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डायबिटीज में आम, केला और आलू खाना चाहिए या नहीं? जानिए मिथक और सच्चाई
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर
डायबिटीज के ऐसी समस्या है, जिसे सिर्फ दवाओं से कंट्रोल नहीं किया जा सकता है. डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए संतुलित खानपान और सही लाइफस्टाइल भी उतना ही जरूरी है. डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि रोटी खाना सही है या चावल? लेकिन सिर्फ यह जानना काफी नहीं है। जितना जरूरी यह है कि आप क्या खा रहे हैं, उतना ही जरूरी यह भी है कि आप उसे किस समय खा रहे हैं। खाने का सही समय और सही मात्रा, दोनों मिलकर तय करते हैं कि शरीर कार्बोहाइड्रेट को कैसे हैंडल करेगा और इसका ब्लड शुगर लेवल पर क्या असर पड़ेगा।

'ज्ञान बाय गणेश - मेकिंग इंडिया विन ओवर डायबिटीज' (Gyaan by Ganesh - Making India Win Over Diabetes), सन फार्मा और अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की एक जागरूकता पहल है। इसका मकसद विशेषज्ञों की जानकारी के ज़रिए भारतीयों को डायबिटीज को बेहतर ढंग से समझने, उससे बचाव करने और उसे मैनेज करने में मदद करना है।
क्या टाइमिंग से सच में फर्क पड़ता है?
दरअसल, हमारे शरीर के अंदर एक तरह की बायोलॉजिकल घड़ी चलती रहती है, जिसे सर्कैडियन रिदम कहते हैं। यही घड़ी तय करती है कि दिन और रात के हिसाब से हार्मोन, पाचन और इंसुलिन कैसे काम करेंगे। दिनभर शरीर इंसुलिन के प्रति ज्यादा अलर्ट रहता है, इसलिए दिन में खाया गया खाना बेहतर तरीके से पचकर एनर्जी में बदल जाता है। लेकिन देर रात भारी खाना खा लेने पर यही प्रोसेस सुस्त पड़ जाता है और ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ा रह सकता है। इसलिए डॉक्टर समय पर खाना खाने और देर रात खाने से बचने की सलाह देते हैं।
डायबिटीज में चावल कब खाना चाहिए?
"डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं कि आपको चावल बिल्कुल छोड़ देने चाहिए। डायबिटीज में चावल खाए जा सकते हैं, लेकिन सही समय और सही मात्रा में। डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, दोपहर के खाने में सीमित मात्रा में चावल खाना बेहतर होता है, क्योंकि इस समय शरीर कार्बोहाइड्रेट को अच्छी तरह इस्तेमाल कर पाता है। अगर चावल के साथ दाल, हरी सब्जी, सलाद और पनीर, दही या दाल जैसी प्रोटीन वाली चीजें खाई जाएं, तो ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता है। हालांकि, रात में ज्यादा चावल खाने से बचना चाहिए, क्योंकि उस समय शरीर उतना एक्टिव नहीं रहता है, जिसके कारण ग्लूकोज उतनी तेजी से खर्च नहीं हो पाता है।"
Dr. Rajesh Kumar Kewat, MBBS MD(General Medicine) Diabetes,Thyroid, Obesity Consultant Physician, Jabalpur

डायबिटीज में रोटी खाने का सही समय क्या है?
साबुत गेहूं या मल्टीग्रेन आटे की रोटी में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है। इसलिए यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए रोटी दोपहर और रात, दोनों समय सीमित मात्रा में खाई जा सकती है। बस रात में रोटी के साथ हरी सब्जी, दाल, पनीर या दूसरी प्रोटीन वाली चीजें जरूर शामिल करें। इससे पूरा भोजन ज्यादा बैलेंस्ड बन जाता है और शुगर कंट्रोल में रहती है।
क्या एक साथ चावल और रोटी खाना सही है?
बहुत से घरों में एक ही थाली में चावल और रोटी, दोनों परोसे जाते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह आदत सही नहीं मानी जाती। चावल और रोटी, दोनों एक साथ खाने से कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जिससे खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि एक बार में या तो थोड़ा चावल लें या थोड़ी रोटी। अगर दोनों खाना ही चाहते हैं, तो मात्रा बहुत कम रखें और साथ में सब्जियां और प्रोटीन जरूर शामिल करें।
सही समय और मात्रा का ध्यान रखना है जरूरी
डायबिटीज में चावल और रोटी, दोनों खाए जा सकते हैं। बस सही मात्रा और सही समय का ध्यान रखना जरूरी है। दोपहर में सीमित मात्रा में चावल और रात में हल्का व संतुलित भोजन करना बेहतर माना जाता है। साथ ही, खाने में दाल, हरी सब्जियां, सलाद और प्रोटीन शामिल करने से ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। याद रखें, डायबिटीज़ मैनेज करने के लिए सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि आप क्या खा रहे हैं, बल्कि कब खा रहे हैं और कितना खा रहे हैं, यह भी उतना ही जरूरी है। SPI-IN-CVD-ZT---08-20260330
अस्वीकरण (Disclaimer): यह सामग्री केवल रोगी शिक्षा एवं जागरूकता के उद्देश्य से प्रदान की गई है। यह किसी भी प्रकार से चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। सन फ़ार्मास्युटिकल्स लेबोरेट्रीज़ लिमिटेड (SPLL) सटीक एवं समयानुकूल जानकारी उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करता है, लेकिन इसकी पूर्ण सटीकता होने की कोई गारंटी नहीं देता। कृपया अपने स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय के लिए केवल अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह पर ही भरोसा करें। सन फ़ार्मास्युटिकल्स लेबोरेट्रीज़ लिमिटेड (SPLL) को पूर्व सूचना दिए बिना इस सामग्री के किसी भी भाग को यांत्रिक या इलेक्ट्रॉनिक किसी भी माध्यम से पुनर्प्रकाशित, प्रसारित या संग्रहित नहीं किया जा सकता।



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