वृषभ संक्रांति 2018: सूर्य का राशि परिवर्तन किसके लिए होगा शुभ और किसके लिए अशुभ, जानिए

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वर्ष में आने वाली 12 संक्रांतियों में से वृषभ संक्रांति को भी बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली संक्रांति को वृषभ संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक यह वर्ष का दूसरा महीना होता है लेकिन जॉर्जियन कैलेंडर के अनुसार ये मई-जून का महीना होता है। माना जाता है कि इस दिन सूर्य मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश करता है इसलिए इसे वृषभ संक्रांति कहा जाता है।

आपको बता दें इस बार वृषभ संक्रांति 15 मई मंगलवार, 2018 को है। हर संक्राति पर दान पुण्य का बड़ा ही महत्व होता है। कहते हैं इस दिन दान दक्षिणा देने से बहुत पुण्य मिलता है और इस दिन गौ दान को बहुत ही ख़ास माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि संक्रांति पर गौ दान करना बहुत ही लाभकारी होता है।

आइए जानते हैं क्या है वृषभ संक्रांति और कैसे मनाते हैं इस खास दिन को। इसके अलावा सूर्य का दूसरे राशि में प्रवेश किन राशियों के लिए शुभ रहेगा और किसे सावधान रहने की ज़रुरत है।

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ऐसे करें व्रत और पूजा

कहते हैं सूर्य देव पूरे वर्ष में एक एक कर सभी राशियों में प्रवेश करते हैं और इस चक्र को संक्रांति कहा जाता है। वृषभ संक्रांति का त्योहार ज्येष्ठ महीने की शुरुआत को भी दर्शता है। इस दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए और व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद सूर्य देव और भगवान शिव के 'ऋषभरुद्र' स्वरुप की पूजा करनी चाहिए। प्रसाद के रूप में भगवान को खीर का भोग लगाएं।

ऐसी मान्यता है कि वृषभ संक्रांति वाले दिन अगर उपासक रात को ज़मीन पर सोये तो उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है। इसके अलावा इस दिन दान ज़रूर करें। कहा जाता है बिना दान के वृषभ संक्रांति की पूजा अधूरी होती है। माना जाता है कि गौ दान के अलावा वृषभ संक्रांति पर अगर किसी ब्राह्मण को पानी से भरा घड़ा दान किया जाए तो इससे विशेष लाभ मिलता है।

वृषभ का अर्थ होता है बैल साथ ही भगवान शिव का वाहन नंदी भी बैल है इसलिए वृषभ संक्रांति का अपना एक अलग ही महत्व होता है।

दक्षिण भारत में वृषभ संक्रांति

भारत के विभिन हिस्सों में वृषभ संक्रांति को अलग अलग नामों से जाना जाता है। दक्षिण भारत में वृषभ संक्रांति को वृषभ संक्रामन के रूप में जाना जाता है। वहीं सौर कैलेंडर के अनुसार इस त्योहार को नए मौसम की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। तमिल कैलेंडर में इसे वैगसी मासुम का आगमन कहा जाता है तो मलयालम कैलेंडर में 'एदाम मसम'। अगर बात बंगाली कैलेंडर की करें तो वहां इसे 'ज्योत्तो मश' का प्रतीक माना जाता है। ओडिशा में वृषभ संक्रांति को 'ब्रश संक्रांति' के रूप में जाना जाता है।

सूर्य के राशि परिवर्तन का दूसरी राशियों पर प्रभाव।

1. मेष: इस राशि के जातकों के लिए सूर्य का राशि परिवर्तन अशुभ रहने के आसार हैं। धन हानि होने की सम्भावना है साथ ही व्यापार में भी कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। घर में वाद विवाद का माहौल बना रहेगा और प्रियजनों से मनमुटाव हो सकता है। कुछ स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां भी आ सकती है।

2. वृषभ: आपकी राशि में सूर्य का प्रवेश आपको मिलाजुला परिणाम दे सकता है। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा किन्तु स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां आपके सफलता के रास्ते में बड़ी रूकावट साबित होगी। काम काज के मोर्चे पर भी यह समय कुछ ख़ास नहीं रहेगा। अगर आप नए घर का सपना देख रहे हैं तो वह पूरा हो सकता है लेकिन आर्थिक समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है।

3. मिथुन: सूर्य का परिवर्तन मिथुन राशि वालों के लिए मुसीबतें ला सकता है। आपको अपने शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है क्योंकि वे आपको हानि पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा प्राप्त हुआ धन उम्मीद के मुताबिक ना होने से आपकी मानसिक चिंताएं भी बढ़ सकती हैं। सेहत पर भी विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है।

4. कर्क: इस राशि के जातकों के लिए सूर्य का परिवर्तन बहुत ही शुभ रहने वाला है। धन लाभ का योग है, साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि होने की सम्भावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी उन्नति हो सकती है।

5. सिंह: सिंह राशि वालों के लिए भी सूर्य का परिवर्तन लाभदायक सिद्ध हो सकता है। आपको व्यापार में कोई बड़ी सफलता मिल सकती है जिसके कारण आपका आर्थिक पक्ष मज़बूत हो जाएगा। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा और कार्यक्षेत्र में भी अनुकूलता बनी रहेगी।

6. कन्या: इस राशि के जातकों के लिए सूर्य का परिवर्तन अशुभ रह सकता है। धन हानि होने के साथ साथ मान मर्यादा को भी ठेस पहुंच सकता है। घर में अशांति का वातावरण रहने से आपका मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है।

7. तुला: तुला राशि वालों को हर तरफ से सावधान रहने की ज़रुरत है। धन हानि के साथ साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी आ सकती है। आपके मनोबल में कमी हो सकती है जिसके कारण आपको असफलता मिलने का योग है।

8. वृश्चिक: इस राशि वालों को सूर्य के गोचर अनुसार बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ख़ास तौर पर दांपत्य जीवन में मुश्किलें आएंगी। धन हानि होने की भी संभावना है।

9. धनु: धनु राशि वालों के लिए सूर्य का परिवर्तन कुछ अच्छे अवसर ला सकता है। आपको अपने प्रयासों में सफलता मिल सकती है और साथ ही कोई बड़ा वित्तीय लाभ मिलने का भी योग है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और रोगों से भी छुटकारा मिलेगा।

10. मकर: मकर राशि वालों को शारीरिक कष्ट होने का योग है। परिवार में कलह के कारण आपकी मानसिक चिंताएं बढ़ सकती है। यात्रा करते वक़्त सावधानी बरतने की ज़रुरत है क्योंकि आप किसी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।

11. कुम्भ: पारिवारिक विवाद के कारण आपको मानसिक तनाव मिल सकता है। साथ ही आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में असफलता मिलने की सम्भावना है।

12. मीन: इस राशि के जातकों के लिए सूर्य का परिवर्तन बहुत ही शुभ और लाभदायक रहने वाला है। मित्रों और परिवार का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। साथ ही धन लाभ होने से आपका कोई रुका हुआ महत्वपूर्ण कार्य पूरा होने का योग है। मान सम्मान में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में भी सफलता मिलेगी।

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    English summary

    vrishabha sankranti 15 may 2018

    In the Hindu Solar Calendar, the festival of Vrishabha Sankranti marks the onset of the second month. During this the planetary shift of Sun to the Vrishabha rashi from Mesha rashi, takes place.
    Story first published: Monday, May 14, 2018, 15:45 [IST]
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