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आने वाली पीढ़ी भी याद रखेगी दिलीप कुमार और सायरा बानो की लव स्टोरी

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मोहब्बत उम्र से परे होती है और हमेशा जवां रहती है। हमसफर पाने की शिद्दत से चाहत हो तो कायनात उसे मिला भी देती है। ये बात दिलीप कुमार उर्फ़ मोहम्मद युसूफ खान ने न सिर्फ साबित की बल्कि इसे जिया भी। 7 जुलाई 2021 को अपने सभी चाहने वालों को गमज़दा कर दिलीप कुमार तो चले गए लेकिन अपने पीछे छोड़ गए कई बेहतरीन कहानियां, जो उनके करियर और निजी जीवन से संबंधित है और आज के युवा उस से प्रेरणा ले सकते हैं। आइए ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की चर्चा करते हैं।

नहीं की जा सकती उनकी तुलना

नहीं की जा सकती उनकी तुलना

11 दिसंबर 1922 में पेशावर, पाकिस्तान में जन्मे दिलीप कुमार सपनों के शहर मुंबई आए और अभिनय में करियर की शुरुआत कि। शुरूआती दौर में ही इन्होंने अपने बेहद संवेदनशील और संजीदा अभिनय से अपनी छाप छोड़ी। इनकी पहली फिल्म ज्वार भाटा रही। इनके फ़िल्मी करियर की बात करें तो नया दौर, त्रिशूल, मुग़ल-ए-आज़म, देवदास और सौदागर में उन्होंने इतनी उम्दा डायलॉग डिलीवरी की कि वर्षों बाद भी आज उसे चाव से सुना और बोला जाता है। 1955 में उनकी ब्लैक एंड वाइट फिल्म देवदास बनी जिसमें उनका अभिनय इतना सशक्त था कि बाद में जब संजय लीला भंसाली ने फिल्म देवदास बनाई तो दिलीप कुमार की फिल्म से प्रेरणा ली गई।

मोहब्बत का कारवां

मोहब्बत का कारवां

मोहब्बत में उम्र का फासला कोई मायने नहीं रखता। एक इंटरव्यू के दौरान दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो ने ये कहा था कि उनका दिल दिलीप कुमार पर आ गया था लेकिन दोनों के बीच 20 साल से ज्यादा का अंतर होने की वजह से वो अप्रोच करने में थोड़ी असहज महसूस करती थीं। पर कहते हैं ना कि दिल से जब कुछ चाहो तो उसे मिल जाता है। दिलीप कुमार को शायद सायरा बानो के दिल की बात का एहसास था और उन्होंने सायरा बानो को पत्नी के रूप में स्वीकार किया।

मेरे सफेद बाल नहीं दिख रहे तुम्हें

मेरे सफेद बाल नहीं दिख रहे तुम्हें

एक इंटरव्यू में ये भी बात सामने आई कि जब सायरा बानो ने अपने दिल की बात दिलीप कुमार से कही थी तब दिलीप साहब ने उनसे मजाक में कहा था तुम्हें मेरे सफ़ेद बाल नहीं दिखाई दे रहे हैं। पर सायरा के मन में तो दिलीप साहब का नाम छप चुका था और ये बात दिलीप कुमार भी समझ गए।

सायरा बानो का हुआ था मिसकैरिज

सायरा बानो का हुआ था मिसकैरिज

सायरा बानो और दिलीप कुमार की शादी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी। इनकी जब शादी हुई तब उस वक्त दिलीप साहब 44 और सायरा बानो 22 साल की थीं। शादी के बाद दोनों ने मिलकर हर मुश्किल का सामना किया। पर्सनल लाइफ में कई उतार चढ़ाव भी उन्होंने देखें। दिलीप साहब की ऑटोबायोग्राफी द सबस्टांस एंड द शैडो से पता चलता है कि एक बार सायरा प्रेग्नेंट थीं, मगर उनका मिसकैरेज हो गया। इस हादसे से दोनों बहुत ज्यादा निराश हुए लेकिन एक दूसरे का हौसला बनकर उन्होंने इस सफ़र को पूरा किया।

दिलों में रहेंगे

दिलों में रहेंगे

चाहे मोहब्बत में उम्र की बात हो या पाकिस्तान में पुरूस्कार लेने की बात हो, ऐसे कई मामलों को दिलीप कुमार साहब ने जितनी शालीनता और संजीदगी से हैंडल किया वो काबिलेतारीफ है। मोहब्बत के सलीम को बोल्डस्काई टीम की तरफ से श्रधांजलि।

English summary

All You Need to Know About Dilip Kumar and Saira Bano Love Story in Hindi

All You Need to Know About Dilip Kumar and Saira Bano Love Story in Hindi