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कहीं आपका बच्चा तनावग्रस्त तो नहीं, पहचानें इन संकेतों से

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व्यवहार में नकारात्मक बदलाव को देखें
सभी उम्र के बच्चे, विशेष रूप से छोटे बच्चों को, जब वे तनाव का अनुभव कर रहे हों, तो उन्हें हैंडल करना मुश्किल हो सकता है। बच्चे अक्सर अपने बदलते व्यवहार से इसका संकेत देते हैं। सामान्य परिवर्तनों में चिड़चिड़ा या मूडी होना, ऐसी गतिविधियों से पीछे हटना, जो उन्हें अमूमन खुशी देती थीं, स्कूल के बारे में सामान्य से अधिक शिकायत करना, रोना, आश्चर्यजनक भयपूर्ण प्रतिक्रियाएँ प्रदर्शित करना, माता-पिता या शिक्षक से लिपटना, बहुत अधिक या बहुत कम सोना या बहुत अधिक या बहुत कम खाना जैसे बदलाव नजर आ सकते हैं।

वहीं टीनएजर्स का दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताना एक सामान्य बात है, लेकिन अगर टीन्स माता-पिता से बचना या नए दोस्तों के लिए लंबे समय की दोस्ती को छोड़ देना या परिवार के सदस्यों के प्रति अत्यधिक गुस्सा या दुश्मनी व्यक्त करना, यह संकेत दे सकता है कि किशोर तनाव का अनुभव कर रहा है। हालांकि, यहां इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है कि नकारात्मक व्यवहार हमेशा अत्यधिक तनाव से जुड़ा नहीं होता है, लेकिन व्यवहार में नकारात्मक परिवर्तन लगभग हमेशा एक स्पष्ट संकेत होते हैं कि कुछ गलत है। वयस्कों को इन व्यवहारों पर ध्यान देना चाहिए और उनकी मदद करने के प्रयास करने चाहिए।

बच्चे का बीमार महसूस करना

बच्चे का बीमार महसूस करना

तनाव पेट के दर्द और सिरदर्द जैसे शारीरिक लक्षणों में भी दिखाई दे सकता है। इसलिए यदि कोई बच्चा बार-बार पेट में दर्द या सिरदर्द की शिकायत करता है (जब उन्हें अपने चिकित्सक द्वारा यह बताया गया है कि वह स्वस्थ है), या यदि ये शिकायतें कुछ स्थितियों में बढ़ जाती हैं (जैसे, एक बड़े टेस्ट से पहले) तो इसका अर्थ है कि बच्चा बहुत अधिक तनाव का अनुभव कर रहा है।

दूसरे बच्चों से बातचीत करने का तरीका

दूसरे बच्चों से बातचीत करने का तरीका

कभी-कभी एक बच्चा या टीनेजर अपने घर पर सामान्य रूप से स्वयं की तरह लग सकता है लेकिन दूसरों के साथ उसका व्यवहार काफी कुछ कहता है। इसलिए माता-पिता के लिए एक दूसरे के साथ नेटवर्क करना महत्वपूर्ण है ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके आसपास की दुनिया में बच्चा या किशोर क्या कर रहे हैं। अन्य माता-पिता के साथ संवाद करने के अलावा, शिक्षकों, स्कूल प्रशासकों और बच्चे से जुड़े अन्य व्यक्तियों से संपर्क में होने से माता-पिता को अपने बच्चे या टीनेजर के विचारों, भावनाओं और व्यवहार में टैप करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे उन्हें बच्चे में स्ट्रेस और उसके स्रोत के बारे में पता चलता है।

सुने और समझें

सुने और समझें

क्योंकि बच्चे अक्सर स्ट्रेस शब्द और उसके अर्थ से परिचित नहीं होते हैं, इसलिए वे "चिंतित," "भ्रमित," "नाराज," और "गुस्सा" जैसे अन्य शब्दों के माध्यम से संकट की भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं। बच्चे और किशोर अपने, दूसरों, या अपने आस-पास की दुनिया के बारे में नकारात्मक बातें कहकर तनाव की भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं (जैसे "कोई भी मुझे पसंद नहीं करता," "मैं बेवकूफ हूं," "कुछ भी मजेदार नहीं है।")। माता-पिता के लिए इन शब्दों और वाक्यों को सुनना और यह पता लगाने की कोशिश करना महत्वपूर्ण है कि आपका बच्चा या टीनेजर उन्हें क्या और क्यों कह रहा है और क्या वे किसी तनाव के स्रोतों का संकेत दे रहे हैं।

ढूंढे सपोर्ट

ढूंढे सपोर्ट

माता-पिता, बच्चों और टीनेजर को अपने दम पर बहुत अधिक तनाव से निपटने की आवश्यकता नहीं है। यदि माता-पिता को यह चिंता है कि उनके बच्चे या टीनेजर को नियमित रूप से तनाव के लक्षणों का सामना करना पड़ रहा है। तो ऐसे में वह खुद तो बच्चे की मदद कर ही सकते हैं। साथ ही एक लाइसेंस प्राप्त मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर जैसे कि मनोवैज्ञानिक भी इस काम में उनकी मदद कर सकते हैं। मनोवैज्ञानिक लोगों को समस्याओं की पहचान करने और तनाव की फीलिंग को दूर करने के लिए प्रभावी रणनीति विकसित करने में मदद करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं।

English summary

Effective Ways To Identify Stress In Children And Teens

here we are talking about some simple but effective ways to identify stress in children and teens. Read on.
Story first published: Thursday, April 15, 2021, 19:00 [IST]