैसे मानवीय गुण भी होने चाहिए।