Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
नानी-दादी मिट्टी के बर्तन में क्यों जमाती थी दही, वजह और फायदे जान आप भी ऐसे ही जमाना शुरु कर देंगे दही
पुराने समय में दही जमाने के लिए मिट्टी की मटकियों का इस्तेमाल किया जाता था। घर की बुजुर्ग महिलाओं का मानना था कि इससे दही स्वादिष्ट और गाढ़ी जमती है।
इसके अलावा इसमें जमाई दही गुणों का इजाफा भी करती हैं। आज कई घरों में मिट्टी के बर्तन का जगह लोग कांच और स्टील के बर्तनों में इसे जमाते हैं, लेकिन मिट्टी में दही को जमाना सबसे ज्यादा फायदेमंद और अच्छा माना जाता है। आइए जानते हैं मिट्टी के बर्तन में दही जमाने के फायदे।

पोषक तत्वों से भरपूर
मिट्टी के बर्तनों को प्राकृतिक मिट्टी से बनाया जाता है, इसलिए इसमें कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। जब दही को मिट्टी के बर्तनों में जमाया या रखा जाता है, तब ये सभी पोषक तत्व दही को ज्यादा पौष्टिक बना देते हैं।
स्वाद में भी अलग
मिट्टी के बर्तन में जमाई गई दही का स्वाद अलग होता है। यह काफी स्वादिष्ट होता है। क्योंकि इसमें हल्का सा मिट्टी का स्वाद भी जुड़ जाता है। वैसे तो डेयरी प्रोडक्ट नेचर में एसिडिक होते हैं। लेकिन जब आप दही को मिट्टी के बर्तन में जमाते हैं तो इसकी अम्लता को संतुलित करना आसान हो जाता है।
गाढ़ी जमती है दही
मिट्टी के बर्तन में जमाई गई दही में प्रोबायोटिक्स की मात्रा ज्यादा होती है। प्रोबायोटिक्स आंतों की स्वास्थ्य के लिए हेल्दी बैक्टीरिया माना जाता हैं, जो न सिर्फ डाइजेशन में मदद करता हैं, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाने का काम करते हैं। इसके अलावा मिट्टी का बर्तन दही से एक्सट्रा पानी को भी सोख लेता है। यही वजह है कि दही ज्यादा गाढ़ी होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
