हर मां-बाप यही चाहते हैं कि उनका बच्चा बिल्कुल स्वस्थ्य और नार्मन हो। यहां नार्मल का मतलब है दिमागी और शारीरिक तौर पर बिल्कुल हष्ट पुष्ट बच्चा। इसको पता लगाने के लिये आपको कुछ संकेतो का ध्यान रखना पड़ेगा जिससे आपको आसानी से पता चल जाएगा कि आपका बच्चा नार्मल है या फिर नहीं।

आइये जानते हैं कौन से हैं वह संकेत-
1. क्या आपने बच्चे को रोते सुना?: अगर आपकी नार्मल डिलवरी हुई है, तो आप पैदा होते ही अपने बच्चे को तेजी के साथ रोते देखेंगी। बच्चा जैसे ही रोता है, उसकी धड़कने अपने आप ही उसी वक्त चलना शुरु कर देती हैं। अगर शिशु किसी शॉक की वजह से नहीं रोता है, तो डॉक्टर उसे पीठ पर थपथपा कर रुलाता है।
2. हाथ-पैरों में 10 उंगलियां- घर की दादी-नानी अक्सर बच्चा पैदा होने पर बच्चे की सारे हाथ-पैर की उंगलियां देखती हैं, कि कहीं उसमें से कम या ज्यादा तो नहीं है। इससे पता चलता है कि बच्चे में कोई शारीरिक दोष नहीं है।
3. आइबॉल मूवमेंट- नवजात शिशु की आंखों की पुतली अभी ठीक से विकसित नहीं हुई होती है, जिससे वह आंखों को कुछ दिनों तक बंद ही रखता है। जब भी बच्चा अपनी आंखे खोले, तुरंत ही अपनी उंगली के माध्यम से उसका ध्यान चलती हुई उंगली की ओर खींचे। अगर उसकी पुतलियां दाएं-बाएं ठीक तरह से घूम रहीं हो, तो आपके बच्चे की आंखें सही हैं।
4. सुनने की क्षमता- जब भी आपका बच्चा गहरी नींद में सो रहा हो, तब तेज आवाज करें जिससे वह जग जाएगा और आपको पता चल जाएगा कि वह नार्मल है।
5. वजन- वैसे तो जन्म के तुंरत बाद शिशु का वजन कुछ कम होता ही है। लेकिन सामान्य तौर पर शारीर से केवल 10 प्रतिशत वजन कम होना ही नार्मल माना जाता है।
6. भूखा बच्चा यानी स्वस्थ्य बच्चा- अगर आपका दूध्ा पीने मे कोई आनी-कानी नहीं करता है और बड़े ही मन से दूध पीता है, तो समझ लीजिये कि उसे अच्छी-खासी भूंख लगती है। अगर बच्चा अच्छे से खाता और सोता है, तो वह नार्मल है।
7. चेहरे की बनावट- जब शिशु नार्मल डिलवरी से पैदा होता है, तो उसका सिर थोड़ा बड़ा होता है, जो समय के साथ नार्मल हो जाता है। ऐसा इसलिये होता है क्योंकि बच्चे को बहुत ही छोटी सी जगह से निकलना पड़ता है, इसलिये सिर पर बहुत जोर पड़ता है। इसके अलावा आपको और भी विशेषताएं देखानी होंगी जैसे, मुड़ी हुई नाक या फिर लटका हुआ मुंह।



















