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World Polio Day 2026: पोलियो कैसे होता है? जानिए इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय
World Polio Day 2026: पोलियो ऐसी गंभीर बीमारी है, जो कम उम्र में बच्चों को अपना शिकार बनाती है। इसके खतरों और बचाव के तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पोलियो जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बच्चों के टीकाकरण के महत्व को समझाना है। दुनिया के कई हिस्सों में आज भी लोग इससे प्रभावित हैं। ऐसे में, आइए जानते हैं विश्व पोलियो दिवस का इतिहास, महत्व और इस साल की थीम के बारे में -

पोलियो क्या है?
पोलियो एक संक्रामक बीमारी है, जिसे पोलियोमाइलाइटिस भी कहा जाता है। यह पोलियो वायरस के संक्रमण से होती है और रीढ़ की हड्डी की नसों को प्रभावित कर सकती है, जिससे शरीर में लकवा होने का खतरा रहता है। गंभीर स्थिति में यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, पोलियो वायरस सबसे पहले गले और फिर आंतों को संक्रमित करता है। इस दौरान फ्लू जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। संक्रमण बढ़ने पर यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। पोलियो एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकती है।
विश्व पोलियो दिवस का इतिहास
विश्व पोलियो दिवस की शुरुआत साल 1985 में हुई थी। इसे रोटरी इंटरनेशनल की ओर से विकसित पहली पोलियो वैक्सीन से जुड़े प्रमुख चिकित्सा शोधकर्ता डॉ। जोनास साल्क के योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाने लगा। तब से हर साल 24 अक्टूबर को यह दिन मनाया जाता है।
विश्व पोलियो दिवस का महत्व
पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो खासकर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। इससे बचाव के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। साल 1988 में ग्लोबल पोलियो इरेडिकेशन इनिशिएटिव (GPEI) की शुरुआत के बाद दुनिया भर में पोलियो के मामलों में 99 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है। भारत को भी साल 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। इसके बावजूद बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के लिए बच्चों का टीकाकरण जारी रखना जरूरी है। विश्व पोलियो दिवस इसी दिशा में लोगों को जागरूक करने और पोलियो से बचाव के प्रयासों को जारी रखने की याद दिलाता है।
विश्व पोलियो दिवस 2026 की थीम
हर साल इस दिन के लिए एक खास थीम तय की जाती है। साल 2026 में विश्व पोलियो दिवस की थीम "One Day, One Focus: Ending Polio for Good" (एक दिन, एक लक्ष्य: पोलियो का हमेशा के लिए खात्मा) रखी गई है। यह थीम पोलियो को पूरी तरह खत्म करने के साझा लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करती है।
पोलियो कैसे फैलता है?
पोलियो वायरस फैलने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
शौचालय से आने के बाद हाथ अच्छी तरह न धोना
दूषित पानी पीना या उससे खाना बनाना
संक्रमित व्यक्ति के थूक, लार या मल के संपर्क में आना
दूषित पानी में तैरना
दूषित भोजन खाना
पोलियो के लक्षण
पोलियो होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
गले में खराश
बुखार
सिरदर्द
पेट में दर्द
उल्टी
दस्त
थकान
गर्दन और पीठ में अकड़न
मांसपेशियों में दर्द
हाथ या पैर हिलाने में परेशानी
पोलियो से बचाव कैसे करें?
पोलियो से बचने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। भारत में बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन यानी मुंह से दी जाने वाली पोलियो की खुराक पिलाई जाती है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाना जरूरी है, ताकि उन्हें इस बीमारी से बचाया जा सके।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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