Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
बच्चों के ज्वाइंट पेन को न करें नजरअंदाज, हो सकती हैं जुवेनाइल आर्थराइटिस की बीमारी, जानिए इसके लक्षण

बच्चों में आर्थराइटिस, जिसे जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है एक तरह का गठिया है जो 16 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। यह एक पुरानी ऑटोइम्यून बीमारी है जो बॉडी के इम्यून सिस्टम के हेल्दी टिश्यू पर हमला करती है, जिसके कारण बच्चों को सूजन और जोड़ों में दर्द की समस्या होती है।
जुवेनाइल आर्थराइटिस के प्रकार
1. ओलिगोआर्टिकुलर जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस (JIA): यह बचपन के गठिया का सबसे आम प्रकार है, जो लगभग 50 प्रतिशत मामलों में होता है। यह आमतौर पर पांच से कम जोड़ों को प्रभावित करता है और अक्सर घुटनों, टखनों या कलाई में दर्द का अनुभव होता है।
2. पॉलीआर्टिकुलर JIA: यह प्रकार पांच या अधिक जोड़ों को प्रभावित करता है और कई तरह के पैटर्न में हो सकता है। यह शरीर के दोनों किनारों पर समान जोड़ों को प्रभावित करता है।
3. प्रणालीगत JIA: इस प्रकार की विशेषता बुखार और दाने के साथ-साथ जोड़ों में दर्द और सूजन के साथ होता है। यह शरीर के दिल, लीवर जैसे आंगों को भी प्रभावित कर सकता है।
4. एंथेसाइटिस से संबंधित गठिया: इस प्रकार के गठिया में सूजन शामिल होती है। यह अक्सर लड़कियों की तुलना में लड़कों को ज्यादा प्रभावित करता है और कभी-कभी अन्य स्थितियों जैसे कि सोरायसिस या सूजन की बीमारियों से जुड़ा होता है।
जुवेनाइल आर्थराइटिस के लक्षण
1. जोड़ों का दर्द
बच्चे को जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है। खासकर सुबह उठने के बाद ये दर्दज ज्यादा महसूस होता है। बच्चों तो खेलते या कोई अन्य एक्टिविटी करते समय भी दर्द का अनुभव हो सकता है।
2. जोड़ों में सूजन
जोड़ों में दर्द के साथ सूजन होना भी आर्थराइटिस के लक्षणों में से एक है। ये सूजन इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि इससे बच्चों को अपना हाथ-पैर हिलाना भी मुश्किल हो जाता है।
3. जोड़ों में जकड़न
बच्चे को जोड़ों में जकड़न का अनुभव हो सकता है, विशेष रूप से सोकर या आराम करने के बाद। जोड़ों में जकड़न होने के कारण बच्चे अपने पैरों की मूवमेंट भी सही से नहीं कर पाते हैं।
4. थकान महसूस होना
जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस के कारण बच्चों को हर वक्त थकावट महसूस हो सकती है। बच्चा छोटे छोटे कामों में ही थक जाता है।
5. बुखार होना
आर्थराइटिस का दर्द कई बार इतना बढ़ जाता है कि बच्चों को बुखार आ जाता है। खासकर जब बच्चे में ये समस्या सबसे ज्यादा बढ़ती है।
6. आंखों में सूजन
कई बार आर्थराइटिस के कुुछ प्रकार में आंखों में सूजन हो सकती है, जिससे आंखे लाल हो जाती हैं, दर्द और कम दिखने की समस्या होने लगती है।
7. स्किन रैसिज
आर्थराइटिस के कारण आपके बच्चे के स्किन पर दाने निकल सकते हैं। जिससे स्किन पर रेड रैसिज भी हो सकता है।
जुवेनाइल आर्थराइटिस का इलाज
1. नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स - ये दवाएं सूजन को कम करने और दर्द को दूर करने में मदद कर सकती हैं।
2. रोग-संशोधित एंटीह्यूमेटिक ड्रग्स - ये दवाएं रोग को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकती है।
3. जैविक दवाएं: ये दवाएं सूजन को कम करने और बच्चे को होने वाले नुकसान को रोकने में मदद करती है।
4. कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स: ये दवाएं सूजन को कम करने और दर्द से छुटकारा दिलाने में मददगार है। लेकिन आम तौर पर संभावित साइड इफेक्ट्स के कारण केवल थोड़े समय के इलाज के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है।
5. सर्जरी: कुछ मामलों में, जोड़ों की मरम्मत या बदलने के लिए सर्जिकल प्रक्रियाओं की जरूरत होती है।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
