हरी सब्जियों की जब भी बात आती है तो सबसे पहले पालक का नाम आता है। जिसे लोग रामबाण कहते हैं। लोग कहते हैं कि पालक खाने वाला व्यक्ति को कभी भी डॉक्टर के पास नहीं जाता, कहने का तात्पर्य ये है कि पालक खाने वाला कभी बीमार नहीं पड़ता है। डॉक्टरों के मुताबिक पालक में शरीर के लिए आवश्यक अनेक अमीनो अम्ल, विटामिन ए, फोलिक अम्ल, प्रोटीन और लौह तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। पालक में बीटा केरोटिन नामक विटामिन की भरमार रहती है।
जो आंखो के लिए काफी अच्छी होती है। पालक में लोहे का अंश भी बहुत अधिक रहता है, पालक में मौजूद लोहा शरीर द्वारा आसानी से सोख लिया जाता है। इसलिए पालक खाने से खून के लाल कणों की संख्या बढ़ती है। इन लाल कणों में हिमोग्लोबिन नामक तत्व रहता है जो लोहे से बनता है। खून की कमी से पीड़ित व्यक्तियों को पालक खाने से काफी फायदा पहुंचता है। गर्भवती स्त्रियों में फोलिक अम्ल की कमी पाई जाती है। उनके लिए भी पालक का सेवन लाभदायक होता है। पालक में कैल्शियम भी बहुत अधिक रहता है। इसलिए बढ़ते बच्चों, बूढ़े व्यक्तियों और गर्भवती स्त्रियों के लिए वह बहुत फायदेमंद है। पालक खाने से स्तनपान करानेवाली माताओं के स्तनों में अधिक दूध बनता है।
यही नहीं पालक त्वचा और शरीर के लिए भी बहत अच्छा होता है। जो लोग बाल गिरने से परेशान हैं उन्हें तो रोज पालक खाना चाहिए। जो शरीर में आयरन की कमी को पूरा करके बालों का गिरना रोकता है। पालक त्वचा को रूखे होने से बचाता है। पालक आखों में चमक उत्पन्न करता है। पालक के पेस्ट को चेहरे पर लगाने से चेहरे से झाइयां दूर हो जाती है। इसलिए महंगी-महंगी दवाइयां खाने से अच्छा है कि आप पालक खाइये जिससे दवाइयां खाने की नौबत ही ना आये।





















