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बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी
Brain tumor Awareness Week 2026: हर साल अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय मस्तिष्क ट्यूमर जागरूकता सप्ताह (International Brain Tumour Awareness Week) मनाया जाता है। इस साल यह सप्ताह 24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को ब्रेन ट्यूमर के प्रति जागरूक करना और इस बीमारी के लक्षणों, खतरों और इलाज के बारे में जानकारी देना है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान होने से इलाज में मदद मिल सकती है। आइए, गुरुग्राम स्थित नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के निदेशक और वरिष्ठ सलाहकार (न्यूरोसर्जरी) डॉ. उत्कर्ष भगत से जानते हैं कि ब्रेन ट्यूमर क्या है और इसके शुरुआती लक्षण कौन से हैं -

क्या होता है ब्रेन ट्यूमर?
ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क में असामान्य गांठ या कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। ब्रेन ट्यूमर दो तरह के हो सकते हैं। पहला कैंसर रहित और दूसरा कैंसर युक्त। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर ही हो। ब्रेन में ट्यूमर जब अधिक विकसित हो जाता है, तो खोपड़ी के भीतर दबाव बढ़ने लगता है। इसके कारण मस्तिक को नुकसान पहुंच सकता है और समय पर इलाज न मिलने से मरीज की मौत भी हो सकती है। ब्रेन ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की क्लासिफिकेशन के अनुसार, इनके 600 से ज्यादा प्रकार हो सकते हैं। ट्यूमर किस तरह का है और उसकी ग्रेडिंग क्या है, इसके आधार पर पता लगाया जाता है कि वह कैंसरयुक्त है या नहीं।
ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण
लगातार सिरदर्द होना
ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती और आम लक्षणों में सिरदर्द शामिल है। हालांकि, यह सामान्य सिरदर्द से अलग हो सकता है। इस स्थिति में सुबह उठने के समय सिरदर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। अगर आपको लगातार सिरदर्द रहता है, समय के साथ दर्द बढ़ रहा है और पेन किलर लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
उल्टी और मतली
ब्रेन ट्यूमर में मरीज को सिरदर्द के साथ उल्टी और मतली की समस्या भी हो सकती है। इस उल्टी को प्रोजेक्टाइल वॉमिटिंग कहते हैं, यानी यह उल्टी बहुत दूर जाकर गिरती है, किसी झरने की तरह दूर जाकर गिरती है। यदि आपको बिना किसी स्पष्ट वजह के उल्टी या बार-बार जी मिचलाने की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।
धुंधला दिखाई देना
ब्रेन ट्यूमर का असर आंखों की नसों और देखने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। इसकी वजह से व्यक्ति को धुंधला दिखाई देने लगता है। कुछ मामलों में एक ही चीज दो दिखाई दे सकती है या अचानक देखने की क्षमता कम हो सकती है। अगर आपको लगातार ऐसी परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।
याददाश्त कमजोर होना
ब्रेन ट्यूमर के कारण व्यक्ति की सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में छोटी-छोटी बातें भूलने लगना और किसी काम पर ध्यान लगाने में परेशानी होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर याददाश्त में लगातार बदलाव महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
शरीर का संतुलन बिगड़ना
दिमाग का एक हिस्सा शरीर के संतुलन और तालमेल को नियंत्रित करता है। अगर ट्यूमर इस हिस्से को प्रभावित करता है, तो व्यक्ति को चलने में परेशानी हो सकती है। चलते समय लड़खड़ाना, हाथ-पैर में कमजोरी, हाथों में कंपन और चीजों को पकड़ने में दिक्कत होना इसके संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
ब्रेन ट्यूमर की जांच और इलाज कैसे होता है?
ब्रेन ट्यूमर की जांच में MRI बेहद प्रभावी है। ब्रेन ट्यूमर के इलाज में कई बार सर्जरी की जरूरत पड़ती है। आधुनिक तकनीकों की मदद से अब दिमाग के उन हिस्सों में भी सर्जरी संभव हो गई है, जहां पहले ऑपरेशन करना मुश्किल था। इसके अलावा, रोबोटिक तकनीक और इमेजिंग की मदद से भी ट्यूमर का इलाज किया जाता है। छोटे ट्यूमर के लिए गामा नाइफ तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें दिमाग को खोले बिना करीब 3 से 4 घंटे में इलाज किया जाता है। वहीं, कैंसरयुक्त ट्यूमर के कुछ मामलों में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी की मदद भी ली जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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