Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
World Hand Hygiene Day 2024: लिक्विड या साबुन, हैंडवॉश के लिए क्या है बेहतर तरीका?
हाथ धोना कितना जरूरी है ये बात हम सब कोरोनाकाल में सीख चुके हैं। हैंड वॉश न सिर्फ हमें वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाता है। प्रॉपर तरीके से हाथ धोने से पेट से संबंधी समस्या और फूड पॉइजनिंग की समस्या नहीं होती है। हर व्यक्ति औसतन एक दिन में 8-10 बार हाथ धोता हैं। खाना खाने से पहले और टॉयलेट जाने के बाद तो यह बेहद आवश्यक होता है।
कई लोग हैंड वॉश के लिए लिक्विड हैंडवॉश तो कुछ लोग साबुन से ही हाथ धोना पसंद करते हैं। वर्ल्ड हैंड हाइजीन डे के मौके पर जानते हैं कि साबुन या लिक्विड हैंडवॉश किससे हाथ धोना इफेक्टिव होता है?

लिक्विड हैंडवॉश या साबुन क्या है बेहतर?
कई घरों में लिक्विड हैंडवॉश का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन आपको बता दें कि हाथ धोने के लिए यह तरीका सुरक्षित नहीं है। इसके इस्तेमाल से हाथ ड्राय नहीं होते हैं लेकिन बावजूद हाथ में बैक्टीरिया रह जाते हैं। एक्सपर्ट साबुन से हाथ धोना सबसे बेहतर तरीका मानते हैं। हालांकि इस्तेमाल किए गए साबुन को कोई दूसरा प्रयोग में न लें। कीटाणु मारने के लिए एंटी बैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल में लें।
हाथों के लिए क्या है बेहतर?
साबुन की पीएच वैल्यू अधिक होती है। इसके इस्तेमाल से वहाथों की त्वचा को रूखा बन जाती है। वहीं, लिक्विड हैंड वॉश में मॉइश्चराइजर मिला होता है, जो हाथों की नमी को बनाए रखता है।
गर्म पानी से हाथ धोएं?
पुराने जमाने में जब साबुन या लिक्विड वॉश नहीं हुआ करते थे, तो लोग हाथ धोने के लिए मिट्टी और राख का इस्तेमाल किया करते थे। फिर साबुन और लिक्विड सोप का ट्रेंड शुरु हुआ। अब सैनिटाइजर और टिश्यू हैंडवॉश का चलन है। वैसे तो साबुन या लिक्विड सॉप से 20 से 30 सेकेंड तक हाथ धोना भी पर्याप्त होता है। मगर
जर्नल ऑफ फूड प्रोटेक्शन की एक रिपोर्ट के मुताबिक गर्म पानी में 10 सेकेंड हाथ धोने से हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।
हाथ धोने से किन-किन बीमारियों से होता है बचाव?
हैंडवॉश नहीं करने से सबसे तेजी से हैजा, नोरो वायरस, फ्लू, कोरोना और कई वायरस है जो गंदे हाथों के जरिए आपको संक्रमित कर सकते हैं। हैंडवॉश के जरिए हम कई तरह की बीमारियों से बच सकते हैं।
हाथ सुखाना भी जरुरी
जितना हाथ धोना जितना जरूरी है, उतना उसे ठीक से सुखाना भी जरुरी होता है वरना बैक्टीरिया भीगे हाथों में बने रह सकते हैं। एयर ड्रायर के जगह तौलिए से हाथ धोएं।
ये हैं हाथ धोने का सही तरीका
1. हाथों को पानी से अच्छे से गीला करें।
2. दोनों हाथों को साबुन से अच्छी तरह रगड़ें और झाग बनाएं। दोनों तरफ से हाथ को धोएं, उंगलियों के बीच और नाखूनों के नीचे रगड़ें। कम से कम 20 सेकंड तक अंगूठे को भी रगड़े ।
3. हाथों को साफ पानी से धो लें।
4. हाथों को साफ तौलिये से सुखाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
