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इस साल बसंत पंचमी पर बन रहा है विशेष योग, तिथि के साथ जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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सभी ऋतुओं में बसंत के मौसम को विशेष महत्ता दी गयी है। यह अवधि आम जनजीवन के साथ साथ प्रकृति में एक नयी ऊर्जा भरने का कार्य करती है। हिंदी पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को लोग बसंत पंचमी के रूप में मनाते हैं। इस साल बसंत पंचमी का पर्व 16 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन ज्ञान और वाणी की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी का दिन शिक्षा प्रारंभ करने, नई विधा, कला, संगीत आदि सीखने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इतना ही नहीं, छोटे बच्चों को इस दिन अक्षर ज्ञान कराया जाता है। इस लेख में जानते हैं कि इस साल की बसंत पंचमी पर कौन सा विशेष योग बन रहा है और पूजा करने का शुभ मुहूर्त और विधि क्या है।

बसंत पंचमी पर विशेष योग

बसंत पंचमी पर विशेष योग

29 जनवरी 2021 से माघ का महीना आरंभ हो चुका है। बसंत पंचमी माघ महीने के प्रमुख पर्वों में से एक है। इस वर्ष बसंत पंचमी का पर्व 16 फरवरी मंगलवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन रेवती नक्षत्र रहेगा और चंद्रमा मीन राशि में मौजूद रहेगा। बसंत पंचमी के दिन शुभ योग बना रहेगा। इस दिन सरस्वती जी की पूजा का विशेष लाभ जातक को प्राप्त होगा।

बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त

बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार 16 फरवरी को सुबह 03 बजकर 36 मिनट पर पंचमी तिथि का शुभारंभ होगा। बसंत पंचमी का समापन 17 फरवरी को सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर होगा।

बसंत पंचमी पूजा विधि

बसंत पंचमी पूजा विधि

बसंत पंचमी के दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। इस दिन आप सुबह ही शरीर पर उबटन लगाकर स्नान कर लें और इसके बाद ही पूजा आरंभ करें। बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का खास महत्व माना गया है। माना जाता है कि भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत अधिक प्रिय है। यदि संभव हो तो आप भी पीले रंग के वस्त्र धारण करें। अब पूजा स्थल को पवित्र करके अग्र भाग में गणेश जी और पीछे वसंत स्थापित करें। नए धान्य जैसे जौ, गेहूं आदि की मुट्ठीभर बाली की भरे कलश में डंठल सहित रखकर अबीर और पीले फूलों से वसंत बनाएं।

पूर्व अथवा उत्तर की ओर मुंह किए बैठकर मां को पीले रंग के फूलों की माला पहनाकर पूजन करें। अब तांबे के पात्र से दूर्वा से घर या मंदिर में चारों तरफ जल छिड़कें और ये मंत्र पढ़ें -

प्रकर्तत्याः वसंतोज्ज्वलभूषणा नृत्यमाना शुभा देवी समस्ताभरणैर्युता, वीणा वादनशीला च यदकर्पूरचार्चिता।

प्रणे देवीसरस्वती वाजोभिर्वजिनीवती श्रीनामणित्रयवतु।

इस दिन मां सरस्वती के साथ भगवान गणेश, सूर्य देव, भवन विष्णु, रति-कामदेव और भोलेनाथ की पूजा विधि-विधान से करें।

मां सरस्वती को अर्पित करें ये चीजें

मां सरस्वती को अर्पित करें ये चीजें

मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा करने के दौरान उनको पीले रंग के पुष्प, पीले रंग की मिठाई या खीर जरूर अर्पित करनी चाहिए। उनको केसर या पीले चंदन का टीका भी लगाएं। साथ ही पीले वस्त्र भेंट करें।

जिस जातक पर मां सरस्वती की कृपा दृष्टि पड़ती है उसके जीवन में अज्ञानता रूपी अंधकार दूर होता है। ज्ञान के प्रकाश से जीवन में सफलता मिलती है। साथ ही घर में सुख समृद्धि का निवास होता है।

English summary

Vasant Panchami 2021: Date, Shubh Muhurat, Saraswati Puja Vidhi in Hindi

Basant Panchmi, also known as Vasant Panchmi, is a Hindu festival that marks the arrival of spring. Check out the date, vishesh yog, puja muhurat and puja vidhi of Vasant Panchami in Hindi.