पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है

Palm Oil Side Effects: पाम ऑयल, पाम ट्री यानी ताड़ के पेड़ से मिलने वाला तेल है। यह कम कीमत में आसानी से उपलब्ध होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल कई तरह के खाद्य पदार्थों में किया जाता है। पैकेट वाली चीजें खरीदते समय उनके लेबल पर भी अक्सर Palm Oil लिखा दिखाई देता है। यह खाने की बनावट, ताजगी, लंबे समय तक टिकने और पकाने के तरीके पर असर डालता है। इसके बावजूद पाम ऑयल को लेकर लोगों के मन में डर बना रहता है और कई लोग इसे सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Eat Right India के तहत खानपान में इस्तेमाल होने वाले तेल और पोषण से जुड़ी जानकारी साझा की है। आइए, जानते हैं पाम ऑयल क्या होता है और इसका सेहत पर क्या असर पड़ सकता है -

Palm Oil Side Effects

पाम ऑयल का सेहत पर प्रभाव

पाम ऑयल में सैचुरेटेड और अनसैचुरेटेड दोनों तरह के फैट होते हैं। इसमें करीब 50 फीसदी तक सैचुरेटेड फैट हो सकता है। ज्यादा सैचुरेटेड फैट खाने से शरीर में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। इसी वजह से पाम ऑयल को ज्यादा मात्रा में खाने से बचने की सलाह दी जाती है।

पाम ऑयल की मात्रा का रखें ध्यान

FSSAI के मुताबिक, खाने में पाम ऑयल की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। सिर्फ पाम ऑयल देखकर किसी चीज को हेल्दी या अनहेल्दी नहीं कहा जा सकता। किसी पैकेट पर पाम ऑयल न लिखा हो, फिर भी उसमें चीनी, नमक या रिफाइंड स्टार्च ज्यादा हो सकता है। इसलिए खाने की चीज खरीदते समय उसका लेबल जरूर पढ़ें और किसी भी तेल का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा न करें।

ज्यादा गर्म करने पर तेल की क्वालिटी खराब हो सकती है

पाम ऑयल को बार-बार बहुत ज्यादा तापमान पर गर्म करने से इसमें कुछ ऐसे पदार्थ बन सकते हैं जो सेहत के लिए ठीक नहीं माने जाते। इसलिए एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

पाम ऑयल के नुकसान

खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है

पाम ऑयल में सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है। इसका ज्यादा सेवन करने से शरीर में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। लंबे समय तक कोलेस्ट्रॉल ज्यादा रहने पर दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

दिल के लिए खतरनाक

पाम ऑयल को पूरी तरह नुकसानदायक नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए इसे ज्यादा खाने से बचना चाहिए। खासकर जब इसकी जगह जैतून के तेल, मछली और मेवों से मिलने वाले अनसैचुरेटेड फैट लिए जा सकते हैं।

वजन बढ़ सकता है

पाम ऑयल समेत सभी तेलों में कैलोरी ज्यादा होती है। ऐसे में अगर तेल का इस्तेमाल ज्यादा किया जाए तो शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है और वजन बढ़ने का खतरा रहता है।

ट्रांस फैट बढ़ सकता है

हर पाम ऑयल में ट्रांस फैट नहीं होता। लेकिन कुछ प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाने की चीजों में ट्रांस फैट पाया जा सकता है। ज्यादा ट्रांस फैट से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पैकेट वाली चीजें खरीदते समय लेबल पर ट्रांस फैट की मात्रा जरूर देख लें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, September 30, 2026, 13:00 [IST]
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