35 साल की उम्र में दूसरी बार मां बनेंगी कियारा आडवाणी , जानिए इस उम्र में मां बनना कितना सेफ है?

Kiara Advani Second Pregnancy: कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा के घर जल्द ही एक बार फिर किलकारियां गूंजने वाली हैं। कपल ने 7 अक्टूबर को सोशल मीडिया के जरिए अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी का ऐलान किया। उन्होंने बेटी सरायाह के साथ एक बेहद प्यारी तस्वीर साझा कर फैंस के साथ यह खुशखबरी शेयर की। सबसे खास बात यह है कि कियारा ने दूसरी प्रेग्नेंसी का ऐलान भी उन्हीं बेबी शूज के साथ किया, जिनके जरिए उन्होंने पहली बार बेटी सरायाह के आने की खुशखबरी दी थी।

Kiara Second Pregnancy

कियारा और सिद्धार्थ फिर से बनेंगे पेरेंट्स

कियारा और सिद्धार्थ ने जॉइंट कैप्शन में लिखा- 'एक बार फिर से जिंदगी के सबसे बड़े गिफ्ट से हम नवाजे गए हैं। हमारा दिल प्यार और आभार से भर गया है।' इस बार वही शूज सरायाह के हाथों में नजर आए। खबर सामने आते ही फैंस और सेलेब्स ने कपल को बधाई देना शुरू कर दिया। भूमि पेडनेकर, मुकेश छाबड़ा समेत कई सितारों ने दोनों को शुभकामनाएं दीं।

35 के बाद प्रेग्नेंसी क्यों हो सकती है खतरनाक?

कियारा आडवाणी 35 साल की हैं। इस उम्र में प्रेग्नेंसी को लेकर कई तरह के सवाल उठते हैं। लोगों के मन में अक्सर यह जिज्ञासा रहती है कि क्या 35 साल के बाद मां बनने पर बच्चे में जन्मजात विकार का खतरा बढ़ जाता है? आइए, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम की सीनियर कंसल्टेंट - प्रसूति एवं स्त्री रोग, डॉ शैल्ली कपूर से जानते हैं इसका जवाब -

1. मिसकैरेज का जोखिम

हर गर्भावस्था में गर्भपात का खतरा रहता है। शुरुआती प्रेग्नेंसी में इसका एक बड़ा कारण भ्रूण में आनुवंशिक या गुणसूत्र से जुड़ी गड़बड़ियां हो सकती हैं। उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में मिसकैरेज का खतरा भी बढ़ सकता है।

2. जेस्टेशनल डायबिटीज

35 साल या उससे ज्यादा उम्र में गर्भधारण करने पर जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। यह डायबिटीज का वह प्रकार है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान हो सकता है। इसका जोखिम उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे बढ़ता जाता है।

3. सिजेरियन डिलीवरी की संभावना

अधिक उम्र में प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ तरह की जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर को सी-सेक्शन के जरिए डिलीवरी कराने का फैसला लेना पड़ सकता है।

4. एक से ज्यादा बच्चों की प्रेग्नेंसी

उम्र बढ़ने पर जुड़वा या एक से ज्यादा बच्चों के गर्भ में होने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कुछ मामलों में एक ही समय पर दो अंडे रिलीज हो जाते हैं। इसके अलावा ,IVF के जरिए गर्भधारण करने वाली महिलाओं में भी मल्टीपल प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ सकती है।

5. समय से पहले बच्चे का जन्म

अधिक उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाओं में प्रीटर्म बर्थ का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, समय से पहले डिलीवरी के पीछे कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। कुछ स्थितियों में मां या बच्चे की सेहत को देखते हुए डॉक्टर को तय समय से पहले डिलीवरी करानी पड़ सकती है। प्रीटर्म जन्म लेने वाले बच्चे का वजन कम हो सकता है और उसे स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ परेशानियों का खतरा भी रहता है।

6. स्टिलबर्थ का खतरा

गर्भावस्था के दौरान 20वें सप्ताह के बाद बच्चे की गर्भ में मौत को स्टिलबर्थ कहा जाता है। आमतौर पर इसका जोखिम कम रहता है, लेकिन मां की उम्र बढ़ने के साथ स्टिलबर्थ की संभावना भी बढ़ सकती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, October 8, 2026, 16:09 [IST]
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