Latest Updates
-
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम
Budh Gochar 2025: 7 मई को होगा बुध गोचर, जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मत और किन्हें होगा धन का नुकसान
Budh Gochar 2025 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार 7 मई 2025 को बुध मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा, जहां पहले से ही सूर्य स्थित हैं। इससे मेष राशि में बुधादित्य योग बनेगा, जो बुद्धि, वाणी, नेतृत्व क्षमता और तर्क शक्ति को बढ़ाता है। यह योग विशेषकर पत्रकारिता, शिक्षा, लेखन, वकालात, सोशल मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए शुभ रहेगा। बुध को वाणी, तंत्रिका तंत्र, गला, स्किन और लेन-देन का कारक माना जाता है। इसके गोचर से इनकम, निवेश और शेयर बाजार पर असर पड़ेगा।
कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जबकि कुछ को नुकसान हो सकता है। यह समय मानसिक तीव्रता, संवाद क्षमता और करियर में बदलाव के संकेत देता है। जिन राशियों के लिए यह योग शुभ है, उन्हें नए अवसर और लाभ मिल सकते हैं।

बुधादित्य योग क्या है?
जब सूर्य और बुध एक ही राशि में एकसाथ स्थित होते हैं, तो बुधादित्य योग बनता है। यह योग बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और वाणी में प्रभाव को बढ़ाता है। यह योग उन लोगों के लिए खास लाभकारी होता है जो राजनीति, पत्रकारिता, शिक्षा, लेखन, सोशल मीडिया और व्यापार से जुड़े हैं।
इन राशियों की चमकेगी किस्मत
1. मिथुन राशि
बुध मिथुन राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस गोचर का सकारात्मक असर सबसे पहले मिथुन राशि पर पड़ेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता, नई जिम्मेदारियाँ और आर्थिक लाभ के संकेत हैं। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और निवेश से लाभ होने की संभावना है।
2. कर्क राशि
इस राशि के जातकों को करियर और निजी जीवन में खुशखबरी मिल सकती है। बिजनेस में नई डील फाइनल हो सकती है। परिवार में कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा।
3. कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए यह समय बुद्धि और वाणी के क्षेत्र में सफलता लाएगा। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छा समय है। कानूनी मामलों में भी राहत मिलेगी।
4. वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लोगों को अचानक धन लाभ हो सकता है। शेयर मार्केट और ट्रेडिंग से जुड़े लोगों को मुनाफा मिलने के योग हैं। मानसिक शांति और स्वास्थ्य में सुधार भी होगा।
5. मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर नई शुरुआत और पुराने कर्जों से राहत दिलाने वाला होगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।
इन राशियों को रहना होगा सतर्क
1. वृष राशि
बुध का यह गोचर आर्थिक नुकसान की आशंका लेकर आ रहा है। लेन-देन में सावधानी रखें और किसी भी निवेश को सोच-समझकर करें। खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है।
2. मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए यह समय मानसिक तनाव और आर्थिक उलझनों वाला हो सकता है। नौकरी में अस्थिरता और स्थान परिवर्तन के योग बन सकते हैं। सेहत को लेकर भी सतर्क रहें।
इन राशियों के लिए रहेगा मिला-जुला समय
1. मेष, सिंह, तुला, धनु, कुंभ राशि
इन राशियों के लिए यह गोचर सामान्य रहेगा। करियर में मामूली प्रगति और व्यस्तता बनी रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति से सहयोग मिलने की संभावना है, लेकिन निवेश और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सतर्क रहना होगा।
बुध ग्रह के उपाय
- अगर आप बुध दोष से पीड़ित हैं या गोचर से प्रभावित हो रहे हैं, तो ये उपाय करें:
- बुधवार को मां दुर्गा की पूजा करें।
- गाय को हरा चारा और हरे मूंग का दान करें।
- गणपति को दूर्वा चढ़ाएं (11 या 21 गांठें)।
- पालक और हरी वस्तुओं का दान करें।
- कन्या पूजन कराएं।
बुध के मंत्र
वैदिक मंत्र
ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च...
तांत्रिक मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः
बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications
