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सचमुच टाइट अंडरवियर पहनने से घट जाते हैं स्पर्म काउंट, Male Infertility से जुड़े 5 मिथक और उनके सच
Myths and Facts About Male Infertility : पिछले कुछ समय से मेल इंफर्टिलिटी के मामले भी ज्यादा देखने को मिले है। शुक्राणुओं की गुणवत्ता और उनकी संख्या में काफी कमी देखने को मिल रही है। इंडियन सोसाइटी ऑफ़ असिस्टेड रिप्रोडक्शन के रिकॉर्ड के अनुसार, 10-14 प्रतिशत भारतीय बांझपन के मुद्दों से निपट रहे हैं। और महिला बांझपन की दर पुरुष बांझपन से सिर्फ दो प्रतिशत अधिक है।
यह निश्चित रूप से कई लोगों के लिए एक आंख खोलने वाला है। अक्सर लोगों बांझपन या इंफर्टिलिटी को महिलाओं से जोड़कर देखते हैं। जबकि ऐसा कुछ नहीं है, ये पुरुषों की भी समस्या है।
लेकिन आज भी हमारे समाज में पुरुषों की फर्टिलिटी को लेकर कई ऐसे मिथक हैं, जिन्हें हम सभी सच मानते हैं।

Myth: पुरुषों को बॉक्सर पहनना चाहिए न कि टाइट अंडरवियर?
Fact: पुरुषों की फर्टिलिटी को लेकर ये सबसे बड़ा मिथक है कि टाइट अंडरवियर पुरुषों के शुक्राणु उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं क्योंकि यह गर्मी उत्पन्न करता है जो स्वस्थ शुक्राणु उत्पादन के लिए अनुकूल नहीं है। यदि आप मानते हैं कि इसकी बजाय बॉक्सर पहनना बेहतर है, तो आप गलत हैं। एक अध्ययन ने यह बात साबित कर दिया है कि अंडरवियर और तापमान का स्पर्म प्रोडक्शन से कोई लेना-देना नहीं है।
Myth: बांझपन महिलाओं में होता है, पुरुषों का इससे कोई लेना-देना नहीं
Fact: हमारे समाज में यह मिथक बहुत आम है। अभी भी लोग ऐसा मानते हैं कि बांझपन केवल महिलाओं से संबंधित है। बांझपन एक लिंग विशिष्ट समस्या नहीं है। यह महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकती है। पुरुष बांझपन मुख्य रूप से शुक्राणु की गुणवत्ता और मात्रा पर निर्भर करता है।
Myth: पुरुष के वजन का फर्टिलिटी से कोई संबंध नहीं है?
Fact: महिलाओं का मोटापा जैसे उनकी फर्टिलिटी पर अ प्रभाव डालता है, ठीक उसी प्रकार पुरुषों की फर्टिलिटी भी मोटापे की वजह से प्रभावित होती है। कुछ मामलों में अधिक वजन वाले पुरुषों को गर्भधारण में कोई समस्या नहीं आती है। लेकिन अधिकतर मामलों में बढ़ा हुआ वजन स्त्री और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता पर प्रभाव डाल सकता है। मोटापा बांझपन के साथ ही डायबिटीज, हाई बीपी और हृदय रोग का कारण भी बन गया है।

Myth: ज्यादा उम्र में पिता बनना मुश्किल होता है?
Fact: उम्र का पुरुषों के प्रजनन क्षमता से कोई लेना-देना नहीं है। गलत खानपान, स्मोकिंग, शराब और ड्रग्स और मोटापे की वजह से स्पर्म काउंट कम हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्राणु की गुणवत्ता में 45 के बाद गिरावट शुरू होती है, लेकिन अपवाद हमेशा होते हैं, यही वजह है कि 60 की उम्र में भी पुरुष फर्टाइल रहते हैं।
Myth: एक्सरसाइज करने या जिम जाने से सेक्शुअल क्षमता पर बुरा असर पड़ता है?
Fact: यह भी एक मिथक है। एक्सरसाइज करने से आपकी सेक्शुअल क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है। लेकिन क्षमता से अधिक एक्सरसाइज करना आपकी फर्टिलिटी पर बुरा असर डाल सकती है। अधिक एक्सरसाइज करने से गर्भधारण में मुश्किल हो सकती है। इसलिए हमेशा अपनी क्षमातानुसार ही एक्सरसाइज करें, इससे आपको कोई परेशानी नहीं हो।
Myth:अधिक हस्तमैथुन करने से कम हो जाते है स्पर्म काउंट
Fact: जो युवा मर्द अधिक मात्रा में masturbation करके हैं, उनकी फर्टीलिटी समय से पहले ही खत्म हो जाती है। इसीलिए ज्यादा हस्तमैथुन न करें। ऐसा देखा गया है कि स्पर्म काउंट में भी कमी आने लगती है। ये भी सरासर झूठ है। हस्तमैथुन का स्पर्म काउंट से कोई लेना देना नहीं है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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