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Somvati Amavasya : सोमवती अमावस्या पर बन रहा है शुभ संयोग, पितरों का आशीर्वाद पाने के इच्छुक जातक करें ये काम

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इस साल की आखिरी सोमवती अमावस्या आने वाली है। इस दिन वट सावित्री का व्रत और शनि जयंती का भी शुभ संयोग बन रहा है। हिन्दू धर्म में हर अमावस्या का महत्व होता है। इस दिन पितरों की पूजा करके फल और आर्शीवाद की प्राप्ति होती है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या विशेष हो जाती है। इस दिन सुहागनें व्रत रखती हैं और भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा अर्चना करती हैं। तो चलिए जानते है साल की आखिरी सोमवती अमावस्या की तिथि, मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में।

तिथि एवं मुहूर्त

तिथि एवं मुहूर्त

सोमवती अमावस्या 30 मई को पड़ने वाली है। अमावस्या तिथि की शुरुआत 29 मई को दोपहर 02:54 बजे से होगी और अमावस्या तिथि का समापन 30 मई को 04:59 बजे होगा। 30 तारिख को ही अमावस्या संबंधित सभी धार्मिक कार्य किए जाएंगे।

पूजन विधि

पूजन विधि

अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इस दिन यदि व्रत रख रहे हैं तो पूजा के समय जल हाथ में लेकर व्रत का संकल्प लें और सूर्य देवता को इसका अर्घ्य दें। इस दिन पूर्वजों के नाम का तर्पण और दान करें। सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा करने से चंद्रमा मजबूत होता है। वहीं इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन से जुड़ी समस्या भी दूर होती है। सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिनें पीपल के वृक्ष की पूजा करती हैं। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से सौभाग्य की प्राप्ति होती होती है।

सोमवती अमावस्या के दिन क्या करें

सोमवती अमावस्या के दिन क्या करें

इस दिन पितरों के नाम से जल में तिल का भोग दक्षिण दिशा में करना चाहिए।

सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें और पीले रंग के पवित्र धागे के साथ 108 बार परिक्रमा करें।

इस दिन पितरों का ध्यान करते हुए दान करें। आप किसी जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र आदि का दान कर सकते हैं।

सोमवती अमावस्या के दिन पीपल का पौधा लगाएं और इस पौधे की निरंतर सेवा करें। ऐसा करने से पितरों को बहुत प्रसन्नता होती है।

सोमवती अमावस्या के दिन ना करें ये काम

सोमवती अमावस्या के दिन ना करें ये काम

सोमवती अमावस्या के दिन भूलकर भी मांस, मदिरा का सेवन न करें।

इस दिन बाल-नाखून न काटें।

पीपल के वृक्ष की पूजा के समय पीपल के पेड़ को न छुएं।

इस दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और ना ही कटु वचनों का प्रयोग करें।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

English summary

Somvati Amavasya 2022: Date, Puja Vidhi, Significance, Dos and Don'ts in Hindi

Here We are talking about Date, Puja Vidhi, Significance, Dos and Don'ts of Somvati Amavasya in Hindi.
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