खांसी-जुखाम अक्सर एलर्जी की वजह से आती है। जब भी शिशु को ठंडी लगती है या फिर खांसी आती है, तो मां-बाप का सबसे
अगर आप अभी-अभी मां बनी हैं, तो जाहिर सी बात है कि आप अपने शिशु को नहलाते वक्त डरती होंगी की कहीं उसे तकलीफ
बर्थ कंट्रोल करने की जिम्मेदारी केवल महिलाओं की ही नहीं होती। आप सोंचते हैं कि महज कंडोम के इस्तमाल से आपकी जिम्मेदारी खतम हो
मान लीजिये आपकी बीवी कहीं बाहर गई हुई है और आपको अपने शिशु की पूरी देखभाल की जिम्मेदारी सौंप कर गई है तो आप
क्या आप अपने शिशु को मुंह में अंगुठा दबाए चूसते हुए देख तनाव में आ जाती हैं, खैर, अब इसमें तनाव में आने की
शिशुओं में पीलिया बड़ी ही आम समस्या है, यह तब होती है जब शरीर में बिलीरुबिन यानी की यलो बाइल पिगमेंट का लेवल बढ़
क्या आप लड़के की आस लगा रहीं हैं? अगर हां, तो आप कुछ अलग ही प्रकार के लक्षण महसूस करेगीं। वैसे तो भारत में
इम्यूनिटी कमजोर होने से बीमार होते हैं बच्चे एक शोध में सामने आया है कि समय से कुछ सप्ताह से पहले पैदा होने वाले
हर कपल्स की चाह होती है कि वह बच्चे के जनम से पहले यह जान लें कि उनका आने वाला महमान लड़का है या
शिशुओं की त्वचा बहुत ही संवेदशील और कोमल होती है। आजकल बाजार में मिलने वाले कठोर साबुन और तेल, शिशु की त्वचा को नुक्सान
शिशु को डाइपर पहनाना भी एक कला होती है। यह जल्दी, आसानी से और बिना शिशु को परेशान किए हुए पनानी चाहिये। इसलिए आज