Latest Updates
-
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय
Bengaluru Water Crisis : चिरंजीवी को सताई जल संकट की चिंता, एक्टर ने शेयर किए पानी बचाने के टिप्स
Bengaluru Water Crisis : भारत की सिलिकॉन वैली बेंगलुरु इस वक्त पानी की कमी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने मार्च के दूसरे हफ्ते से पानी की बर्बादी रोकने के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। कई एक्सपर्ट इस समस्या को देखते हुए वाटर कंजर्वेशन यानी जल संरक्षण के महत्वपूर्ण उपाय बता रहे हैं।
वहीं तेलगु एक्टर और मेगा स्टार चिरंजीवी ने भी बेंगलुरु में बढ़ते जल संकट पर ट्विटर पर कन्नड़ भाषा में एक पोस्ट शेयर किया और चेतावनी देते हुए कहा है कि अन्य शहरों को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने इस पोस्ट के जरिए बताया है कि बेंगलुरु में स्थित उनके फार्महाउस को जल संकट की समस्या से बचाने के लिए उन्होंने जल संरक्षण उपायों का सहारा लिया हैं। एक्टर ने अपने पोस्ट के जरिए वाटर कंजर्वेशन टिप्स भी शेयर किए हैं।
पुनर्भरण कुंओं के जरिए कर रहे हैं वाटर कंजरर्वेशन
चिरंजीवी ने अपने पोस्ट में कहा कि उनके बेंगलुरु फार्महाउस के पूरे क्षेत्र में योजनागत तरीकों से 20 से 36 फीट की गहराई तक के रिचार्ज कुएं बनाए गए हैं।
इन कुंओं को इस तरह डिजाइन किया गया है जिसमें सतह का पानी ढलान के जरिए इन पुनर्भरण कुंओं में पहुंचता हैं। हर कुंए में फिल्टर सिस्टम हैं जो पानी में मौजूद अशुद्धियों को छानकर उसे इस्तेमाल करने योग्य बनाता हैं।
उन्होंने बताया कि रिचार्ज वेल्स यानी पुनर्भरण कुंओं की ये खासियत है कि यह इसमें दूसरे स्टोरेज सिस्टम की तुलना में आप ज्यादा मात्रा में पानी स्टोर कर सकते हैं।
पर्माकल्चर टेक्निक के जरिए पानी की कम खपत
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेंगलुरु फार्महाउस को जीवंत और आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से पर्माकल्चर के सिद्धांतों पर भी काम किया है। इसमें इस टेक्निक के जरिए आप नेचर के जरिए ही कम पानी से गार्डनिंग और दूसरे काम कर सकते हैं।
इसके अलावा चिरंजीवी ने लोगों से वर्षा जल संचयन प्रथाओं पर अमल करने और पर्यावरण के अनुकूल आवासों का निर्माण करने पर जोर दिया।



Click it and Unblock the Notifications
