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डायबिटीज में एक दिन में कितनी चीनी खाना है सुरक्षित? जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय
"डॉक्टर, क्या डायबिटीज होने का मतलब है कि मैं अब कभी मिठाई नहीं खा पाऊंगा?" डायबिटीज का पता चलने के बाद बहुत से मरीज सबसे पहले यही सवाल पूछते हैं। अच्छी बात यह है कि इसका जवाब 'नहीं' है। डायबिटीज का मतलब यह नहीं है कि आपको बिना मीठे के जिंदगी जीनी होगी, बस संतुलन, जागरूकता और सोच-समझकर खाने की जरूरत होती है। दरअसल, डायबिटीज को कंट्रोल करने का मतलब सिर्फ चीनी बंद करना नहीं है, बल्कि पूरे खानपान को संतुलित रखना है। सही मात्रा में खाना, हेल्दी फूड चुनना और ब्लड शुगर की नियमित जांच करना डायबिटीज मैनेजमेंट का सबसे अहम हिस्सा है।
'ज्ञान बाय गणेश - मेकिंग इंडिया विन ओवर डायबिटीज' (Gyaan by Ganesh - Making India Win Over Diabetes), सन फार्मा और अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की एक जागरूकता पहल है। इसका मकसद विशेषज्ञों की जानकारी के ज़रिए भारतीयों को डायबिटीज को बेहतर ढंग से समझने, उससे बचाव करने और उसे मैनेज करने में मदद करना है।

डायबिटीज में एक दिन में कितनी चीनी खाना सुरक्षित है?
"डायबिटीज के हर मरीज के लिए चीनी की सुरक्षित मात्रा अलग हो सकती है। इसकी वजह यह है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से काम करता है। किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल, वजन, शारीरिक गतिविधि, दवाएं और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं यह तय करती हैं कि उसका शरीर चीनी को कैसे उपयोग करेगा। यही कारण है कि डायबिटीज में शुगर की किसी एक तय मात्रा को सभी के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। डॉक्टर और डाइटिशियन व्यक्ति की जरूरत के अनुसार डाइट प्लान बनाते हैं।"
Dr. N K SINGH, MD Director, Diabetes and Heart Research centre, DHANBAD

हर तरह की चीनी नुकसानदायक नहीं होती
हर तरह की चीनी नुकसानदायक नहीं होती। फलों और दूध में मौजूद प्राकृतिक चीनी (नेचुरल शुगर) के साथ फाइबर, प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भी मिलते हैं। इसलिए इन्हें सही मात्रा में खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, मिठाई, केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, बिस्कुट, कैंडी, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड फ्रूट जूस, सिरप, शहद, गुड़ और चाय-कॉफी में मिलाई जाने वाली चीनी को 'फ्री शुगर' या 'ऐडेड शुगर' कहा जाता है। यही चीनी ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है और इससे बचने की सलाह दी जाती है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदायक है एडेड शुगर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सामान्य लोगों को भी एक दिन में 25 ग्राम यानी लगभग 6 चम्मच से ज्यादा फ्री शुगर नहीं लेनी चाहिए। हालांकि, यह सलाह आम लोगों के लिए है। डायबिटीज के मरीजों को इसे रोजाना 6 चम्मच चीनी खाने की अनुमति नहीं मानना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज में जितनी कम ऐडेड शुगर ली जाए, उतना बेहतर होता है। खासकर अगर ब्लड शुगर, वजन या ट्राइग्लिसराइड्स कंट्रोल में नहीं हैं।
शुगरी ड्रिंक्स हैं सबसे ज्यादा नुकसानदायक
बहुत से लोग सिर्फ मिठाई खाने से परहेज करते हैं, लेकिन पैकेज्ड जूस, कोल्ड ड्रिंक और मीठी कॉफी या चाय पीते रहते हैं। लेकिन यह आदत सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। एक बोतल सॉफ्ट ड्रिंक या पैकेज्ड जूस में 6 चम्मच से ज्यादा चीनी हो सकती है। तरल रूप में मौजूद चीनी बहुत तेजी से शरीर में पहुंचती है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है। इसलिए पानी, छाछ, बिना चीनी का नींबू पानी या बिना चीनी वाली चाय-कॉफी बेहतर विकल्प हैं।
सिर्फ चीनी छोड़ना ही काफी नहीं
डायबिटीज में केवल चीनी छोड़ देना ही काफी नहीं है। चावल, रोटी, ब्रेड, आलू, मैदा और दूसरी रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें भी शरीर में जाकर ग्लूकोज में बदल जाती हैं। इसलिए अगर आप चाय में चीनी नहीं डाल रहे हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा चावल, रोटी या ब्रेड खा रहे हैं, तो इससे भी ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। डायबिटीज में पूरे भोजन की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
क्या डायबिटीज में कभी-कभार मिठाई खा सकते हैं?
अगर आपकी डायबिटीज अच्छी तरह कंट्रोल में है, तो कभी-कभी सीमित मात्रा में मिठाई खाई जा सकती है। लेकिन ध्यान रखें कि मिठाई खाली पेट खाने के बजाय भोजन के साथ या भोजन के बाद खाएं। इसके अलावा, मिठाई के साथ दाल, दही, अंडा, मछली, चिकन या ड्राई फ्रूट्स जैसे प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने से भोजन धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता है।
डायबिटीज में इन बातों का रखें ध्यान
ऐडेड शुगर का सेवन जितना हो सके कम करें।
मीठे पेय पदार्थों से बचें।
फलों का सेवन सीमित और सही मात्रा में करें।
प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट युक्त संतुलित भोजन लें.
भोजन में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा नियंत्रित रखें।
नियमित व्यायाम करें और वजन को कंट्रोल में रखें।
समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच कराते रहें। SPI-IN-CVD-ZT---08-20260330
अस्वीकरण (Disclaimer): यह सामग्री केवल रोगी शिक्षा एवं जागरूकता के उद्देश्य से प्रदान की गई है। यह किसी भी प्रकार से चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। सन फ़ार्मास्युटिकल्स लेबोरेट्रीज़ लिमिटेड (SPLL) सटीक एवं समयानुकूल जानकारी उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करता है, लेकिन इसकी पूर्ण सटीकता होने की कोई गारंटी नहीं देता। कृपया अपने स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय के लिए केवल अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह पर ही भरोसा करें। सन फ़ार्मास्युटिकल्स लेबोरेट्रीज़ लिमिटेड (SPLL) को पूर्व सूचना दिए बिना इस सामग्री के किसी भी भाग को यांत्रिक या इलेक्ट्रॉनिक किसी भी माध्यम से पुनर्प्रकाशित, प्रसारित या संग्रहित नहीं किया जा सकता।



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