Latest Updates
-
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर
पाकिस्तानियों से इतने साल ज्यादा जीते हैं भारतीय, WHO की रिपोर्ट में सामने आई औसत उम्र और मौत की वजह
WHO Global Health Estimates 2023: भारत में लोग पाकिस्तान के लोगों से ज्यादा जीते हैं, लेकिन भारतीयों से भी ज्यादा जीते हैं बांग्लादेशी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ताजा आंकड़े दक्षिण एशिया में लोगों की उम्र और स्वास्थ्य से जुड़ी एक दिलचस्प तस्वीर पेश करते हैं। WHO की रिपोर्ट में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा और मौत की प्रमुख वजहों से जुड़ी जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में भारत की स्थिति पाकिस्तान से बेहतर बताई गई है, जबकि बांग्लादेश अभी भी भारत से आगे है। आइए, जानते हैं इन देशों में लोगों की औसत उम्र कितनी है और इसके पीछे क्या कारण सामने आए हैं -

भारत-पाकिस्तान समेत इन देशों में औसत उम्र कितनी है?
WHO के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में जन्म के समय औसत जीवन प्रत्याशा 71।0 साल है। वहीं, पाकिस्तान में यह आंकड़ा 68।2 साल और बांग्लादेश में 72।7 साल है। अमेरिका में लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा 78।5 साल और कनाडा में 81।4 साल है। रिपोर्ट के आंकड़ों में कनाडा सबसे आगे है, जबकि उसके बाद अमेरिका का स्थान है।
सिर्फ लंबी उम्र नहीं, स्वस्थ रहना भी जरूरी
सिर्फ ज्यादा साल तक जीना ही काफी नहीं है, बल्कि उन सालों में स्वस्थ रहना भी जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति 80 साल तक जीवित रहता है, लेकिन उम्र के बड़े हिस्से में बीमारी से परेशान रहता है, तो उसकी सेहत भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी को हेल्दी लाइफ एक्सपेक्टेंसी यानी स्वस्थ जीवन प्रत्याशा कहा जाता है। WHO के अनुसार, 2023 में दुनियाभर में स्वस्थ जीवन की औसत अवधि 62।8 साल रही। इसका मतलब है कि लोग अपनी कुल जीवन प्रत्याशा के आखिरी कुछ वर्षों में किसी न किसी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना कर रहे थे।
दुनिया में ज्यादातर मौतें किन बीमारियों से हो रही हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में अब बड़ी संख्या में मौतें ऐसी बीमारियों के कारण हो रही हैं, जो लंबे समय तक बनी रहती हैं। इनमें कैंसर और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां शामिल हैं। इन्हें गैर-संचारी रोग कहा जाता है। 2023 में दुनिया में हुई कुल मौतों में करीब 74 फीसदी मौतें गैर-संचारी बीमारियों से जुड़ी थीं। सबसे ज्यादा मौतें हृदय संबंधी बीमारियों की वजह से हुईं। इनमें सांस से जुड़ी समस्याएं, स्ट्रोक और कुछ तरह के संक्रमण भी शामिल रहे। डायबिटीज भी लंबे समय तक चलने वाली प्रमुख बीमारियों में शामिल है।
भारत-पाकिस्तान में इस्केमिक हार्ट डिजीज और कोरोना मौतों की प्रमुख वजह
भारत और पाकिस्तान में मौतों की प्रमुख वजहों में इस्केमिक हार्ट डिजीज शामिल है। WHO के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व एशिया में हृदय रोग से जुड़ी समस्याएं सबसे ज्यादा हैं और इनमें तेजी से बढ़ोतरी भी हुई है। कोरोना महामारी के बाद मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का असर भी लोगों पर पड़ा। 2019 से 2023 के बीच डिप्रेशन की वजह से स्वस्थ जीवन के गंवाए गए सालों में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि एंग्जायटी के कारण यह बढ़ोतरी करीब 45 फीसदी रही।
भारत और पाकिस्तान की औसत उम्र में अंतर क्यों है?
भारत में जन्म के समय औसत जीवन प्रत्याशा 71 साल है, जबकि पाकिस्तान में यह 68।2 साल है। हालांकि, भारत का आंकड़ा दुनिया की 73।3 साल की औसत जीवन प्रत्याशा से भी कम है। भारत और पाकिस्तान की औसत उम्र में अंतर के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, लोगों की इलाज तक पहुंच, मां और बच्चे का स्वास्थ्य, पोषण, साफ पानी और स्वच्छता जैसे कारण शामिल हैं। इसके अलावा, गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां भी जीवन प्रत्याशा को प्रभावित करती हैं। समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में ऐसी बीमारियां मौत की वजह बन सकती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
