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प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की हेमोरेजिक शॉक से हुई थी मौत, जानें क्या है यह गंभीर मेडिकल कंडीशन
Rasik Dulari Sharan Hemorrhagic Shock Death: वृंदावन के कथावाचक प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। बता दें कि गुरु कृपा कुंज आश्रम में रहने वाले 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, बाद में बॉडी का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें खुलासा हुआ है कि रसिक दुलारी शरण का गुप्तांग कटा हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, मरने से पहले शरीर पर आई गंभीर चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव होने से उन्हें हेमोरेजिक शॉक हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई। आइए, जानते हैं हेमोरेजिक शॉक क्या होता है -

हेमोरेजिक शॉक क्या होता है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के मुताबिक, हेमोरेजिक शॉक तब होता है जब शरीर से बहुत ज्यादा खून निकल जाता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन और ब्लड प्रेशर पर असर पड़ता है और शरीर के हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। हालत ज्यादा गंभीर होने पर शरीर के जरूरी अंग भी प्रभावित हो सकते हैं और यह जानलेवा हो सकता है।
हेमोरेजिक शॉक के लक्षण
सांसें बहुत तेज और छोटी होना
लो ब्लड प्रेशर
तेज हृदय गति
हाथ-पैर ठंडे और नम होना
चक्कर आना या बेहोशी
अत्यधिक प्यास लगना
घबराहट, बेचैनी, अत्यधिक कमजोरी या भ्रम की स्थिति पैदा होना
पेशाब कम आना
क्या बच सकती है जान?
रिपोर्ट के मुताबिक, हेमोरेजिक शॉक की स्थिति में सबसे पहले शरीर से हो रहे खून के बहाव को रोकना जरूरी होता है। इसके बाद शरीर में कम हुए खून की भरपाई करने की कोशिश की जाती है। इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज के शरीर से कितना खून निकल चुका है और उसकी हालत कितनी गंभीर है। इसलिए मरीज को जितनी जल्दी हो सके अस्पताल पहुंचाना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक, गंभीर स्थिति में क्रिस्टलॉइड या कोलॉइड फ्लूइड देने के साथ जरूरत पड़ने पर ब्लड प्रोडक्ट्स की मदद से मरीज को बचाने की कोशिश की जा सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए ये गंभीर तथ्य
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण का प्राइवेट पार्ट शरीर से अलग था। जांच के दौरान शरीर पर कुल पांच गंभीर चोटों के निशान दर्ज किए गए। इनमें सिर पर 14 टांकों वाला घाव, बाएं निचले होंठ और ठुड्डी पर फटे हुए घाव, प्राइवेट पार्ट पर पांच टांकों वाला घाव तथा टखने से पैर तक गहरा जख्म शामिल था। अंदरूनी जांच में खोपड़ी के पिछले हिस्से में खून का थक्का और हेयरलाइन फ्रैक्चर मिला। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मस्तिष्क का रंग सामान्य से काफी पीला था।
पसलियां टूटी हुईं, फेफड़ा भी फटा हुआ मिला
रिपोर्ट के अनुसार, छाती के बाईं ओर पांचवीं से आठवीं पसलियों तक फ्रैक्चर पाया गया। इसके अलावा बायां फेफड़ा फटा हुआ मिला, जबकि दोनों फेफड़ों का रंग पीला दर्ज किया गया। छाती की गुहा में खून और जमे हुए रक्त के थक्के भी पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्राइवेट पार्ट के कटे होने का भी जिक्र है, जबकि गुदा पर किसी तरह की चोट नहीं मिली।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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