जानिए राशि के अनुसार कौन सा भाग्‍य रत्‍न पहनना चाहिये

Posted By: Staff
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रत्नों का हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। वहीं ज्योतिष के अनुसार हमारा भाग्य हमारी राशि पर निर्भर करता है। भविष्य में हमारा जीवन कैसा होगा और हमारा व्‍यवहार एवं स्वभाव हमारी राशि पर निर्भर करता है।

रत्नों का भी जीवन पर सकारात्मक और नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है। जन्म के समय सूर्य जिस राशि में स्थित होता है वही उस व्यक्ति की राशि कही जाती है।

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ज्यो‍तिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक राशि का एक रत्न होता है जिसे भाग्य रत्न भी कह सकते हैं। राशि के अनुसार रत्न‍ पहनने से भाग्ये में वृद्धि होती है और जीवन में सफलता मिलती है। तो चलिए जानते हैं कि आपकी राशि का रत्न कौन-सा है।

1. मेष : डायमंड

1. मेष : डायमंड

ज्योतिष के अनुसार मेष अग्नि तत्व की राशि है एवं इसका रत्न डायमंड है। मेष राशि के लोगों के नकारात्मक और सकारात्मक स्वभाव पर ये रत्न अपना प्रभाव डालता है।

2. वृषभ : पन्ना

2. वृषभ : पन्ना

राशिचक्र की दूसरी राशि है वृषभ जिसका स्वामी ग्रह शुक्र है। इस राशि का भाग्य‍ रत्न पन्ना है। वृषभ राशि के जातकों पर पन्ना रत्न का शुभ प्रभाव पड़ता है। वृषभ पृथ्वी तत्व की राशि है एवं इस राशि का रत्न होने के कारण यह रत्न इन्हें संतुलन प्रदान करता है।

3. मिथुन : मोती

3. मिथुन : मोती

राशिचक्र की तीसरी राशि मिथुन एक द्विस्वभाव राशि है। 21 मई से 20 जून के मध्य जन्म लेने वाले जातकों की राशि मिथुन होती है। इस राशि का स्वामी ग्रह बुध है और इसका राशि रत्न मोती है। मिथुन राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति और उनके संबंधों पर मोती रत्न का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

4. कर्क : माणिक्य

4. कर्क : माणिक्य

21 जून से 22 जुलाई के मध्य जन्म लेने वाले जातकों की राशि कर्क होती है। राशिचक्र की चौथी राशि कर्क का स्वामी ग्रह बुध है। ज्योि‍तिषीय गणना के अनुसार माणिक्य रत्न कर्क राशि के लोगों के स्वभाव, संबंधों और आर्थिक मसलों पर प्रभाव डालता है। माणिक्य रत्न कर्क राशि के लोगों को सफलता प्रदान करता है।

5. सिंह : पेरीडॉट

5. सिंह : पेरीडॉट

सिंह राशि के जातक बहुत ओजस्वी होते हैं। सिंह राशि का स्वामी सूर्य ग्रह है जो सफलता का कारक है एवं यह अग्नि तत्व राशि है। सिंह राशि का स्वामी पेरीडॉट है। नरम स्वभाव वाले कर्क राशि के जातक ईमानदार और सहायक होते हैं। पेरीडॉट रत्न इस राशि के संबंधों पर शुभ प्रभाव डालता है।

6. कन्या : नीलम

6. कन्या : नीलम

कन्या राशि का भाग्य रत्न नीलम है। चमकीले नीले रंग का यह रत्न देखने में काफी चमकदार होता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार यह रत्न अपना सकारात्मक और नकारात्मक असर दिखाता है। कन्या राशि के लोगों के जीवन को एक नई दिशा देने में नीलम रत्न अहम भूमिका निभाता है।

7. तुला : ओपल

7. तुला : ओपल

तुला राशि के लोग तुलनात्मक स्वभाव के होते हैं। इस राशि का स्वामी शुक्र है एवं यह वायु तत्व की राशि है। तुला राशि के जातक आकर्षक और अच्छे संचारक होते हैं। इस राशि का भाग्य रत्न ओपल है। राशि रत्न में जातक के व्यवहार को उसके अनुकूल करने की शक्ति होती है। ओपल रत्न धारण करने से तुला राशि के जातकों को बहुत फायदा होता है।

8. वृश्किच : टोपाज़

8. वृश्किच : टोपाज़

वृश्चिक राशि के लोग चुंबकीय और रहस्मयी स्वभाव के होते हैं। ये जल तत्व की राशि है इसीलिए इनका स्वभाव शांत होता है। वृश्चिक राशि का भाग्य रत्न टोपाज़ है। इस राशि के जातकों की पर्सनैलिटी काफी आकर्षक होती है एवं ये मेहनत करने से कभी पीछे नहीं हटते हैं। वृश्चिक राशि के लोग स्वभाव से बहुत इमोशनल होते हैं और इनकी इसी कमी को नियंत्रित करता है टोपाज़ रत्न। इस रत्ने में चिकित्सकीय गुण भी मौजूद होते हैं जो इसे पहनने वाले व्यक्ति की सेहत का ध्यान रखते हैं।

9. धनु : फिरोज़ा

9. धनु : फिरोज़ा

अग्नि तत्व की राशि धनु का राशि रत्न फिरोज़ा है। फिरोज़ा में अनेक चिकित्सीय गुण मौजूद होते हैं जो धनु राशि के लोगों की सेहत का ख्याल रखते हैं। अगर किसी धनु राशि के व्यक्ति की सेहत खराब रहती है या उन्हें कोई न कोई रोग हमेशा परेशान करता है तो उन्हें फिरोज़ा रत्न जरूर धारण करना चाहिए।

10. मकर : गारनेट

10. मकर : गारनेट

मकर राशि का भाग्य रत्न गारनेट है जिसे रक्तमणि भी कहा जाता है। क्रिस्टल प्रकृति के इस रत्न में विविध गुण समाहित होते हैं। यह रत्न धारणकर्ता पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही प्रभाव डाल सकता है।

11. कुंभ : एमेथिस्ट

11. कुंभ : एमेथिस्ट

जल तत्व की इस राशि का स्वामी अरुण ग्रह है। इस राशि का भाग्य रत्न एमेथिस्ट है। ये रत्न कुंभ राशि के जातकों के जीवन में संतुलन प्रदान करता है। जल तत्व की राशि होने के कारण कुंभ राशि के जातकों का सामंजस्य अग्नि तत्व की राशि के लोगों के साथ बेहतर रहता है।

12. मीन : एक्वामरीन

12. मीन : एक्वामरीन

राशिचक्र की आखिरी राशि है मीन जो जल तत्व की राशि है। इस राशि का चिह्न मछली है। जल तत्व की राशि होने के कारण इस राशि का स्वामी ग्रह वरुण है। मीन राशि के लोग बुहत ज्यादा भावनात्मक होते हैं और इस वजह से इन्हें अपने जीवन में बुहत कुछ सहना पड़ता है। एक्वामरीन स्टोन इनके इसी स्वभाव को नियंत्रित कर इन्हें सुख प्रदान करता है। एक्वामरीन स्टोन में कई चिकित्सकीय गुण भी मौजूद होते हैं।

राशि के अनुसार आप अपना भाग्य रत्न धारण कर सकते हैं लेकिन ध्यान रहे हर चीज़ के नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही प्रभाव होते हैं। इसलिए कोई भी रत्न धारण करने से पूर्व किसी अच्छे ज्योतिषाचार्य से अपनी कुंडली जरूर दिखा लें।

English summary

Find your Birthstone according to their Zodiac sign

There is very eagerness regarding to know about your birthstones. The stones are generally related to our Zodiac Sign and there is a lot of benefits of wearing it. So, fulfill your wants and know about your birthstones.
Story first published: Wednesday, June 28, 2017, 8:00 [IST]
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