DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक

Direct Hair Transplantation: बालों का झड़ना आज एक आम समस्या बन गई है। कई लोगों के बाल लगातार पतले होते जाते हैं या कुछ हिस्सों में पूरी तरह झड़ जाते हैं। ऐसे में, हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी बालों को दोबारा पाने का एक अच्छा विकल्प मानी जाती है। समय के साथ हेयर ट्रांसप्लांट की तकनीक भी काफी बदल गई है। पहले जहां स्ट्रिप हार्वेस्टिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता था, वहीं अब फॉलिक्युलर यूनिट एक्सट्रैक्शन (FUE) और डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन (Direct Hair Transplantation यानी DHT) जैसी तकनीकें इस्तेमाल की जाती हैं। इनका मकसद बालों को ज्यादा प्राकृतिक तरीके से दोबारा उगाने में मदद करना है। आइए, यूजेनिक्स हेयर साइंसेज के सह-संस्थापक डॉ प्रदीप सेठी से जानते हैं डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन क्या है और इसके क्या फायदे हैं -

What Is Direct Hair Transplantation

क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन (DHT)?

DHT एक ऐसी हेयर ट्रांसप्लांट तकनीक है, जिसमें डोनर एरिया से हेयर ग्राफ्ट निकालने के बाद उन्हें कम से कम देरी के साथ प्रभावित हिस्से में इम्प्लांट किया जाता है। सामान्य FUE में पहले बालों के फॉलिकल्स को एक-एक करके निकाला जाता है। इसके बाद उन्हें कुछ समय के लिए शरीर के बाहर सुरक्षित रखा जाता है और फिर तैयार की गई रिसिपिएंट साइट्स में लगाया जाता है। DHT में विशेष इम्प्लांटर उपकरणों की मदद से ग्राफ्ट को निकालने के बाद जल्द से जल्द इम्प्लांट करने पर ध्यान दिया जाता है। इसका उद्देश्य ग्राफ्ट के शरीर के बाहर रहने के समय और अनावश्यक हैंडलिंग को कम करना है।

ग्राफ्ट सर्वाइवल क्यों है महत्वपूर्ण?

डॉ प्रदीप सेठी बताते हैं कि हेयर ट्रांसप्लांट की सफलता सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि कितने ग्राफ्ट लगाए गए। यह भी महत्वपूर्ण है कि उनमें से कितने ग्राफ्ट सर्जरी के बाद जीवित रहें और उनसे बालों की ग्रोथ हो। इसे ग्राफ्ट सर्वाइवल कहा जाता है। दरअसल, हेयर ग्राफ्ट जीवित मिनी-ऑर्गन्स की तरह होते हैं। जब ये शरीर से बाहर होते हैं, तो डिहाइड्रेशन, तापमान में बदलाव और गलत तरीके से संभालने के कारण इन्हें नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक शरीर से बाहर रहने पर ऐसे जोखिम बढ़ सकते हैं। इसलिए ग्राफ्ट को सही तरीके से हाइड्रेटेड रखना, तापमान नियंत्रित रखना और सावधानी से हैंडल करना जरूरी होता है।

DHT से कैसे बेहतर हो सकते हैं परिणाम?

DHT के पीछे मुख्य विचार ग्राफ्ट को कम समय के लिए शरीर के बाहर रखना और उसे कम से कम हैंडल करना है। इससे ग्राफ्ट पर पड़ने वाले तनाव और नुकसान का जोखिम कम हो सकता है। अगर बाकी परिस्थितियां समान हों, तो इससे ग्राफ्ट सर्वाइवल और कुल हेयर यील्ड को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, केवल DHT तकनीक से ही अच्छे परिणाम की गारंटी नहीं होती। सर्जन का अनुभव, डोनर हेयर की गुणवत्ता, मरीज की उम्र, आनुवंशिक कारण, सर्जिकल सटीकता और सर्जरी के बाद की देखभाल भी परिणामों को प्रभावित करती है। कुल मिलाकर, DHT का उद्देश्य ग्राफ्ट को कम से कम नुकसान पहुंचाते हुए जल्द से जल्द इम्प्लांट करना है।

प्राकृतिक बालों के लिए प्लेसमेंट भी जरूरी

सिर्फ ग्राफ्ट का जीवित रहना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें सही एंगल, दिशा और गहराई पर लगाना भी जरूरी है। इससे हेयरलाइन और बालों की डेंसिटी ज्यादा प्राकृतिक दिखाई दे सकती है। विशेष इम्प्लांटर उपकरण नियंत्रित तरीके से ग्राफ्ट लगाने में मदद कर सकते हैं। डॉ प्रदीप सेठी के अनुसार, FUE या DHT नाम से ज्यादा महत्वपूर्ण ग्राफ्ट की सही हैंडलिंग, हाइड्रेशन, तापमान नियंत्रण, सावधानीपूर्वक प्लेसमेंट और अनुभवी सर्जिकल टीम है।

ट्रांसप्लांट के बाद कब दिखते हैं बाल?

हेयर ट्रांसप्लांट के बाद तुरंत बालों की पूरी ग्रोथ दिखाई नहीं देती। आमतौर पर ट्रांसप्लांट किए गए बाल 3 से 4 महीने बाद दिखना शुरू हो सकते हैं। 6 से 9 महीने में बदलाव ज्यादा स्पष्ट नजर आने लगता है, जबकि बालों को पूरी तरह विकसित और परिपक्व होने में 12 से 18 महीने तक लग सकते हैं। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि हेयर ट्रांसप्लांट बाल झड़ने के मूल आनुवंशिक या हार्मोनल कारणों को खत्म नहीं करता। इसलिए लंबे समय के परिणामों के लिए सही प्लानिंग और डॉक्टर की सलाह के अनुसार देखभाल जरूरी है।

Story first published: Saturday, October 3, 2026, 18:00 [IST]
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