Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
Vibrio Vulnificus: समुद्री फूड खाने वाले रहें बचके! इनमें मौजूद इंसानी मांस खाने वाले बैक्टीरिया से जा सकती है
Vibrio Vulnificus : न्यूयॉर्क में सफोल्क काउंटी के एक व्यक्ति और न्यूयॉर्क के कनेक्टिकट (Connecticu, New York) में दो लोगों की मांस खाने वाले बैक्टीरिया 'विब्रियो वल्निफिकस' (Vibrio vulnificus) नामक बैक्टीरिया की चपेट में आने से मौत हो गई।
इनमें से दो लोग समुद्र में तैरने के बाद और एक होटल में कच्ची सीप खाने के बाद मांस खाने वाले बैक्टीरिया से संक्रमित हो गए थे।
इस बैक्टीरिया की चपेट में आने वाले 5 में से एक मरीज की बीमार पड़ने के एक दिन बाद ही मौत हो जाती है। ये मामले सामने आने के बाद ही 28 जुलाई को कनेक्टिकट के हेल्थ डिपार्टमेंट ने लोगों को समुद्र के खारे पानी में नहीं उतरने की चेतावनी दी। साथ ही कच्ची सीप खाने से भी मना किया है।
हालांकि ये तीनों मामले अमेरिका से जुड़े हुए मगर समझने की बात ये है कि इन 3 मौतों का बड़ा कारण समुद्री फूड्स (sea foods) का सेवन है। इसलिए सी फूड खाने के शौकीन लोगों को सर्तक रहने की जरुरत है। आइए जानते हैं इंसानी मांस खाने वाले 'विब्रियो वल्निफिकस' बैक्टीरिया के बारे में, कैसे ये आपके शरीर में घुसकर आपको सुला सकता है मौत की नींद।

क्या है मांस खाने वाला बैक्टीरिया विब्रियो वल्निफिकस?
अमेरिकी 'रोग नियंत्रण और रोकथाम सेंटर' के मुताबिक वैज्ञानिक भाषा में मांस खाने वाले बैक्टीरिया को 'नेक्रोटाइजिंग फासिसाइटिस' कहते हैं। कई बार विब्रियो वल्निफिकस नाम के बैक्टीरिया की वजह से भी इस तरह के संक्रमण होते हैं। जब ये शरीर में किसी जख्म या कटी-फटी त्वचा के रास्ते घुसते हैं।
इस बैक्टीरिया का खाना इंसान की कोशिकाएं और ऊतक यानी टिश्यू होते हैं। टिश्यू कोशिकाओं से बने होते हैं और एक जैसे टिश्यू से मिलकर अलग-अलग अंग बनते हैं। ये शरीर में घुसने के बाद काफी तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं और अंगों को खाने लगते हैं।
कौन इस बैक्टीरिया की चपेट में आ सकता है?
समुद्र में नहाने वाले लोगों में इस बैक्टीरिया से ज्यादा खतरा होता है। होता ये है कि अगर आपके शरीर में कोई खुला घाव या कट है और आप समुद्री पानी के संपर्क में हैं तो ये बैक्टीरिया आपके शरीर में जा सकता है। इसे ऐसे समझें कि इस बैक्टीरिया का खाना हमारे शरीर के सेल्स और टिशूज में होा है। तो, जब ये शरीर में घुस आते हैं तो पहले ये मल्टीप्लाई होना शुरू करते हैं और तेजी से फैलते हैं। इसके बाद ये हमारे तमाम अंगों को धीमे-धीमे खाना शुरू करते हैं।
समुद्री फूड्स खाने वालों को सावधान होने की जरुरत
समुद्री फूड्स खाने वाले लोगों में भी इस बैक्टीरिया से ज्यादा खतरा हो सकता है। अगर आप सी फूड्स जैसे मछलियां, स्केट्स, रे, सॉफिश, झींगा, केकड़ा और घोंघा खाते हैं तो आपको सर्तक रहने की जरुरत है। इन फूड्स के जरिए इस बैक्टीरिया से खतरा हो सकता है। ये इनके जरिए शरीर में पहुंचते हैं और फिर शरीर के तमाम अंगों को धीमे-धीमे खाना शुरू करते हैं। तो, इन दोनों कामों के दौरान थोड़ा सतर्क रहें और इस बैक्टीरिया के प्रकोप से बचें।
इस इन्फेक्शन से बचाव का तरीका
'मांस खाने वाले बैक्टीरिया' के इन्फेक्शन को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है। हालांकि गर्म समुद्री पानी में उतरने से बचकर या फिर कच्चे सी फूड नहीं खाकर आप इस बीमारी से बच सकते हैं। अगर आपको पहले से कोई घाव है तो उसकी अच्छे से देखभाल करें। साफ-सफाई अपनाएं और समुद्र में जाने से बचें।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
