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ओजोन परत क्‍या है, जानें क्‍यों है जरुरी है और इसे कैसे बचाएं

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ओजोन दिवस हर साल पूरी दुनिया में 16 सितंबर को मनाया जाता है। ओजोन परत (Ozone Layer) ओजोन अणुओं की एक परत है जो 20 से 40 किलोमीटर के बीच के वायुमंडल में पाई जाती है। ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक अल्ट्रा वाइलट किरणों से बचाने का काम करती है। अल्ट्रा वाइलट किरणें अगर सीधा धरती पर पहुंच जाए तो ये मनुष्य, पेड़-पौधों और जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकती है। ऐसे में ओजोन परत का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।

ओजोन परत को इंसानों द्वारा बनाए गए कैमिकल्स से काफी नुकसान होता है। इन कैमिकल्स से ओजोन की परत कम पतली हो रही है। फैक्ट्री और अन्य उद्योग से निकलने वाले कैमिकल्स हवा में फैलकर प्रदूषण फैला रहे हैं। ओजोन परत के बिगड़ने से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में अब गंभीर संकट को देखते हुए दुनियाभर में इसके संरक्षण को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इस साल यानी विश्व ओजोन दिवस 2019 की थीम (Ozone Day Theme) '32 years and Healing' है। आइए जानते है क‍ि क्‍यों ओजोन परत हम सबके ल‍िए जरुरी हैं।

ओजोन परत क्या है?

ओजोन परत क्या है?

हम सभी जानते हैं कि ओजोन हमें सूरज से आने वाली यूवी किरणों से बचाता है। 1957 में, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गॉर्डन डॉब्सन ने ओजोन परत की खोज की थी। ओजोन ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बना है। यह अत्यधिक प्रतिक्रियाशील गैस है और O3 द्वारा दर्शायी जाती है। यह स्वाभाविक रूप से पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में मानव निर्मित उत्पाद यानि स्ट्रैटोस्फियर और निचले वायुमंडल यानी ट्रोपोस्फीयर में होता है। यह ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल (पृथ्वी से 15-35 किमी ऊपर) में समताप मंडल के निचले हिस्से में मौजूद है और इसमें ओजोन (O3) की अपेक्षाकृत उच्च सांद्रता है। स्वाभाविक रूप से यह आणविक ऑक्सीजन O2 के साथ सौर पराबैंगनी (यूवी) विकिरण की बातचीत के माध्यम से बनता है। यह पृथ्वी की सतह तक पहुँचने वाले हानिकारक यूवी विकिरण को कम करता है।

यूवी किरणों के हानिकारक प्रभाव

यूवी किरणों के हानिकारक प्रभाव

  • इससे स्किन कैंसर होता है।
  • यूवी किरणों से त्वचा जल जाती है।
  • यूवी विकिरण के संपर्क में आने से इम्यून सिस्टम पर असर पड़ता है या नुकसान होता है।
  • यूवी किरणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से आंखों के ऊतकों को नुकसान पहुंचता है और इससे आंखों की सतह का ‘जलना' हो सकता है जिसे ‘स्नो ब्लाइंड' कहा जाता है।
  • यूवी किरणें त्वचा की उम्र बढ़ने को भी तेज करती हैं।
  • रंग, भोजन, कपड़े, प्लास्टिक, पेंट, स्याही, रंगों आदि के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रंग जैसे कई पिगमेंट यूवी को अवशोषित करते हैं और रंग बदलते हैं।
  • वाहनों का कम प्रयोग करे

    वाहनों का कम प्रयोग करे

    वाहनों से निकलने वाला धुआँ बहुत हानिकारक होता है। वाहनों के उपयोग को कम करना चाहिए। इन वाहनों का प्रयोग करने के स्थान पर ऐसे वाहन या तरीकों को अपनाना चाहिए जिससे इस प्रदूषित धुंए को कम किया जा सके।

    कीटनाशकों के प्रयोग से बचे

    कीटनाशकों के प्रयोग से बचे

    यह ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाते है। कीटनाशकों की जगह प्राकृतिक तरीकों का प्रयोग करके इस नुकसान से बचा जा सकता है।

    वृक्षों की कटाई ना करे

    वृक्षों की कटाई ना करे

    जितना ज्यादा हो सके वनों की कटाई को कम करना चाहिए और ज़्यादा से ज्यादा वृक्षों को लगाने का प्रयास करना चाहिए। वृक्षों को बढ़ने में सहयोग करे।

    रुई के गद्दों का प्रयोग करें

    रुई के गद्दों का प्रयोग करें

    स्टायरोफोम के बर्तनों की जगह मिट्टी के कुल्हड़ों, पत्तलों, धातु या कांच के बर्तनों का प्रयोग करें। वहीं, पारंपरिक रुई के गद्दों एवं तकियों का प्रयोग करें, ताकि ओजोन परत सुरक्षित रहे।

English summary

World Ozone Day 2019: What is Ozone Layer, Know Facts and Tips To Prevent Ozone Layer Depletion

World Ozone Day 2019 is celebrating the recovering of Ozone Layer Depletion. The Montreal Protocol reduced the use of ozone-depleting chemicals and will lead to the healing of the ozone layer.
Story first published: Monday, September 16, 2019, 18:03 [IST]