क्या आप जानते हैं इन 12 कालसर्प दोष के बारे में

Posted By: Rupa Singh
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जिस प्रकार हमारी कुंडली में किसी भी ग्रह की अशुभ स्थिति बुरा फल देती है, ठीक उसी प्रकार अगर किसी भी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है तो उसका जीवन उतार चढ़ाव से भर जाता है। यह भयानक दोष जीवन में बड़े बड़े बदलाव का कारण भी बन सकता है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि कालसर्प दोष एक नहीं बल्कि 12 प्रकार के होते हैं।

क्या है कालसर्प दोष?

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जब कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं तो यह कालसर्प योग या कालसर्प दोष बनाता है। कहते हैं कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक के पिछले जन्म के किसी बुरे कर्म के दंड या श्राप के फलस्वरूप उसकी जन्मकुंडली में परिलक्षित होता है। जिस किसी की भी कुंडली में यह दोष पाया जाता है वह हमेशा शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान रहता है। साथ ही उसे संतान पक्ष से भी काफी कष्ट मिलता है। संतान प्राप्ति में उसे बहुत सी परेशानियां आती है और अगर उसे संतान प्राप्त हो भी जाए तो वह बहुत ही दुर्बल व रोगी होती है।

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12 प्रकार के होते है कालसर्प योग

अनंत कालसर्प योग

जिस भी जातक की कुंडली में अनंत कालसर्प योग होता है उसके विवाह में कई अड़चने आती हैं। साथ ही उसका प्रेम जीवन भी कुछ ख़ास नहीं होता। इसके अलावा इस दोष के कारण व्यक्ति को बहुत सी बीमारियां घेरे रहती है और वह मानसिक रोगी भी बन सकता है।

कुलिक कालसर्प योग

अगर किसी जातक की कुंडली में कुलिक कालसर्प योग होता है तो उसके वैवाहिक जीवन में बहुत सी मुश्किलें आती हैं। पति पत्नी के बीच का कलह उनके अलगाव का कारण भी बन जाता है। इसके अलावा उसकी सेहत भी ख़राब रहती है जिसके प्रभाव से उसके शरीर का कोई महत्वपूर्ण अंग नष्ट हो जाता है।

वासुकि कालसर्प योग

जिस जातक की कुंडली में वासुकि कालसर्प योग होता है उसका जीवन परेशानियों से भरा होता है। लाख कोशिशों के बावजूद उसे सफलता नहीं मिलती है। ऐसे लोगों के काम बनते बनते बिगड़ जाते हैं।

पितृदोष

अगर किसी की कुंडली में वासुकि कालसर्प योग है तो उसकी कुंडली में पितृदोष भी होगा। इन दोनों का एक साथ किसी जातक की कुंडली में होना उसके विनाश का कारण बन सकता है। इन दोषों का दुष्प्रभाव जातक के परिवार पर भी पड़ता है।

शंखपाल कालसर्प योग

अगर किसी जातक की कुंडली में शंखपाल कालसर्प योग होता है। वह हमेशा कुसंगति में पड़कर बुरे कर्म करता है। इसके अलावा इनके वैवाहिक जीवन में भी हमेशा कलह रहता है और यह बाहर नहीं बल्कि स्वयं के घर में भी चोरियां कर सकते हैं।

पदम कालसर्प योग

ऐसी कुंडली वाले जातकों को संतान प्राप्ति में बहुत सी मुश्किलें आती हैं। कई बार ये नि:संतान ही रह जाते हैं। अगर इन्हे संतान प्राप्त हो भी जाती है तो वह शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग होती है। इसके अलावा इस दोष वाले जातक को इनके संतान से अन्य कष्टों की भी संभावना रहती है।

महापदम कालसर्प योग

इस दोष को बहुत ही भयानक दोष माना जाता है। इसके दुष्प्रभाव से जातक का जीवन नरकीय बन जाता है और उसे तरह तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

तक्षक कालसर्प

जिस जातक की कुंडली में तक्षक कालसर्प योग होता है उसे स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां आती है। ख़ास तौर पर उनका वजन अधिक हो जाता है। इसके अलावा ऐसे लोग छोटे कद के होते हैं और इनका मानसिक विकास भी ठीक तरीके से नहीं हो पता है।

कारकोटक कालसर्प योग

ऐसे लोग बचपन से ही कई तरह की परेशानियों से गुज़रते हैं। इनकी सेहत भी अच्छी नहीं रहती लेकिन जैसे जैसे यह बड़े होते हैं इस दोष का प्रभाव कुछ कम हो जाता है। कई बार यह माता पिता के प्यार से वंचित रह जाते हैं या फिर इन्हें वो प्यार और दुलार नहीं मिल पता जिनके ये हकदार होते हैं। इतना ही नहीं परिवार के अन्य सदस्यों के दिमाग में इनकी एक बुरी छवि भी बन जाती है।

शंखचूड़ कालसर्प योग

जिस जातक की कुंडली में यह दोष होता है उसे हमेशा असफलता ही मिलती है। उसका हर प्रयास विफल हो जाता है। उसके पारिवारिक जीवन में भी कई मुश्किलें आती हैं और उसे आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

घातक कालसर्प योग

ऐसे लोगों के माता पिता से सम्बन्ध अच्छे नहीं होते हैं। साथ ही इस दोष के दुष्प्रभाव के कारण इनके जन्म के समय इनकी माता की मृत्यु भी हो जाती है। इनको अपना सारा जीवन सौतेली माता के साथ व्यतीत करना पड़ता है और यह माँ के प्रेम से वंचित रह जाते हैं।

विषधर कालसर्प योग

ऐसे जातक एक स्थान पर टिक नहीं सकते और सदैव इधर उधर भटकते रहते हैं। ये असामाजिक कार्यों में लिप्त रहते हैं और इन्हें हमेशा अपमान का घूँट पीना पड़ता है। इस दोष के कारण ये अपराधी भी बन जाते हैं।

शेषनाग कालसर्प योग

जिस जातक की कुंडली में यह दोष होता है वह हमेशा नकारात्मक ऊर्जा से घिरा रहता है। इतना ही नहीं यह दोष व्यक्ति को आत्महत्या करने पर भी मजबूर करता है लेकिन वह ऐसा कदम उठा नहीं पता और जीवन भर दुखी रहकर तपड़ता रहता है।

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    English summary

    Types of Kaal Sarpa yog and Dosh

    Kaal Sarp Dosh or yog is a serious condition in one's horoscope. As per Hindu astrology, when all the seven planets are hemmed between the shadow planets Rahu and Ketu, Kaal Sarp Yog is formed.
    Story first published: Thursday, May 10, 2018, 19:30 [IST]
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